उत्तरकाशी में दर्दनाक हादसा: अस्पताल की पुरानी आवासीय बिल्डिंग में आग, 75 वर्षीय महिला की जलकर मौत
उत्तरकाशी के अस्पताल की आवासीय बिल्डिंग में आग
Uttarkashi Hospital Fire: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले की मोरी तहसील के आराकोट स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की पुरानी आवासीय बिल्डिंग में मंगलवार देर रात भीषण आग लग गई। इस हादसे में 75 वर्षीय पार्वती जैन की जलकर मौत हो गई। वह पहले इसी स्वास्थ्य केंद्र में काम करती थीं और रिटायर होने के बाद परिसर में बने पुराने आवासीय भवन में रह रही थीं। जनपद आपातकालीन परिचालन केंद्र, उत्तरकाशी की 29 सितंबर को सुबह 7:30 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार, आग रात करीब 12:58 बजे लगी थी। देखते ही देखते आग ने पुराने आवासीय भवन को अपनी चपेट में ले लिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर सर्विस की टीमें मौके पर पहुंचीं।
हादसे में जान गंवाने वाली महिला की पहचान पार्वती जैन (75) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से देहरादून की रहने वाली थीं और आराकोट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सेवाएं देने के बाद रिटायर हुई थीं। रिटायरमेंट के बाद वह इसी परिसर के पुराने आवासीय भवन में रह रही थीं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, पार्वती जैन के कमरे में बिजली नहीं थी। इलाके में अत्यधिक ठंड होने के कारण उन्होंने कमरे में आग जलाई हुई थी। आशंका जताई जा रही है कि इसी वजह से आग लगी हो सकती है। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
आग बुझाने के लिए हिमाचल से भी बुलानी पड़ी टीम
आग इतनी तेजी से फैली कि स्थानीय फायर सर्विस के प्रयासों के बावजूद अतिरिक्त मदद की जरूरत पड़ी। इसके बाद हिमाचल प्रदेश के रोहड़ू से भी दमकल टीम को मौके पर बुलाया गया। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की फायर सर्विस टीमों ने मिलकर काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग की चपेट में आने से पार्वती जैन की मौत हो गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस हादसे में किसी अन्य व्यक्ति के हताहत होने की खबर नहीं है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। मृतका के शव का पंचनामा भरकर आगे की कानूनी प्रक्रिया की जा रही है। पुलिस आग लगने के कारणों और भवन में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। प्रारंभिक जानकारी में बिजली आपूर्ति बंद होने और ठंड से बचने के लिए कमरे में आग जलाने की बात सामने आई है। हालांकि, इसे आग लगने का अंतिम कारण नहीं माना गया है। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की वजह स्पष्ट हो सकेगी।
