Panipat Cyber Crime: पानीपत में कपड़ा कारोबारी से 7 लाख की साइबर ठगी, कंप्यूटर हैक कर फर्जी व्हाट्सएप से उड़ाई रकम
Panipat Cyber Crime: पानीपत में कपड़ा कारोबारी से 7 लाख की साइबर ठगी, कंप्यूटर हैक कर फर्जी व्हाट्सएप से उड़ाई रकम
Panipat Cyber Crime: तकनीक के इस दौर में साइबर अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसका ताजा उदाहरण पानीपत से सामने आया है। यहां अंसल सुशांत सिटी (Ansal Sushant City Panipat) निवासी एक कपड़ा कारोबारी को शातिर ठगों ने 7 लाख रुपये का चूना लगा दिया।
ठगों ने न केवल व्यापारी की फर्म के मुख्य कंप्यूटर में वायरस भेजकर संवेदनशील डेटा में सेंध लगाई, बल्कि मालिक के नाम का फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट (WhatsApp Fraud Panipat) बनाकर अकाउंटेंट को झांसे में ले लिया। हफ्तों बाद जब बैंक खाते की स्टेटमेंट खंगाली गई, तब इस हाईटेक फ्रॉड का पर्दाफाश हुआ।
ग्वालियर की फर्म के नाम से आई जिप फाइल, खोलते ही कंप्यूटर हुआ हैक
पीड़ित कारोबारी अभिनंदन जैन के मुताबिक, उनकी फर्म में हासिम अंसारी बतौर अकाउंटेंट काम संभालते हैं। ठगी का यह पूरा खेल 11 अगस्त को शुरू हुआ, जब अकाउंटेंट के व्हाट्सएप पर ग्वालियर (मध्य प्रदेश) की एक नामी व्यावसायिक पार्टी के नाम से मैसेज आया।
मैसेज के साथ एक जिप (Online Fraud Haryana) फाइल अटैच (Zip File Virus Fraud) थी और लिखा था, कि फाइल को वेरिफिकेशन के लिए फाइनेंस मैनेजर को भेजें और कंप्यूटर पर खोलें। अकाउंटेंट ने बिना किसी आशंका के उस संदिग्ध फाइल को फर्म का हिसाब-किताब रखने वाले मुख्य कंप्यूटर में खोल दिया। फाइल खोलते ही ठगों ने कंप्यूटर का पूरा एक्सेस और डेटा अपने नियंत्रण में ले लिया।
मालिक बनकर पूछा बैलेंस, फिर अकाउंटेंट से ट्रांसफर करवा लिए 7 लाख
डेटा हैक करने के बाद ठगों ने साजिश के दूसरे चरण को अंजाम दिया। 24 अगस्त को आरोपी ने अकाउंटेंट के मोबाइल में कारोबारी अभिनंदन जैन के नाम से एक अनजान नंबर जोड़ दिया।
फर्जी व्हाट्सएप प्रोफाइल से मैसेज भेजकर फर्म के तीनों बैंक खातों का बैलेंस पूछा गया। अपने मालिक का आदेश समझकर अकाउंटेंट ने तीनों खातों का स्क्रीनशॉट भेज दिया। इसके तुरंत बाद ठग ने एक खाते में 20 लाख रुपये डालने का निर्देश दिया। अकाउंटेंट ने जब बताया कि संबंधित खाते में 7.97 लाख रुपये ही हैं, तो ठग ने तुरंत 7 लाख रुपये ट्रांसफर करने को कहा। झांसे में आए अकाउंटेंट ने बिना पुष्टि किए रकम अज्ञात खाते में भेज दी।
18 सितंबर को पासबुक एंट्री में खुला राज, साइबर थाने में मामला दर्ज
इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब 18 सितंबर को व्यापारी अभिनंदन जैन ने अपनी फर्म के बैंक खातों की स्टेटमेंट चेक की। खाते से 7 लाख रुपये गायब देखकर उनके होश उड़ गए।
पूछताछ में जब पूरी कहानी सामने आई, तो पीड़ित ने तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 (Cyber Helpline 1930) पर संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद 20 सितंबर को पानीपत के साइबर थाना पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी गई। पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जिस खाते में रकम ट्रांसफर हुई है, उसकी जांच शुरू कर दी है।
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