Ateli News: मंडी अटेली में 1 दिन में बिक गए 500 कट्टे डीएपी, बुवाई से पहले ही मची खाद लूटने की होड़
₹1350 वाले डीएपी कट्टों का स्टॉक खत्म, जानिए कृषि अधिकारी डॉ. मनमीत यादव ने क्या कहा
Ateli News: हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के कृषि बहुल क्षेत्र मंडी अटेली में फसलों की आगामी बुवाई सीजन से काफी पहले ही डीएपी (डायअमोनियम फॉस्फेट) खाद को लेकर किसानों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बनने लगा है। भविष्य में खाद की किल्लत होने की आशंका के चलते किसान अभी से डीएपी खरीदने और उसका घर में भंडारण करने में जुट गए हैं। इसी का नतीजा रहा कि सोमवार को नई अनाज मंडी अटेली स्थित सहकारी सोसाइटी में आया 500 कट्टों (बैग) का पूरा का पूरा स्टॉक महज एक ही दिन में खत्म हो गया। सुबह से ही खाद के लिए लाइन में खड़े दर्जनों किसानों को शाम ढलते-ढलते बिना खाद के ही मायूस होकर अपने घर वापस लौटना पड़ा।
अटेली इलाके में डीएपी खाद की मांग जिस रफ्तार से बढ़ी है, उसने कृषि विभाग के अधिकारियों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। वर्तमान में सरकार द्वारा निर्धारित दर ₹1350 प्रति बैग के हिसाब से खाद का वितरण किया जा रहा है। हालांकि, पिछले कुछ सालों के अनुभवों को देखते हुए स्थानीय किसानों में यह डर बैठा हुआ है कि बुवाई के ठीक वक्त पर उन्हें डीएपी की किल्लत झेलनी पड़ सकती है। इसी अंदेशे के चलते मंडी खुलते ही किसानों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और कुछ ही घंटों के भीतर पूरा बफर स्टॉक चट हो गया।
सीलन से खराब हो सकती है खाद की गुणवत्ता, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी
इस पूरे मामले पर कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को आगाह करते हुए जल्दबाजी में भंडारण न करने की सलाह दी है। विशेषज्ञों के मुताबिक, मौजूदा मानसूनी मौसम में हवा में नमी का स्तर काफी अधिक रहता है। ऐसे में यदि किसान अभी से डीएपी खाद का घर में भंडारण (स्टॉक) करेंगे, तो बोरियों में सीलन आ सकती है। सीलन लगने से कट्टों के अंदर ढेले बन जाएंगे और खाद का रासायनिक संतुलन बिगड़ जाएगा, जिससे उसकी उर्वरक क्षमता और गुणवत्ता में भारी गिरावट आ जाएगी।
कृषि विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि समय से पहले घटिया गुणवत्ता वाली सीलन लगी खाद का खेतों में इस्तेमाल करने से फसल के अंकुरण और बंपर पैदावार पर विपरीत असर पड़ सकता है। इसलिए किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे पैनिक बाइंग यानी डर के मारे अग्रिम खरीदारी से बचें।
कृषि अधिकारी बोले—’घबराने की जरूरत नहीं, पर्याप्त मिलेगा डीएपी’
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपमंडल कृषि अधिकारी डॉ. मनमीत यादव ने क्षेत्र के किसानों को आश्वस्त किया है कि किसी भी अन्नदाता को पैनिक होने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा, “सरकार और प्रशासन के पास खाद का पर्याप्त इंतजाम है। जब बुवाई का सही समय आएगा, तब जिले के सभी केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में डीएपी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा डीएपी के अन्य पोषक विकल्प भी बाजार और सोसाइटियों में सुलभ रहेंगे।”
कृषि विभाग ने क्षेत्र के अन्नदाताओं से अपील की है कि वे बेवजह अपने घरों में खाद का स्टॉक न जमा करें और केवल फसलों की बीजाई के वक्त ही अपनी जरूरत के हिसाब से ताजा खाद खरीदें। विभाग का कहना है कि जब फसलों को सही समय पर ताजा और गुणवत्तापूर्ण डीएपी मिलेगी, तभी खेतों में बेहतर अंकुरण होगा और किसानों की बंपर पैदावार सुनिश्चित हो सकेगी।
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