Rohtak Crime: रोहतक में मासूम से हैवानियत, 10 दिन बीते, 4 बार बयान दर्ज, फिर भी आरोपी तक नहीं पहुंच पाई पुलिस
रोहतक में मासूम से हैवानियत, 10 दिन बीते, 4 बार बयान दर्ज, फिर भी आरोपी तक नहीं पहुंच पाई पुलिस
Rohtak Crime: हरियाणा के रोहतक जिले के एक प्राइवेट स्कूल में साढ़े चार साल की बच्ची के साथ हुई दरिंदगी के मामले में घटना के 10 दिन बाद भी पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। (Rohtak Minor Assault Case) मासूम के साथ हुई इस खौफनाक वारदात के बाद से इलाके के लोगों में भारी गुस्सा है, लेकिन आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। जांच के नाम पर पुलिस पीड़ित बच्ची के चार बार बयान दर्ज करा चुकी है, जबकि विशेष जांच टीम (Rohtak Police SIT Investigation) परिवार के 10 सदस्यों से मैराथन पूछताछ कर चुकी है।
पुलिस की जांच पर सवाल, परिवार बोला- 10 दिन से दर-दर भटक रहे
पीड़ित परिवार का आरोप है कि वे न्याय के लिए पिछले 10 दिनों से पुलिस अधिकारियों और जांच एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक न तो आरोपी की पहचान हो पाई है और न ही कोई गिरफ्तारी हुई है। (Meham DSP Tanuj Sharma) पुलिस जांच के नाम पर केवल परिजनों से ही बार-बार सवाल-जवाब कर रही है। अब मामले की जांच में जुटे महम के डीएसपी तनुज शर्मा ने शुक्रवार को एक बार फिर पीड़ित परिवार को थाने में पूछताछ के लिए तलब किया है।
15 सितंबर को सामने आई थी खौफनाक सच्चाई
मामला 15 सितंबर को तब सामने आया जब परिजनों ने बच्ची के प्राइवेट पार्ट पर गंभीर चोट और रेडनेस देखी। सहमे परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने बच्ची के साथ गलत काम होने की आशंका जताई। 16 सितंबर को परिजन स्कूल पहुंचे और प्रिंसिपल से शिकायत की, जिसके बाद बच्ची को रोहतक पीजीआई (PGI) ले जाया गया जहां उसकी एमएलआर (MLR) काटी गई।
घटना के बाद से अब तक का घटनाक्रम
17 सितंबर: डॉक्टरों की पुष्टि के बाद गुस्साए परिजन स्कूल पहुंचे और हंगामा किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और स्कूल के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज कब्जे में लिए।
18 सितंबर: सीसीटीवी जांच के दौरान एक फुटेज में एक बच्चा क्लास से निकलकर वॉशरूम की तरफ जाता दिखा। इसी दिन चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) की टीम ने पीजीआई पहुंचकर बच्ची का हाल जाना।
19 सितंबर: सीडब्ल्यूसी और पुलिस की एसआईटी टीम बच्ची के घर पहुंची और परिजनों के सामने शुरुआती जानकारी जुटाई।
20 और 22 सितंबर: बच्ची को कोर्ट ले जाया गया, जहां बीएनएस (BNS) की धारा 183 के तहत मजिस्ट्रेट के सामने दो बार उसके बयान दर्ज कराए गए। बच्ची ने अपने बयानों में स्कूल का जिक्र किया है।
24 सितंबर: एसआईटी ने महिला थाने में बच्ची के माता-पिता, दादा-दादी, ताऊ-ताई, नाना-नानी और मामा समेत 10 सदस्यों को बुलाकर अलग-अलग कमरों में कई घंटों तक पूछताछ की।
जांच जारी है, जल्द करेंगे खुलासा: पुलिस
लाखनमाजरा थाना (Lakhan Majra Police Station) प्रभारी अनिल कुमार ने बताया कि पुलिस और एसआईटी की टीमें सभी वैज्ञानिक और तकनीकी पहलुओं पर गंभीरता से काम कर रही हैं। स्कूल के सीसीटीवी फुटेज और मिले साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि मामले की गुत्थी सुलझाकर जल्द ही आरोपी को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
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