Narnaul News: सावन में नारनौल की गौशाला में लगी सवामणी, जन्मदिन पर युवाओं ने गायों को खिलाई हरी चरी
सावन मास पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, दो परिवारों ने की गौ-सवामणी
Narnaul News: पवित्र सावन महीने के पावन अवसर पर नारनौल शहर स्थित ‘श्री अनाथ गौशाला’ में मंगलवार को भक्ति और सेवा का अद्भुत नजारा देखने को मिला। गौशाला परिसर में दो अलग-अलग यजमान परिवारों द्वारा गौ-सवामणी का आयोजन किया गया, जिसमें बेसहारा और आश्रित गायों को पौष्टिक हरी चरी और ताजा सब्जियां खिलाकर उनका आशीर्वाद लिया गया। सावन के महीने में गोसेवा का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है, इसी परंपरा को निभाते हुए स्थानीय गौभक्तों ने इस नेक कार्य में बढ़-चढ़कर भाग लिया।
पहली गौ-सवामणी का आयोजन मिथलेश (मनीष) द्वारा अपने जन्मदिन के उपलक्ष्य में किया गया। उन्होंने पाश्चात्य संस्कृति से दूर हटकर अपने परिजनों के साथ गौशाला पहुंचकर गायों की सेवा की और हरा चारा खिलाया। वहीं, दूसरी सवामणी महेंद्रगढ़ जिले के गांव चामधेड़ा निवासी संतरा देवी (पत्नी रविंद्र कुमार) की पूज्य माता शांति देवी की तरफ से आयोजित की गई। माता शांति देवी ने श्रावण मास की महिमा को देखते हुए गौमाता के प्रति अपनी अगाध श्रद्धा व्यक्त की।
गौशाला समिति ने किया यजमानों का अभिनंदन
धार्मिक अनुष्ठान और सवामणी संपन्न होने के बाद श्री अनाथ गौशाला समिति के पदाधिकारियों ने यजमानों का आभार व्यक्त किया। गौशाला के उपप्रधान अजीत यादव, सुरेंद्र मुनीम, बीरसिंह फौजी और रामसिंह बाबा ने यजमानों को हरियाणा की परंपरा के अनुसार पगड़ी पहनाकर और दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर बोलते हुए उपप्रधान अजीत यादव ने कहा कि गौमाता की सेवा से बढ़कर कोई दूसरा पुण्य का कार्य नहीं है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील करते हुए कहा, “गौशाला कमेटी सभी गौभक्तों से विनम्र निवेदन करती है कि वे अपने जीवन के खास लम्हों जैसे जन्मदिन, शादी की सालगिरह, सेवानिवृत्ति या परिजनों की पुण्यतिथि को यादगार बनाने के लिए गौशाला आएं और सवामणी के माध्यम से पुण्य के भागीदार बनें।”
इस दौरान गौशाला परिसर में मुस्कान शर्मा, दर्श शर्मा, रिद्धि शर्मा और माता शांति देवी सहित कई गणमान्य लोग एवं गौसेवक मौजूद रहे।
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