August 3, 2026

Breaking: कोलकाता के तारातला में निर्माणाधीन गोदाम का शेड ढहा, 5 की मौत, कई मजदूर मलबे में फंसे, रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू

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Breaking: कोलकाता के तारातला में निर्माणाधीन गोदाम का शेड ढहा, 5 की मौत, कई मजदूर मलबे में फंसे, रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू

दक्षिण कोलकाता में तारातला ट्रांसपोर्ट डिपो के पास निर्माणाधीन गोदाम का शेड अचानक गिरा

Breaking: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के तारातला ट्रांसपोर्ट डिपो के पास बुधवार दोपहर एक निर्माणाधीन गोदाम का शेड अचानक ढह गया। हादसा करीब दोपहर 1:30 बजे हुआ, जब परिसर में निर्माण कार्य चल रहा था। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंच गए। प्रारंभिक रिपोर्टों में कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई गई है।

स्थानीय लोगों के अनुसार हादसे के समय निर्माणाधीन गोदाम में कंक्रीट ढलाई का काम चल रहा था। इसी दौरान शेड का एक बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया और वहां काम कर रहे मजदूर मलबे के नीचे दब गए। हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने राहत कार्य शुरू किया और प्रशासन को सूचना दी। कुछ ही देर में आपातकालीन सेवाओं की टीमें मौके पर पहुंच गईं।

कई एजेंसियां बचाव अभियान में शामिल
कोलकाता पुलिस, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज, सिविल डिफेंस और डिजास्टर मैनेजमेंट ग्रुप की टीमें संयुक्त रूप से राहत कार्य चला रही हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सेना के जवानों को भी बचाव अभियान में शामिल किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की है। इसके लिए लगातार तकनीकी उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

भारी लोहे की संरचनाएं और कंक्रीट के बड़े हिस्से राहत कार्य में चुनौती बन रहे हैं। इन्हें हटाने के लिए क्रेन मंगाई गई है ताकि मलबे को तेजी से हटाया जा सके। इसके अलावा लोहे की मुड़ी हुई छड़ों और सरियों को काटने के लिए गैस कटर का उपयोग किया जा रहा है। बचाव दल सावधानी के साथ आगे बढ़ रहा है ताकि फंसे हुए लोगों को नुकसान न पहुंचे।

मलबे में फंसे कई लोग
राहत अभियान में शामिल कर्मियों के मुताबिक मलबे के भीतर से लोगों की आवाजें सुनाई दे रही हैं। इससे उम्मीद बनी हुई है कि कुछ मजदूर अभी जीवित हो सकते हैं। इसी वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज कर दिया गया है और लगातार मलबा हटाने का काम चल रहा है। बचाव दल हर संभावित स्थान की जांच कर रहा है।

हादसे के बाद निर्माणाधीन परियोजना की सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण मानकों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि राहत कार्य पूरा होने के बाद दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच कराई जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करना जरूरी है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। हादसे ने एक बार फिर निर्माण क्षेत्र में सुरक्षा प्रबंधन की अहमियत को सामने ला दिया है।

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