Mahendragarh : हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में संपन्न हुआ ‘हिंदी पक्ष’ का समापन और पुरस्कार वितरण समारोह
Mahendragarh : हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में संपन्न हुआ 'हिंदी पक्ष' का समापन और पुरस्कार वितरण समारोह
Mahendragarh : हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेवि), महेंद्रगढ़ में हिंदी पक्ष के अंतर्गत विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों, शिक्षणेतर कर्मचारियों व गोद लिए हुए गाँवों के स्कूली बच्चों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
इसी क्रम में बुधवार को इन प्रतियोगिताओं के विजेताओं का पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया, इसमें जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली के प्रो. रामनाथ झा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेशवर कुमार ने अपने संदेश में कहा कि हिंदी एक बहुमुखी भाषा और क्षेत्रों से प्रभावित हुई है। हिंदी साहित्य अपने विभिन्न रूपों और शैलियों में इस विविधता और समृद्धि को दर्शाता है। हिंदी एक ऐसी भाषा है जिसे संरक्षित और बढ़ावा देने की आवश्यकता है, क्योंकि यह हमारी पहचान और विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। कुलपति ने हिंदी पक्ष के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओ तथा हिंदी पक्ष के सफल आयोजन के लिए आयोजको को बधाई दी ।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के समकुलपति प्रो. पवन कुमार शर्मा ने पुस्कार प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि एक भाषा के रूप में हिंदी न सिर्फ भारत की पहचान है बल्कि यह हमारे जीवन मूल्यों, संस्कृति एवं संस्कारों की सच्ची संवाहक, संप्रेषक और परिचायक भी है।
बहुत सरल, सहज और सुगम भाषा होने के साथ हिंदी विश्व की संभवतः सबसे वैज्ञानिक भाषा है, जिसे दुनिया भर में समझने, बोलने और चाहने वाले लोग बहुत बड़ी संख्या में मौजूद हैं।
इस अवसर पर प्रो. रामनाथ झा ने कहा कि हिंदी हमारी भाषा ही नहीं अपितु विरासत है। हमें इसे एक कार्यक्रम तक सीमित न रखकर दैनिक जीवन एवं कार्यालयीन कार्यों पर अधिकाधिक प्रयोग में लाना चाहिए। उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को बधाई दी।
प्रो. झा ने सभी भाषाओं का सम्मान करते हुए कहा कि संविधान में भी हिंदी को राजभाषा का दर्जा प्राप्त है एवं हमें कलम से कम्प्यूटर तक हिंदी का प्रयोग करना चाहिए।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय हिंदी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. कमलेश कुमारी ने स्वागत भाषण दिया तथा रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए आयोजन में सम्मिलित गोद लिए गाँवों के विद्यालयों के विद्यार्थियों व शिक्षकों, विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शिक्षणेतर कर्मचारियों व विद्यार्थियों का विशेष रूप से इस आयोजन में सहभागिता हेतु आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं व प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र व पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इनमें विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गांवों के राजकीय स्कूल के विद्यार्थियों के लिए आयोजित निबंध लेखन प्रतियोगिता में छठीं से आठवीं कक्षा वर्ग में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, जांट की सोनिया प्रथम, रामभतेरी द्वितीय तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सेहलंग की कनिका को तृतीय पुरस्कार दिया गया। नौवी से बारहवीं वर्ग में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, जांट की शिवानी प्रथम, मुस्कान द्वितीय तथा तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सेहलंग की रितिका तृतीय स्थान पर रहीं।
विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों व शोधार्थियों के आयोजित हिंदी काव्यपाठ प्रतियोगता में कम्प्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग की खुशी पराशर ने प्रथम, हिंदी विभाग की नीलम शर्मा ने द्वितीय तथा मनोविज्ञान विभाग के दिनेश ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
दृश्य लेखन प्रतियोगिता में मनोविज्ञान विभाग के राणा राम प्रथम, हिंदी विभाग की निशा द्वितीय तथा मनोविज्ञान विभाग की पारूल तृतीय स्थान पर रही। हिंदी सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में मनोविज्ञान विभाग की पारूल ने प्रथम, शिक्षक शिक्षा विभाग की पूनम ने द्वितीय तथा हिंदी विभाग के पार्थ सारथी वशिष्ठ ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं पोस्टर सह स्लोगन प्रतियोगिता में शिक्षक शिक्षा विभाग की रोली चौहान प्रथम, मनोविज्ञान विभाग के राणा राम द्वितीय तथा हर्षिका जोशी तृतीय स्थान पर रही।
श्रुत लेखन प्रतियोगिता में मनोविज्ञान विभाग की पारूल ने प्रथम, हिंदी विभाग के विशाल ने द्वितीय तथा भूगोल विभाग के गगन ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
इसी क्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षण एवं शिक्षणेत्तर सहयोगियों के लिए आयोजित हिंदी काव्य पाठ प्रतियोगिता में सहायक आचार्य डॉ. विरेंद्र सिंह ने प्रथम, सहायर्क आचार्य डॉ. पिंकी अरोड़ा ने द्वितीय तथा निजी सहायक अजीत जैन ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। दृश्य लेखन प्रतियोगिता में सुरक्षा अधिकारी कशीश सूद प्रथम, अनुभाग अधिकारी रामवीर गुर्जर द्वितीय तथा डाटा एंट्री ऑपरेटर कृष्ण कुमार तृतीय स्थान पर रहे।
इसी क्रम में हिंदी सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में प्रयोगशाला परिचर गौरव ने प्रथम, सहायक कुलसचिव पवन कुमार ने द्वितीय तथा यूडीसी चेतन कुमार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। श्रुत लेख प्रतियोगिता ने निजी सहायक अजीत जैन प्रथम, यूडीसी संदीप द्वितीय तथा एलडीसी सुश्री कल्पना तृतीय स्थान पर रहीं। कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय की हिंदी अधिकारी बी.पी. सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि भारतीय भाषाओं तथा राजभाषा हिंदी क संवर्धन तथा प्रचार-प्रसार में विश्वविद्यालय कुलपति महोदय के मार्गदर्शन में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने बताया कि हिंदी पक्ष के दौरान राजभाषा अनुभाग ने केंद्रीय पुस्तकालय के साथ मिलकर राष्ट्रीय पुस्तक न्यास की पुस्तक प्रदर्शनी भी लगवाई। आयोजन में पूरे वर्ष हिंदी भाषा में अपना कार्यालयीन कार्य करने वाले विश्वविद्यालय के कर्मचारियों को भी पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण, अधिकारी, शिक्षणेतर कर्मचारी, विद्यार्थी व शोधार्थी एवं गोद लिए गॉंवों के विद्यार्थी व शिक्षक उपस्थित रहें। कार्यक्रम का मंच संचालन हिंदी विभाग के शोधार्थियों ने किया।
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