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Ayodhya News: चढ़ावा चोरी केस में SIT ने अंतिम रिपोर्ट सौंपी

VVinita Kohli
Ayodhya News: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में SIT ने अंतिम रिपोर्ट सौंपी, रिपोर्ट में चंपत-मिश्रा के नाम नहीं

रिपोर्ट में चंपत-मिश्रा के नाम नहीं

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Ayodhya News: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले की जांच कर रही उत्तर प्रदेश सरकार की SIT ने अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप दी है। मंगलवार को सामने आई जानकारी के मुताबिक, रिपोर्ट में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट के सदस्य रहे डॉ. अनिल मिश्रा का नाम आरोपी के तौर पर शामिल नहीं है। उत्तर प्रदेश गृह विभाग ने रिपोर्ट को आगे की कार्रवाई के लिए राम मंदिर ट्रस्ट को सौंप दिया है। यह मामला जून में सामने आया था, जब मंदिर में चढ़ावे की गिनती के दौरान नोटों और गहनों की कथित चोरी के आरोप लगे थे। जांच आगे बढ़ने के बाद 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हुई और उन्हें गिरफ्तार किया गया था। सभी आरोपी फिलहाल जेल में हैं।

 

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SIT की अंतिम रिपोर्ट में चंपत राय और अनिल मिश्रा का नाम नहीं

SIT की अंतिम रिपोर्ट में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के खिलाफ चढ़ावा चोरी में भूमिका सामने नहीं आने की बात रिपोर्टों में कही गई है। इसी आधार पर दोनों को इस मामले में राहत मिली है। हालांकि, इसे पूरे विवाद की सभी जांचों का अंत नहीं माना जा सकता। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद अलग SIT का गठन किया गया था और वह मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। इसलिए सरकार की SIT रिपोर्ट और दूसरी चल रही जांच को अलग-अलग देखना जरूरी है।

 

7 जून को पहली बार सामने आया था मामला

राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी का मामला पहली बार 7 जून को सामने आया था। इसके बाद यूपी सरकार ने लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय SIT गठित की थी। इस टीम में IG रेंज किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन कुमार को शामिल किया गया था। SIT ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंपी थी। इसके बाद मामले में FIR दर्ज हुई और पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।

 

8 आरोपी गिरफ्तार, जेल में हैं सभी

25 जून को ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर FIR दर्ज की गई थी। इसमें रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत 8 लोगों को नामजद किया गया था। FIR दर्ज होने के कुछ ही घंटे बाद पुलिस ने टिन्नू समेत सभी 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इन पर चढ़ावे की गिनती के दौरान नोटों और गहनों की चोरी करने का आरोप लगाया गया था। मौजूदा जानकारी के मुताबिक सभी आरोपी फैजाबाद जेल में हैं।

 

प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद चंपत राय और अनिल मिश्रा ने दिए थे इस्तीफे

SIT की प्रारंभिक जांच के बाद चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था। ट्रस्ट ने दोनों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए थे। इसके अलावा गोपाल नागरकट्टे को स्पेशल इनवाइटी की सूची से हटा दिया गया था। बाद में मामले की जांच के लिए नई SIT व्यवस्था सामने आई, जिसमें लखनऊ रेंज के IG किरण एस, DIG अयोध्या सोमेन वर्मा और अयोध्या के SSP गौरव ग्रोवर को शामिल किया गया।

 

दूसरी SIT की जांच अभी बाकी

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एक अहम बात यह है कि अलग-अलग जांचों को लेकर स्थिति एक जैसी नहीं है। यूपी सरकार की SIT ने अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप दी है और इसमें चंपत राय तथा अनिल मिश्रा को आरोपी नहीं बनाया गया है, लेकिन दूसरी SIT की जांच अभी जारी बताई जा रही है। सुप्रीम कोर्ट ने हाल में SIT की स्टेटस रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग भी स्वीकार नहीं की थी। ऐसे में आगे की कार्रवाई और दूसरी जांच में सामने आने वाले तथ्यों पर मामले की अगली दिशा निर्भर करेगी।

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