Narnaul: राव इंद्रजीत विरोधी अभियान को अब मिलेंगे नव प्राण
Narnaul: धर्म नारायण शर्मा। नारनौल
दक्षिणी हरियाणा की राजनीति अब नई करवट लेने की तैयारी में है। नामदार बनाम कामदार के नाम पर लड़ी जाने वाले इस राजनीतिक युद्ध की बिसात बिछाई जा चुकी है। एक ओर राव इंद्रजीत तथा चुनावी में उनका विरोधी पक्ष एक दूसरे की टिकट बंटवारे में काट भी करते दिखेंगे। चुनाव में भी भीतरघात की संभावनाओं के आसार बनेगे।
हालांकि आज का कार्यक्रम केवल भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सह मीडिया संयोजक व पूर्व सांसद डॉक्टर सुधा यादव के बेटे सिद्धार्थ यादव के अभिनंदन समारोह का था, लेकिन मंच और सभागार में उपस्थित चेहरे इस बात की पुष्टि कर रहे थे कि दक्षिण हरियाणा में अब अहीरवाल के दिग्गज नेता राव इंद्रजीत सिंह का विकल्प तलाशने के लिए पार्टी में नए सिरे से प्रयास शुरू हो गए हैं।
इस बात के संकेत कार्यक्रम में वक्ताओं की ओर से दिए भी गए।
बड़ी बात यह रही कि इस कार्यक्रम में मंच पर केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह से संबंध रखने वाले कार्यकर्ता गायब रहे, जबकि उनके विरोधी खेमे में गिने जाने वाले चेहरों की बहुतायत रही।
सिद्धार्थ यादव का अभिनंदन करने वालों में पार्टी के जिला अध्यक्ष डॉ यतेंद्र राव, पूर्व मंत्री डॉ अभय सिंह यादव, पूर्व विधायक सीताराम यादव, महेंद्रगढ़ के विधायक कंवर सिंह यादव, पूर्व डिप्टी स्पीकर संतोष यादव, जिला प्रमुख डॉ राकेश कुमार समेत अनेक ऐसे चेहरे थे जो राव इंद्रजीत के खेमे से दूरी बनाकर रखते आए हैं। हालांकि यह कार्यक्रम पार्टी की ओर से आयोजित नहीं था, फिर भी पार्टी के अनेक मंडलों के अध्यक्ष, प्रकोष्ठों के प्रभारी, अध्यक्ष व वरिष्ठ कार्यकर्ता उपस्थित हुए।
बड़ी बात यह रही कि राव इंद्रजीत सिंह के खास और नारनौल के विधायक ओमप्रकाश यादव ने भी इस कार्यक्रम से दूरी बनाकर रखी। जबकि कार्यक्रम शुरू होने से कुछ देर पहले विधायक जी पार्टी के जिला कार्यालय में आयोजित की गई उस बैठक में शामिल हुए थे, जिसमें रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह क्षेत्र वडनगर से वाराणसी तक चलाई गई यात्रा के जिला महेंद्रगढ़ में प्रवेश के समय नारनौल के बॉर्डर के गांव गोद बलाहा में आयोजित होने वाले कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई थी। इस कार्यक्रम में खुद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष डॉ अर्चना गुप्ता मौजूद रहेंगे। बैठक में कार्यकर्ताओं को जिम्मेवारी दी गई थी।
इस बैठक के बाद सभी वरिष्ठ पदाधिकारी, विधायक तथा पूर्व विधायक सीएल फार्म हाउस में आयोजित सिद्धार्थ यादव के स्वागत कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। लेकिन ओमप्रकाश यादव यहां गैर हाजिर रहे।
इस अभिनंदन समारोह में एक विशेष बात और सामने आई। यहां नामदार की जगह कामदार को महत्व दिए जाने का संदेश दिया गया।
यहां बता दें कि राव इंद्रजीत सिंह अक्सर अपने संबोधन में इस बात का जिक्र करना नहीं भूलते कि हरियाणा में तीन बार भारतीय जनता पार्टी की जो सरकार बनी, उसमें सबसे अधिक योगदान अहीरवाल यानि दक्षिण हरियाणा का रहा। इसका श्रेय हुए खुद की मेहनत को बताते रहे हैं।
दूसरा संदेश दिया गया कि पार्टी में अब युवाओं को विशेष तवज्जो दी जाएगी। यानी साफ है कि भविष्य में राव समर्थक और राव विरोधी धड़े की लड़ाई और मजबूत होती नजर आएगी।
यहां बता दे कि डॉक्टर सुधा यादव ने वर्ग 1999 में राव इंद्रजीत सिंह को महेंद्रगढ़ रेवाड़ी संसदीय क्षेत्र से पराजित किया था। जो गुरुग्राम के कपासहेड़ा बॉर्डर से लेकर नांगल चौधरी के राय मलिकपुर बॉर्डर तक का इलाका रहा है। हालांकि वर्तमान में गुरुग्राम अब अलग लोकसभा क्षेत्र के रूप में अस्तित्व में है।
सिद्धार्थ यादव ने भी शायद अपनी मां के द्वारा दिखाए गए रास्ते पर चलने की तैयारी कर ली हैं। यही कारण है कि उन्होंने दक्षिण हरियाणा के गुरुग्राम, रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ जिले को ही अपनी भविष्य की राजनीति का अगला केंद्र करार दिया और कहा कि यह उनकी जन्मस्थली और कर्मस्थली है।
उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा भी कि 1999 से जो प्रेम, स्नेह और पारिवारिक रिश्ता इस इलाके के लोगों से बना था। जो अब तक इन लोगों ने संभाल कर रखा है, उस सम्मान को वह सूद समेत इस इलाके की भलाई के लिए लौटाएंगे।
यानी सिद्धार्थ यादव दक्षिण हरियाणा को अपनी नई राजनीतिक कर्मभूमि और मां के द्वारा संचित की गई राजनीतिक धरती को पल्लवित पुष्पित करने की मंशा के साथ मैदान में उतर गए हैं।
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