Narnaul: मां की राजनीतिक आकांक्षाओं को पूरा करेंगे पाएंगे सिद्धार्थ!
Narnaul: धर्म नारायण शर्मा। नारनौल
जंतर मंतर पर जेन जी के प्रदर्शन के बाद अब सभी राजनीतिक दल युवा वर्ग पर अपना फोकस बने हुए हैं। उन्हें साधने, नाराजगी दूर करने के साथ ही इस युवा पीढ़ी में अपने राजनीतिक अरमानों को पूरा करने की राह भी तलाशी जा रही है।
हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी भी जेन जी को फोकस में रखकर अगली चुनावी तैयारी में है। भाजपा संसदीय बोर्ड की सदस्य और पूर्व सांसद डॉ सुधा यादव के बेटे सिद्धार्थ यादव को कुछ समय पहले ही राष्ट्रीय मीडिया सह प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। नई भूमिका में आते ही सिद्धार्थ यादव ने अपनी राजनीतिक सरगर्मियां भी बढ़ा दी है।

गुरुग्राम से रेवाड़ी तक सामाजिक अभिनंदन के नाम पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम में वे शामिल हुए। अब महेंद्रगढ़ जिले में भी शनिवार को सिद्धार्थ यादव का आगमन होगा। नारनौल के सीएल फॉर्म में 26 सितंबर को उनका अभिनंदन समारोह आयोजित किया जाएगा। बड़ी बात यह है कि इसे केवल उनके समर्थकों की ओर से आयोजित किया जाएगा। भारतीय जनता पार्टी के बैनर का इस्तेमाल नहीं होगा। उनके समर्थक ही यह सम्मान समारोह आयोजित कर रहे हैं।
यहां बता दें कि सिद्धार्थ यादव कारगिल शहीद डिप्टी कमांडेंट सुखबीर सिंह के पुत्र है। उनकी मां डॉक्टर सुधा यादव 1991 में रेवाड़ी-महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ी थी। कारगिल युद्ध में उनके पति के शहीद होने से सहानुभूति की लहर का लाभ उन्हें मिला और उन्होंने तात्कालिक दिग्गज नेता राव इंद्रजीत सिंह को हराया। हालांकि उसके बाद अगले चुनाव में वे हार गई।
तब से अब तक उनके मन में अनेक बार चुनाव लड़ने की इच्छा जागृत रही है, किंतु वे अरमान अभी भी अधूरे हैं। संभवत यही कारण है कि अब सुधा यादव अपने अधूरे सपनों को पुत्र सिद्धार्थ के माध्यम से पूरा होते देखना चाहेंगी।
डॉ सुधा यादव भाजपा संगठन में राष्ट्रीय स्तर पर अनेक जिम्मेवारियां संभाल चुकी हैं। अब उनके 30 वर्षीय पुत्र सिद्धार्थ यादव राष्ट्रीय जिम्मेवारी मिलने के बाद बड़ी सक्रियता से दक्षिण हरियाणा में अपनी माता की राजनीतिक कर्मभूमि पर सक्रिय हुए हैं।
जानकारी के मुताबिक उनके कार्यक्रम अभी केवल सामाजिक अभिनंदन समारोह तक ही सीमित रहेंगे। गुरुग्राम और रेवाड़ी में जो सम्मान समारोह हुए, उनमें सिद्धार्थ ने किसी भी प्रकार की चुनावी राजनीति में उतारने का कोई संकेत नहीं दिया है। शायद वे समय और सही अवसर की तलाश में है।
यहां बता दें कि सिद्धार्थ यादव 30 वर्ष के हैं। सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता संघ से जुड़ रहे हैं। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता की जिम्मेवारी भी संभाल चुके हैं। अब उन्हें पार्टी ने राष्ट्रीय मीडिया सह प्रभारी की जिम्मेदारी दी है।
भविष्य में अब यह भी देखना बाकी है कि पार्टी उनका संगठनात्मक दृष्टि से किस प्रकार का इस्तेमाल करेगी। इतना जरूर है कि दक्षिण हरियाणा में सिद्धार्थ यादव की एकाएक हुई सक्रियता से हरियाणा की राजनीति में नई संभावनाओं पर चर्चा जरूर शुरू हो गई है।
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