PM SETU scheme Haryana: हरियाणा के औद्योगिक प्रशिक्षण और कौशल विकास परिदृश्य को वैश्विक मानकों पर ले जाने के लिए राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी की अहम बैठक में राज्य में पहली बार शुरू की जा रही “पीएम-सेतु” (अपग्रेडेड ITI के माध्यम से प्रधानमंत्री कौशल और रोजगार क्षमता परिवर्तन) योजना के कार्यान्वयन और इसके वित्तीय खाके को मंजूरी दे दी गई। इस योजना का सीधा मकसद सरकारी आईटीआई से निकलने वाले युवाओं को सिर्फ तकनीकी शिक्षा देना ही नहीं, बल्कि उद्योग जगत की मांग के हिसाब से ढालकर उन्हें आकर्षक सैलरी पैकेज पर रोजगार से जोड़ना है।
कुरुक्षेत्र क्लस्टर को ₹320.44 करोड़ की पहली सौगात
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कुरुक्षेत्र क्लस्टर के लिए 320.44 करोड़ रुपये के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी। इस रणनीतिक खाके के तहत 160.22 करोड़ रुपये (50%) केंद्र सरकार, 105.75 करोड़ रुपये (33%) राज्य सरकार और 54.47 करोड़ रुपये (17%) एंकर इंडस्ट्री पार्टनर (AIP) द्वारा वहन किए जाएंगे। कुरुक्षेत्र क्लस्टर के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी मेसर्स जिंदल नवीन अवसर लिमिटेड को सौंपी गई है। इसके अंतर्गत राजकीय आईटीआई कुरुक्षेत्र को ‘हब’ बनाया गया है, जबकि महिला आईटीआई कुरुक्षेत्र, आईटीआई कैथल, आईटीआई पेहोवा, आईटीआई पाबनावा, महिला आईटीआई अंबाला शहर और महिला आईटीआई कैथल को ‘स्पोक’ आईटीआई के रूप में जोड़ा गया है। इंफ्रास्ट्रक्चर और लैब के आधुनिकीकरण पर 163.06 करोड़ रुपये का पूंजीगत खर्च (CAPEX) किया जाएगा।
हब-एंड-स्पोक मॉडल और 51% निजी भागीदारी से बदलेगा ढांचा
‘पीएम-सेतु’ योजना को ‘हब-एंड-स्पोक’ क्लस्टर मॉडल पर धरातल पर उतारा जाएगा। इसके सुचारू संचालन के लिए एक स्पेशल पर्पस व्हीकल (SPV) यानी धारा-8 कंपनी बनाई जाएगी, जिसके बोर्ड की कमान उद्योग जगत के हाथों में होगी। इस एसपीवी में मुख्य उद्योग भागीदार (AIP) के पास 51 फीसदी शेयरधारिता होगी, जबकि केंद्र और राज्य सरकार की 24.5-24.5 फीसदी साझेदारी रहेगी। इस मॉडल से आईटीआई में सीधे उन कौशलों की ट्रेनिंग दी जाएगी जिनकी जरूरत वास्तविक बाजार और आधुनिक फैक्ट्रियों में है।
₹60,000 करोड़ के राष्ट्रीय विजन में हरियाणा का 12 क्लस्टरों का प्लान
केंद्रीय बजट में घोषित 60,000 करोड़ रुपये के इस राष्ट्रीय मिशन में हरियाणा ने भी अपनी मजबूत हिस्सेदारी तय की है। राज्य सरकार ने प्रदेश की 60 सरकारी आईटीआई को कवर करने वाले 12 क्लस्टर तैयार करने की योजना बनाई है, जिस पर कुल 2,892 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें राज्य का अंश 954 करोड़ रुपये रहेगा। वर्तमान में कुरुक्षेत्र के अलावा पलवल, सोनीपत और छारा के लिए आरएफपी (RFP) जारी की जा चुकी है, वहीं पानीपत और रेवाड़ी के लिए दिसंबर में टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी।
2026-27 से 2030-31 के लिए वित्तीय मंजूरी और अग्रिम बजट जारी
कुरुक्षेत्र क्लस्टर के सुचारू संचालन के लिए कमेटी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक के लिए राज्य के हिस्से के 105.75 करोड़ रुपये के प्रावधान को मंजूरी देने के साथ ही चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 10 फीसदी अग्रिम राशि यानी 10.50 करोड़ रुपये तत्काल जारी करने की अनुमति दे दी है। हरियाणा सरकार के इस कदम से न केवल प्रदेश का आईटीआई इंफ्रास्ट्रक्चर विश्वस्तरीय बनेगा, बल्कि हरियाणा का युवा आधुनिक तकनीकों में निपुण होकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के नए अवसरों पर कब्जा जमाएगा।
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