Nangal Chaudhary : बूढ़वाल और बनिहाड़ी में डीजे और मृत्यु भोज पर पूर्ण प्रतिबंध, कुरीतियों के खात्में के लिए बनीं कमेटियां
बूढ़वाल में सामाजिक कुरीतियों के खात्में पर सहमति बनाती जाट सभा।
Nangal Chaudhary : (विजय यादव) परिवार में खुशी के अवसर पर डीजे बजाने का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है। जिससे ध्वनी प्रदुषण होने के साथ अश्लीलता एवं विवादित शिकायतों में इजाफा हुआ है। बचाव के लिए जाट समाज से समाज सुधार व युवा चरित्र निर्माण मिशन आरंभ किया है। बूढ़वाल व बनिहाड़ी में ग्रामीणों की मीटिंग हुई जिसमें डीजे को तत्काल प्रभाव से बंद करने का निर्णय लिया है। अन्य कुरीतियों के खात्में पर कमेटी का गठन किया गया है।
जाट सभा के प्रधान कुलदीप जेलदार की अगुवाई में चलाए जा रहे अभियान के तहत समाज ने तीन फैसलों को धरातल पर उतारने की दिशा में कदम बढ़ाया है। मृत्यु भोज पर रोक, दिवंगत के घर टीका लेन-देन बंद करने तथा समारोहों में लड़कियों द्वारा उपहार बांटने की परंपरा खत्म करने के फैसले को समाज के लोगों का समर्थन मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि पहले से तय तीन मुद्दे ही नहीं, बल्कि डीजे पर रोक लगाने की मांग भी प्रमुखता से उठ रही है। सत्यपाल दहिया ने कहा कि समय के साथ समाज को उन परंपराओं की समीक्षा करनी चाहिए, जो परिवारों पर आर्थिक दबाव डालती हैं।
बेटियों के भात देने मायके आने और उपहार बांटने की परंपरा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि रस्म निभाने के बजाय उसी धन का उपयोग परिवार के बुजुर्गों की देखभाल और बच्चों की शिक्षा में किया जाए तो उसका लाभ लंबे समय तक मिलेगा।
मृत्यु भोज को लेकर समाज ने स्पष्ट किया है कि दूर के रिश्तेदारों के लिए दाल या सब्जी-रोटी की सामान्य व्यवस्था रखी जा सकती है, लेकिन अन्य प्रकार के मृत्यु भोज पर रोक रहेगी। इसी प्रकार दिवंगत के घर टीका लेन-देन की परंपरा को भी बंद करने का फैसला लिया गया है।
फैसलों को केवल बैठकों तक सीमित रखने के बजाय लागू कराने के लिए हर गांव में पांच सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। ये कमेटियां लोगों से संवाद कर नियमों का पालन सुनिश्चित कराने का प्रयास करेंगी।
जरूरत पड़ने पर दूसरे गांवों की कमेटियों से भी सहयोग लिया जाएगा। बैठक में युवाओं को गांजा, चिट्टा समेत सभी प्रकार के नशे से दूर रहने की अपील की गई। वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक खर्च में संयम और युवाओं को नशे से बचाना दोनों ही आने वाली पीढ़ी के लिए जरूरी है।
इस अवसर पर सतबीर बडेसरा गहली, जसवंत शेहरावत, रामनिवास सरपंच, दिलीप मोहनपुर, लीलाराम सरपंच, अभय सिंह गांवड़ी जाट, ईश्वर तोताहेड़ी, कैप्टन धीरज, तारीफ सिंह, माड़ूराम भगतांवाली, पवन दोंगली, राजेंद्र मोहनपुर, सत्येंद्र सरपंच, मास्टर वीरेंद्र, सुरेंद्र थानेदार बूढ़वाल, लेखराम थानेदार कटारिया, रामकरण फौजी सहित समाज के अनेक लोग मौजूद रहे।
