Guru Granth Sahib Satkar Act Punjab : CM Bhagwant Mann आज करेंगे 7 सदस्यीय कमेटी संग बैठक
CM Bhagwant Mann आज करेंगे 7 सदस्यीय कमेटी संग बैठक
Guru Granth Sahib Satkar Act Punjab | CM Bhagwant Mann : पंजाब सरकार ने ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026’ को विधायी रूप से अटूट और अभेद्य बनाने के लिए कवायद तेज कर दी है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान रविवार को चंडीगढ़ स्थित अपने आवास पर राज्य सरकार द्वारा गठित सात सदस्यीय उच्चस्तरीय कमेटी के साथ अहम बैठक करेंगे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य कानून में प्रस्तावित संशोधनों पर व्यापक मंथन करना और श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा गठित पैनल के सुझावों को शामिल करना है।
बेअदबी के खिलाफ कानूनी ढाल मजबूत करने की कवायद
चंडीगढ़ में होने वाली इस उच्चस्तरीय बैठक में प्रस्तावित विधेयक के हर कानूनी, संवैधानिक और प्रक्रियात्मक पहलू पर विचार होगा। मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों के अनुसार, बैठक में इस बात पर विशेष ध्यान रहेगा कि कानून में कोई भी ऐसी तकनीकी कमी न छूट जाए जिसका लाभ उठाकर आरोपी बच निकलें।
पंजाब की धार्मिक और सामाजिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ऐसा कानूनी ढांचा तैयार करना चाहती है जो न केवल बेअदबी की घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाए, बल्कि भविष्य में भी समय की कसौटी पर खरा उतरे। मुख्यमंत्री मान ने स्पष्ट किया है कि अतीत की घटनाओं ने संगतों के मन को गहरी चोट पहुंचाई है, इसलिए इस कानून को पूरी संवेदनशीलता के साथ अंतिम रूप दिया जा रहा है।
सात सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति में पंथक और कानूनी हस्तियां शामिल
राज्य सरकार द्वारा गठित सात सदस्यीय कमेटी में सिख समाज की प्रमुख हस्तियों, कानूनी विशेषज्ञों और पूर्व पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया है। समिति में श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह, दमदमी टकसाल प्रमुख संत ज्ञानी हरनाम सिंह खालसा और संत बाबा सेवा सिंह रामपुर खेड़ा शामिल हैं।
कानूनी और प्रशासनिक अनुभव को जोड़ने के लिए सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति जसपाल सिंह, सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति गुरबीर सिंह, सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी जतिंदर सिंह औलख और लॉ अफसर प्रीत इंदर पाल सिंह को इस पैनल का हिस्सा बनाया गया है। यह समिति श्री अकाल तख्त साहिब के पैनल के साथ निरंतर संपर्क में रहकर सुझावों को संकलित करेगी।
बेअदबी रोकने के लिए अटूट कानून बनाने को प्रतिबद्ध: भगवंत मान
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बैठक से पूर्व बयान जारी कर कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पावन मर्यादा और पवित्रता की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक कानूनी विशेषज्ञों के साथ लंबे परामर्श के बाद तैयार किया गया था और अब इसमें और सुधार किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि बेअदबी की मंशा रखने वाले असामाजिक तत्वों के लिए यह कानून सख्त रुकावट के रूप में कार्य करेगा। सरकार पूरी जिम्मेदारी और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाते हुए सिख पंथ की भावनाओं के अनुरूप एक मिसाली कानून बनाकर विधानसभा में प्रस्तुत करेगी।
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