September 23, 2026

Panipat POCSO Court Verdict: कमरे में बंद कर मासूम से की थी हैवानियत, फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोषी को भेजा जेल

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Panipat POCSO Court Verdict: कमरे में बंद कर मासूम से की थी हैवानियत, फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोषी को भेजा जेल

कमरे में बंद कर मासूम से की थी हैवानियत

Panipat POCSO Court Verdict: पानीपत की विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मासूम बच्चियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर कड़ा संदेश दिया है। नाबालिग किशोरी को हवस का शिकार बनाने, बंधक बनाने और जान से मारने की धमकी देने के संवेदनशील मामले में फैसला सुनाते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पीयूष शर्मा की अदालत ने आरोपी सौरभ को दोषी ठहराया है। कोर्ट ने दोषी को 20 साल के कारावास की सजा सुनाते हुए उस पर 65 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

यह पूरा मामला दिसंबर 2024 का है, जब पानीपत के तहसील कैंप थाना क्षेत्र में रहने वाली एक महिला ने अपनी बेटी के अचानक गायब होने की शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता की मां के मुताबिक, उन्होंने अपनी नाबालिग बेटी को घर के पास स्थित दुकान से रसोई का सामान लेने भेजा था। जब काफी समय बीत जाने के बाद भी बच्ची लौटकर नहीं आई, तो परिजनों के हाथ-पांव फूल गए और उन्होंने आसपास की गलियों में उसकी तलाश शुरू की।

बहला-फुसलाकर कमरे में बनाया बंधक, परिजनों ने रंगे हाथ दबोचा

इलाके में छानबीन के दौरान परिजनों को सूचना मिली कि पड़ोस में रहने वाला 21 वर्षीय युवक सौरभ उनकी बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने किराए के कमरे में ले गया है। शक गहराने पर जब परिजन भागकर सौरभ के कमरे पर पहुंचे और दरवाजा खटखटाया, तो अंदर मौजूद आरोपी ने झूठ बोलकर उन्हें टालने और गुमराह करने की नाकाम कोशिश की।

हालाँकि, परिजनों को अंदर से रोने की आवाज आई तो वे जबरन दरवाजा खोलकर कमरे में दाखिल हो गए। अंदर का नजारा देख परिजनों के होश उड़ गए; मासूम बच्ची एक कोने में सहमी हुई रो रही थी। बच्ची ने परिजनों को आपबीती बताते हुए खुलासा किया कि सौरभ ने उसे जबरन कमरे में बंद कर दिया और मुंह दबाकर दुष्कर्म किया। शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई।

पुलिस की मजबूत पैरवी से मिला त्वरित न्याय

घटना के तुरंत बाद परिजनों ने तहसील कैंप थाना पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने बिना कोई वक्त गंवाए त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी सौरभ (मूल निवासी उत्तर प्रदेश, हाल निवासी पानीपत) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए और समय पर अदालत में चार्जशीट दाखिल की।

फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों और फॉरेंसिक सबूतों को मजबूती से पेश किया। अदालत ने मामले की गंभीरता और बच्ची के साथ हुई हैवानियत को देखते हुए आरोपी को किसी भी तरह की राहत देने से इनकार कर दिया और 20 साल कैद की सख्त सजा सुनाई।

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