Punjab Teacher Recruitment : पंजाब में जल्द शुरू होगी अध्यापकों की नई भर्ती
Punjab Teacher Recruitment : पंजाब में जल्द शुरू होगी अध्यापकों की नई भर्ती
Punjab Teacher Recruitment : चंडीगढ़ के प्रशासनिक हलकों में बुधवार का दिन कर्मचारी संगठनों और सरकार के बीच संवाद के नाम रहा। कर्मचारियों से जुड़े तमाम पेचीदा मामलों को सुलझाने के लिए बनाई गई कैबिनेट सब-कमेटी के चेयरमैन और सूबे के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने एक के बाद एक कई अहम बैठकें कीं।
इन बैठकों में मुख्य रूप से शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी 10 अलग-अलग यूनियनों के नुमाइंदों के अलावा बिजली विभाग के थर्मल प्लांट कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। वित्त मंत्री ने हर एक यूनियन की बात को बेहद गौर से सुना और उनकी तमाम जायज मांगों का तय समय सीमा में समाधान निकालने का भरोसा दिलाया।
बैठक के दौरान शिक्षा यूनियनों ने मुख्य रूप से नए अध्यापकों की भर्ती, अटके हुए तबादलों और वेतन ढांचे में जरूरी सुधार से जुड़े मुद्दे जोरदार तरीके से उठाए। इस पर स्थिति स्पष्ट करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने साफ किया कि भगवंत मान सरकार ने शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पर पहले ही काम शुरू कर दिया है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि योग्य उम्मीदवारों से आवेदन मांगने के लिए विज्ञापन बहुत जल्द जारी किए जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को यह सख्त ताकीद की है कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं में किसी भी तरह की हीला-हवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन मामलों में कैबिनेट की मुहर लगना जरूरी है, उन फाइलों को बिना किसी देरी के आगे बढ़ाया जाए।
बैकलॉग और लंबित मामलों के निपटारे के निर्देश
अध्यापकों की भर्तियों से जुड़े पुराने बैकलॉग और जटिल मामलों को सुलझाने के लिए वित्त मंत्री ने अधिकारियों को ठोस रणनीति बनाने को कहा है। उन्होंने शिक्षा विभाग को यह निर्देश दिए कि वे सामाजिक सुरक्षा, खेल, रक्षा सेवाएं कल्याण और कार्मिक (पर्सोनल) विभाग के साथ मिलकर एक संयुक्त बैठक करें, ताकि कागजों में उलझे लंबित मामलों का त्वरित और स्थायी समाधान निकाला जा सके।
थर्मल प्लांट कर्मचारियों की मांगों पर भी हुई चर्चा
शिक्षा जगत के प्रतिनिधियों के अलावा बैठक के दूसरे दौर में थर्मल प्लांट कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने भी अपनी समस्याएं रखीं। वित्त मंत्री ने बिजली विभाग के अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए कि कर्मचारियों की इन जायज मांगों का बिना किसी अतिरिक्त विलंब के समाधान किया जाए। इस पूरी मैराथन बैठकों के दौरान विभिन्न यूनियनों के तमाम पदाधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपकर सरकार के समक्ष अपनी बात रखी।
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