shahbad anaj mandi: कुरुक्षेत्र में धान खरीद पर फंसा पेच, प्रशासनिक दावों के बीच मंडियों में लगे 6.50 लाख क्विंटल फसल के ढेर
कुरुक्षेत्र में धान खरीद पर फंसा पेच, प्रशासनिक दावों के बीच मंडियों में लगे 6.50 लाख क्विंटल फसल के ढेर
shahbad anaj mandi: प्रशासन और किसान संगठनों के बीच हुई कई दौर की वार्ताओं और सहमति के बावजूद मंडियों में धान की सरकारी खरीद पटरी पर नहीं लौट पा रही है। कुरुक्षेत्र जिले की प्रमुख शाहबाद अनाज मंडी में बीते शुक्रवार शाम तक धान की सरकारी खरीद का खाता तक नहीं खुल सका। प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों को भरोसा दिलाया था कि 25 सितंबर से बाकायदा गेट पास कटने शुरू हो जाएंगे और आवक की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ेगी, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से पूरी तरह जुदा नजर आई।
कागजों में अटका भरोसा, मंडियों में लगे फसलों के ढेर
शुक्रवार शाम तक मंडी में एक भी सरकारी गेट पास जारी नहीं किया जा सका। आलम यह रहा कि खरीद शुरू होने से पहले की जाने वाली डेटा वेरिफिकेशन की कागजी प्रक्रिया तक पूरी नहीं हो सकी। इससे पहले 23 सितंबर को प्रशासनिक अधिकारियों और किसानों की बैठक में बनी सहमति के बाद ही धरना समाप्त किया गया था। अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि शुक्रवार से गेट पास जारी कर मंडी में पहुंची उपज को सुखाने, फोटोग्राफी और बायोमेट्रिक सत्यापन जैसे चरणों को तेजी से निपटाया जाएगा। इसके उलट पूरी व्यवस्था ठप रहने से किसानों और आढ़तियों की चिंताएं फिर गहरा गई हैं।
इस बीच, मंडियों में धान की आवक लगातार बनी हुई है। अकेले कुरुक्षेत्र जिले की विभिन्न मंडियों में अब तक 6.5 लाख क्विंटल से अधिक धान पहुंच चुका है। थानेसर मार्केट कमेटी के सचिव हरजीत सिंह के मुताबिक, “पिछले साल थानेसर मंडी में लगभग 19.50 लाख क्विंटल धान आया था और इस बार भी इतनी ही आवक का अनुमान है। अब तक 90 हजार क्विंटल से ज्यादा पीआर (PR) किस्म की धान आ चुकी है। मौसम के मिजाज को देखते हुए आढ़तियों को तिरपाल का पुख्ता प्रबंध रखने के निर्देश दिए गए हैं।”
पिहोवा में किसानों का घेराव और राइस मिलर्स का गतिरोध
समय पर व्यवस्था शुरू न होने से नाराज किसानों का सब्र पिहोवा में जवाब दे गया, जहां उन्होंने मार्केट कमेटी कार्यालय का घेराव कर जोरदार नारेबाजी की। स्थिति भांपते ही हैफेड और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग (DFSC) के खरीद निरीक्षक मौके पर पहुंचे और किसानों को शांत कराया। पिहोवा मार्केट कमेटी सचिव चंद्र सिंह ने बताया कि सर्वर और पोर्टल से जुड़ी तकनीकी खामियों के कारण गेट पास जारी करने में रुकावट आई है, जिसे जल्द दुरुस्त कर लिया जाएगा।
दूसरी तरफ, मंडी से फसल का उठान और राइस मिलर्स का गतिरोध भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। राइस मिलर्स सरकार द्वारा शैलर रजिस्ट्रेशन के लिए सिक्योरिटी डिपॉजिट की राशि 10 लाख रुपये से बढ़ाकर सीधे 50 लाख रुपये किए जाने और पिछले दो साल से अटके बोनस को लेकर सख्त नाराज हैं। बीकेयू (चढूनी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने चेतावनी दी है कि वे चंडीगढ़ में उच्च अधिकारियों के संपर्क में हैं और यदि जल्द आधिकारिक अधिसूचना जारी कर खरीद शुरू नहीं हुई, तो संगठन आपात बैठक बुलाकर बड़े आंदोलन का रास्ता अख्तियार करेगा।
यह भी पढ़ें– हरियाणा में बदला मौसम का मिजाज, 13 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, जानें आपके जिले में कैसा रहेगा हाल
