Bhiwani News: हरियाणा में महिलाओं की अनोखी कांवड़ यात्रा, 45 संस्थानों की मालिक रितु इंसान छात्राओं संग हरिद्वार से लाईं गंगाजल
हरियाणा में महिलाओं की अनोखी कांवड़ यात्रा
Bhiwani News: सावन के पावन महीने में पूरे हरियाणा की सड़कें बम-बम भोले के जयकारों से गूंज रही हैं। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे लाखों शिवभक्तों के बीच इस बार भिवानी से निकली महिलाओं की एक अनोखी कांवड़ यात्रा लोगों के आकर्षण और कौतूहल का केंद्र बनी हुई है। इस जत्थे की अगुवाई देश की मशहूर फैशन डिजाइनर रितु इंसान कर रही हैं। उनके साथ करीब 15 युवतियों और महिलाओं की टोली है, जिनमें अधिकांश उनके टेलरिंग इंस्टीट्यूट में ट्रेनिंग लेने वाली छात्राएं हैं। रितु की एक आवाज पर उनकी छात्राओं ने भी श्रद्धाभाव से हरिद्वार तक पैदल चलकर कांवड़ उठाने का फैसला किया।
हरियाणवी कलाकारों ने संग नाचकर बढ़ाया हौसला, रास्ते में फीता पहनाकर हो रहा सम्मान
हरिद्वार से गंगाजल लेकर एक सुसज्जित रथ में भगवान शिव की प्रतिमा के साथ आगे बढ़ रहे इस जत्थे का जगह-जगह जोरदार स्वागत हो रहा है। यात्रा के दौरान हरियाणवी इंडस्ट्री के जाने-माने कलाकार पूजा हुड्डा, प्रदीप बूरा, राममेहर महला और अनामिका बावा भी कांवड़ियों का उत्साह बढ़ाने पहुंचे। कलाकारों ने श्रद्धालुओं के साथ डांस किया और शिवभक्ति के गानों पर माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। देश के 9 राज्यों में फैले अपने संस्थानों की वजह से रास्ते में जगह-जगह रितु की छात्राएं उनका स्वागत कर रही हैं। इस दौरान रितु इंसान अपनी हर छात्रा को सम्मान के तौर पर टेलरिंग का फीता पहनाती हैं, जो इस यात्रा का सबसे खास पहलू बन गया है।
दहेज में मिली सिलाई मशीन से शुरू किया सफर, आज 45 शाखाओं से कर रहीं करोड़ों का कारोबार
रोहतक जिले के भैणी सुरजन गांव में जन्मी रितु इंसान का शुरुआती जीवन बेहद गरीबी और अभावों में बीता। उनके पिता जयकिशन एक छोटे किसान थे। बचपन में नानी के घर रहकर सिलाई-कढ़ाई सीखने वाली रितु 10वीं कक्षा तक आते-आते इसमें पारंगत हो गईं और 12वीं की पढ़ाई के साथ ही पैसे कमाकर परिवार का सहारा बनीं। शादी के बाद दहेज में मिली सिलाई मशीन से उन्होंने अपनी कला को आगे बढ़ाया और फैशन डिजाइनिंग का दायरा विस्तृत किया। सोशल मीडिया और यूट्यूब पर मिली पहली 8 हजार रुपये की कमाई के बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। आज उनके पास 9 राज्यों में 45 शाखाएं हैं, जहां से 2 लाख से अधिक महिलाएं प्रशिक्षण पा चुकी हैं और वे हर महीने 30 से 40 लाख रुपये का बिजनेस संभाल रही हैं।
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