Yamunanagar News: क्रेन संचालक रिषपाल हत्याकांड, दोस्ती निभाने के चक्कर में की रेकी, सीआईए-2 ने 2 दिन के रिमांड पर लिया
क्रेन संचालक रिषपाल हत्याकांड, दोस्ती निभाने के चक्कर में की रेकी, सीआईए-2 ने 2 दिन के रिमांड पर लिया
Yamunanagar News: यमुनानगर के चर्चित खारवन चौक क्रेन सर्विस संचालक रिषपाल उर्फ मंगा (Rishpal Manga) हत्याकांड में सीआईए-2 (CIA 2)की टीम को अहम कामयाबी मिली है। पुलिस ने मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए उन दो युवकों को धर दबोचा है, जिन्होंने वारदात को अंजाम देने से ठीक पहले शूटरों तक रिषपाल की पल-पल की लोकेशन पहुंचाई थी। पकड़े गए आरोपियों की पहचान बाल छप्पर निवासी मनोज कुमार और सुखमनजोत सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है।
लोकेशन मिलते ही शूटरों ने बरसाई थीं गोलियां
पुलिस जांच में सामने आया है कि 18 सितंबर की रात को हुई इस दुस्साहसिक वारदात से पहले आरोपियों ने गंगानगर कॉलोनी स्थित रिषपाल के क्रेन सर्विस कार्यालय की बकायदा घेराबंदी कर रेकी की थी। जैसे ही आरोपियों को यकीन हो गया कि रिषपाल दफ्तर के भीतर ही मौजूद है, उन्होंने तुरंत इसकी सूचना सीधे शूटरों को दे दी। इसके महज कुछ ही मिनटों बाद हथियारों से लैस बदमाश दफ्तर में दाखिल हुए और रिषपाल पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। इस दौरान बीच-बचाव करने आए रिषपाल के भांजे कमलजीत सिंह और उसके दोस्त राजीव को भी गोलियां लगी थीं।
दोस्ती के चक्कर में बने साजिश का मोहरा
सीआईए-2 द्वारा की जा रही कड़ाई से पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। अब तक की जांच में सामने आया है कि मनोज और सुखमनजोत ने इस रेकी के एवज में कोई सुपारी या पैसा नहीं लिया था, बल्कि उन्होंने कथित तौर पर ‘दोस्ती’ निभाने के चक्कर में इस खूनी वारदात की राह हमवार की। हालांकि, पुलिस अब रिमांड के दौरान यह खंगालने में जुटी है कि क्या वे सिर्फ लोकेशन देने तक सीमित थे या फिर उन्हें मंगा के कत्ल की पूरी साजिश का इल्म था।
मुसिंबल सरपंच के घर हुई फायरिंग से भी जुड़ रहे तार
इस बीच रिषपाल मंगा हत्याकांड की जांच का दायरा मुसिंबल गांव तक फैल गया है। हाल ही में मुसिंबल में सरपंच के घर पर हुई गोलीबारी की घटना को भी पुलिस इसी गिरोह से जोड़कर देख रही है। दोनों ही वारदातों में मोटरसाइकिल सवार तीन-तीन बदमाशों की मौजूदगी और उनके हुलिए में गहरा तालमेल मिला है। पुलिस को शक है कि दोनों वारदातों के पीछे एक ही शूटर गैंग का हाथ हो सकता है। फिलहाल छछरौली रोड समेत भागने के तमाम रास्तों के सीसीटीवी फुटेज (Police CCTV investigation)खंगाले जा रहे हैं।
मुख्य नामजद आरोपियों और शूटरों की तलाश तेज
गौरतलब है कि हमले के बाद घायल भांजे कमलजीत के बयानों पर पुलिस ने पुरानी रंजिश के तहत दलजीत कंग उर्फ बाबू, बीरू निवासी बाल छप्पर और रवि राजपूत के खिलाफ कत्ल की साजिश का मामला दर्ज किया था। अब रेकी करने वाले दो मददगारों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस इन नामजद आरोपियों, रेकी करने वाले युवकों और असल शूटरों का नेटवर्क ध्वस्त करने में जुट गई है। पुलिस का दावा है कि रिमांड के दौरान शूटरों के छिपे होने के ठिकानों का जल्द पता लगा लिया जाएगा।
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