DIG Bribery Case: DIG भुल्लर की सुरक्षा में पहुंचा खुद रिश्वत का आरोपी ASI, CBI कोर्ट में मचा हड़कंप, SSP को जांच के आदेश
DIG भुल्लर की सुरक्षा में पहुंचा खुद रिश्वत का आरोपी ASI, CBI कोर्ट में मचा हड़कंप, SSP को जांच के आदेश
DIG Bribery Case: चंडीगढ़ स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में गुरुवार को पंजाब के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर से जुड़े हाईप्रोफाइल रिश्वत कांड की सुनवाई के दौरान एक अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई। बुड़ैल जेल में बंद निलंबित डीआईजी भुल्लर को अदालत में पेशी के लिए लाने की जिम्मेदारी चंडीगढ़ पुलिस के जिस एएसआई शेर सिंह को सौंपी गई थी, वह खुद सीबीआई के ही एक रिश्वत केस में आरोपी निकला। मजे की बात यह है कि शेर सिंह के खिलाफ भी मुकदमा इसी सीबीआई अदालत में चल रहा है।
सीबीआई की ओर से इस सुरक्षा व्यवस्था पर कड़ा ऐतराज जताए जाने के बाद सीबीआई के विशेष जज ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया और चंडीगढ़ की एसएसपी (SSP) को पूरे घटनाक्रम की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
1.5 लाख की रिश्वत मामले में खुद पकड़ा गया था ASI शेर सिंह
सीबीआई रिकॉर्ड के मुताबिक, एएसआई शेर सिंह जब सेक्टर-43 पुलिस चौकी में तैनात था, तब उस पर चेक बाउंस मामले में भगोड़े घोषित एक व्यक्ति को गिरफ्तारी से बचाने के एवज में डेढ़ लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगा था। 11 मार्च 2025 को सीबीआई ने बाकायदा ट्रैप लगाकर शेर सिंह और उसके बिचौलिए रिंकू को 54,400 रुपये की पहली किस्त लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। इस मामले की चार्जशीट दाखिल हो चुकी है और ट्रायल इसी स्पेशल सीबीआई कोर्ट में पेंडिंग है।
हाईप्रोफाइल आरोपी की सुरक्षा में दागी पुलिसकर्मी की ड्यूटी पर उठे सवाल
गुरुवार को जब एएसआई शेर सिंह निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को सुरक्षा घेरे में लेकर सीबीआई कोर्ट पहुंचा, तो जांच एजेंसी के वकीलों ने तुरंत इस पर आपत्ति दर्ज कराई। सीबीआई ने कोर्ट के समक्ष सवाल उठाया कि भ्रष्टाचार के इतने बड़े और संवेदनशील मामले के आरोपी की सुरक्षा में एक ऐसे पुलिसकर्मी को कैसे तैनात किया जा सकता है जो खुद करप्शन के गंभीर आरोपों का सामना कर रहा है?
अदालत ने सीबीआई की दलील को सही मानते हुए चंडीगढ़ पुलिस प्रमुख (एसएसपी) को यह जांचने का निर्देश दिया कि शेर सिंह की ड्यूटी किस स्तर पर और किस अधिकारी की सिफारिश पर लगाई गई थी।
शिकायतकर्ता आकाश बत्ता की गवाही पूरी, भुल्लर पर कस रहा शिकंजा
सुनवाई के दौरान डीआईजी भुल्लर के खिलाफ केस दर्ज कराने वाले शिकायतकर्ता आकाश बत्ता की गवाही भी पूरी हो गई। इससे पिछली सुनवाई में आकाश ने कोर्ट के भीतर निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर और बिचौलिए कृष्णु शारदा की साफ पहचान की थी। आकाश ने सीबीआई को दिए अपने पुराने बयानों को दोहराते हुए दोनों पर घूस मांगने के आरोप पुख्ता किए। अब आने वाली तारीखों में बचाव पक्ष (डिफेंस) द्वारा शिकायतकर्ता का क्रॉस-एग्जामिनेशन (जिरह) किया जाएगा, जो इस केस में काफी अहम मोड़ साबित होगा।
छापेमारी में मिला था 7.5 करोड़ कैश और ढाई किलो सोना
उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने पिछले साल पंजाब पुलिस के चर्चित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद जब सीबीआई की टीम ने उनके सेक्टर-40 स्थित सरकारी आवास पर रेड की थी, तो वहां से करीब 7.5 करोड़ रुपये नकद, 2.5 किलो सोना और कई कीमती घड़ियां बरामद हुई थीं। इसके बाद भुल्लर पर आय से अधिक संपत्ति का केस भी दर्ज किया गया था। फिलहाल प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के कोण से अलग जांच कर रहा है।
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