Kaithal Cyber Fraud: कैथल में हैरान करने वाली साइबर ठगी, मोबाइल ऑटो-अपडेट होते ही खाता खाली, पीड़ित के 2.30 लाख रुपये उड़ाए
कैथल में हैरान करने वाली साइबर ठगी, मोबाइल ऑटो-अपडेट होते ही खाता खाली
Kaithal Cyber Fraud: डिजिटल दौर में साइबर अपराधी ठगी के नित नए और खतरनाक हथकंडे अपना रहे हैं। कैथल जिले के गांव सेरधा से एक ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति का मोबाइल फोन हैक कर शातिरों ने उसके बैंक खाते पर साफ हाथ मार दिया। पीड़ित का फोन अपने आप अपडेट मोड पर गया और जैसे ही रीस्टार्ट हुआ, उसके स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI Account Fraud) के खाते से 2 लाख 30 हजार रुपये की रकम गायब हो चुकी थी।
घटना के बाद पीड़ित ने तुरंत कैथल के साइबर क्राइम पुलिस थाने में पहुंचकर अपनी आपबीती सुनाई। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर अज्ञात साइबर ठग के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
ऑटो-अपडेट के बाद आए मैसेज, खाते का बैलेंस देख उड़े होश
साइबर थाने में दी गई शिकायत में सेरधा गांव के रहने वाले महेश कुमार ने बताया कि उनका बैंक खाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में है, जिसमें उनका मौजूदा मोबाइल नंबर पंजीकृत है। बीते 21 सितंबर को जब वह सामान्य दिनों की तरह अपना मोबाइल इस्तेमाल कर रहे थे, तो अचानक उनका फोन हैंग होकर अपने आप ऑटो-अपडेट होने लगा।
महेश के मुताबिक, कुछ देर तक स्क्रीन लॉक रहने के बाद जब फोन दोबारा सामान्य स्थिति में आया, तो उनके स्क्रीन पर बैंक से पैसे कटने के कई ट्रांजैक्शन मैसेज फ्लैश हो रहे थे। अनहोनी की आशंका होने पर महेश ने जब तुरंत अपना बैंक बैलेंस चेक किया, तो उनके होश उड़ गए। उनके खाते से अलग-अलग किश्तों में कुल 2,30,000 रुपये की बड़ी रकम ट्रांसफर कर ली गई थी।
एपीके फाइल (APK File) या संदिग्ध लिंक से हैकिंग का शक, पुलिस जांच में जुटी
प्राथमिक दृष्टि में यह मामला किसी संदिग्ध लिंक (Phishing Link) या ‘APK फाइल’ के जरिए मोबाइल में मालवेयर (Malware) डालकर फोन को रिमोट पर लेने का लग रहा है। साइबर ठग अक्सर स्क्रीन शेयरिंग ऐप या फर्जी सॉफ्टवेयर अपडेट के नाम पर मोबाइल का पूरा कंट्रोल अपने हाथ में ले लेते हैं और वन टाइम पासवर्ड (OTP) बाईपास कर बैंक खातों को खाली कर देते हैं।
साइबर थाना के जांच अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जिस बैंक खाते और यूपीआई/वॉलेट आईडी में यह रकम ट्रांसफर की गई है, उसकी पूरी ट्रेल निकाली जा रही है। पुलिस का दावा है कि साइबर सेल की तकनीकी टीम मामले की गहनता से जांच कर रही है और जल्द ही आरोपी को ट्रेस कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
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