September 26, 2026

Narnaul : नारनौल में साइबर ठगी, रिटायर्ड गेस्ट लेक्चरर को डिजिटल अरेस्ट कर 23 लाख ठगे

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Narnaul : नारनौल में साइबर ठगी, रिटायर्ड गेस्ट लेक्चरर को डिजिटल अरेस्ट कर 23 लाख ठगे

प्रतीकात्मक फोटो

Narnaul : साइबर ठगों ने ठगी का एक नया और बेहद खौफनाक तरीका अपनाते हुए हरियाणा के नारनौल में एक रिटायर्ड गेस्ट लेक्चरर को ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर 23 लाख रुपए की भारी-भरकम ठगी को अंजाम दिया है।

 

 

ठगों ने महाराष्ट्र पुलिस का अधिकारी बनकर महिला को वीडियो कॉल की और पहलगाम हमले तथा 195 करोड़ रुपए की टेरर फंडिंग से जोड़कर इस पूरी वारदात को अंजाम दिया।

 

 

फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर डराया

मामला बीते 2 सितंबर का है। शाम के वक्त पीड़िता के मोबाइल पर एक वॉट्सऐप वीडियो कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को महाराष्ट्र पुलिस का बड़ा अधिकारी बताते हुए दावा किया कि उनका नाम पहलगाम हमले में सामने आया है।

 

 

ठगों ने न केवल उनकी निजी जानकारियां हासिल कीं, बल्कि उन्हें यह कहकर धमकाया कि इस बातचीत को पूरी तरह गुप्त रखा जाए, अन्यथा उनकी जान को खतरा भी हो सकता है।

 

 

 

195 करोड़ की टेरर फंडिंग का झांसा

खुद को बुरी तरह घबराया हुआ पाकर ठगों ने महिला पर दबाव बढ़ाते हुए कहा कि उनके नाम से केनरा बैंक में एक खाता खुला है, जिसमें 195 करोड़ रुपए की अवैध टेरर फंडिंग आई है।

 

जब पीड़िता ने ऐसा कोई भी खाता होने से साफ इनकार किया, तो ठगों ने उनकी अन्य बैंक डिटेल और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की जानकारी ले ली। उन्होंने विश्वास में लेने के लिए कहा कि एफडी में जमा रकम की जांच अनिवार्य है और यह रकम आरबीआई (RBI) में जमा होगी, जो वेरिफिकेशन के बाद वापस लौटा दी जाएगी।

 

 

बैंक से पैसे निकलवाकर खाते में ट्रांसफर करवाए

ठगों के बताए जाल में फंसकर महिला देर रात तक वीडियो कॉल पर जुड़ी रहीं। अगले दिन सुबह वह नारनौल स्थित पीएनबी (PNB) बैंक पहुंचीं और अपनी एफडी तुड़वाकर, ठगों द्वारा बताए गए बैंक ऑफ इंडिया के एक खाते में 23 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए।

 

 

पुलिस में मामला दर्ज, जांच शुरू

पैसे ट्रांसफर करने के बाद जब ठगों का बर्ताव बदला और संपर्क टूटा, तब महिला को अपने साथ हुई ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने तुरंत 4 सितंबर को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद साइबर क्राइम पंचकूला से ई-जीरो एफआईआर नारनौल पुलिस को ट्रांसफर की गई।

 

 

पीड़िता की लिखित शिकायत और साइबर पोर्टल की रिपोर्ट के आधार पर नारनौल के साइबर क्राइम थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब वॉट्सऐप चैट, बैंक ट्रांजैक्शन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुट गई है।

 

 

 

यह भी देखें –  साइबर ठगी का शिकार हुए कॉलेज लेक्चरर, खाते से उड़े 3.76 लाख रुपये

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