Breaking News
Omar Abdullah Marriage: उमर अब्दुल्ला और निधि राजदान ने शुरू किया नया सफर, सोशल मीडिया पर शेयर की तस्वीरेंNarnaul News: त्योहारी सीजन में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई तेज, आठ मिठाइयों के नमूने लिए1 November Rashifal: नवंबर के पहले दिन कर्क राशि में बनेगा महाधन योग, जानिए सभी 12 राशियों का भविष्यफलPanipat Factory Fire: पानीपत में फिर दहला औद्योगिक इलाक, बलाना गांव की कंबल फैक्ट्री में लगी भीषण आगGurugram Car Stunt: गुरुग्राम में क्रेटा सवार युवकों का खौफनाक हुड़दंग, सनरूफ से बाहर निकलकर मचाया उत्पात, महिला-बच्चों से बदतमीजीOmar Abdullah Marriage: उमर अब्दुल्ला और निधि राजदान ने शुरू किया नया सफर, सोशल मीडिया पर शेयर की तस्वीरेंNarnaul News: त्योहारी सीजन में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई तेज, आठ मिठाइयों के नमूने लिए1 November Rashifal: नवंबर के पहले दिन कर्क राशि में बनेगा महाधन योग, जानिए सभी 12 राशियों का भविष्यफलPanipat Factory Fire: पानीपत में फिर दहला औद्योगिक इलाक, बलाना गांव की कंबल फैक्ट्री में लगी भीषण आगGurugram Car Stunt: गुरुग्राम में क्रेटा सवार युवकों का खौफनाक हुड़दंग, सनरूफ से बाहर निकलकर मचाया उत्पात, महिला-बच्चों से बदतमीजी

Bryan Johnson: अमर होने के जुनून में अरबपति ब्रायन जॉनसन का दावा, ‘लैब में बनाया अपना ही बेबी क्लोन’

Bryan Johnson: अमर होने के जुनून में अरबपति ब्रायन जॉनसन का दावा, 'लैब में बनाया अपना ही बेबी क्लोन'

लैब में बन गया पहला इंसानी क्लोन? ब्रायन जॉनसन के दावे पर भड़का विवाद

AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION
AAmandeep Singh

Bryan Johnson: अपनी ढलती उम्र को थामने और शरीर को फिर से 18 साल के युवा जैसा बनाने के लिए करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाने वाले अमेरिकी टेक उद्यमी ब्रायन जॉनसन (Bryan Johnson) ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।

48 वर्षीय इस अरबपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक हैरतअंगेज दावा करते हुए लिखा कि उन्होंने लैब में एक पेट्री डिश के भीतर अपना खुद का ‘बेबी क्लोन’ (Baby Bryan) विकसित कर लिया है। इंटरनेट पर उनके इस दावे के सामने आते ही जहां कुछ लोग इसे विज्ञान की नई क्रांति मान रहे हैं, वहीं विशेषज्ञों का बड़ा वर्ग इसे महज एक खतरनाक पब्लिसिटी स्टंट करार दे रहा है।

विज्ञापन

जॉनसन के मुताबिक, इस प्रयोग के तहत उन्होंने सबसे पहले अपने शरीर से खून की कोशिकाएं (Blood Cells) निकालीं। इसके बाद अत्याधुनिक बायो-टेक्नोलॉजी के जरिए उन कोशिकाओं को री-प्रोग्राम करके शुरुआती भ्रूण जैसी अवस्था में पहुंचा दिया गया।

ब्रायन का तर्क है कि पेट्री डिश में बढ़ रहा यह ‘बेबी क्लोन’ आगे चलकर उनके लिए एक पर्सनल बायोलॉजी लैब की तरह काम करेगा। इसके जरिए वे अपने लिए नए जैविक अंग उगा सकेंगे, नई दवाओं का सुरक्षित परीक्षण कर सकेंगे और युवा कोशिकाओं को अपने शरीर में ट्रांसप्लांट कर बुढ़ापे को हमेशा के लिए मात दे सकेंगे।

ऑटोइम्यून बीमारी का इलाज और सालाना 20 करोड़ रुपये का ‘एंटी-एजिंग’ खेल

इस अजीबोगरीब प्रयोग के पीछे ब्रायन जॉनसन की एक हालिया बीमारी को भी वजह बताया जा रहा है। हाल ही में डॉक्टरों ने उनमें ‘ऑटोइम्यून गैस्ट्राइटिस’ (AIG) नाम की एक दुर्लभ स्थिति की पहचान की थी, जिसमें शरीर का अपना ही इम्यून सिस्टम गलती से पेट की अंदरूनी परत पर हमला करने लगता है।

चूंकि इसका कोई स्थायी इलाज नहीं है, इसलिए जॉनसन का मानना है कि उनका यह क्लोनिंग प्रयोग न केवल इस बीमारी से छुटकारा दिलाएगा, बल्कि उनके पूरे पाचन तंत्र को री-सेट कर देगा।

गौरतलब है कि ब्रायन जॉनसन अपने ‘प्रोजेक्ट ब्लूप्रिंट’ (Project Blueprint) के तहत हर साल लगभग 20 लाख डॉलर (करीब 20 करोड़ रुपये) सिर्फ अपनी उम्र घटाने और स्वास्थ्य परीक्षणों पर खर्च करते हैं। उनके इस नए प्रयोग ने एक बार फिर नैतिक और वैज्ञानिक गलियारों में बहस छेड़ दी है।

क्या सच में मुमकिन है इंसानी क्लोन? जानिए वैज्ञानिक और कानूनी हकीकत

ब्रायन जॉनसन के इस दावे के बाद यह सवाल उठना लाजमी है कि क्या आज के दौर में इंसानी क्लोन बनाना वाकई संभव है? इतिहास गवाह है कि क्लोनिंग के नाम पर पहले भी बड़े-बड़े दावे किए जा चुके हैं।

साल 2002 में ‘इव’ नाम की एक बच्ची का क्लोन बनाने का दावा कर वैज्ञानिक ब्रिगेट बॉइसेलिअर ने दुनिया भर में सनसनी फैला दी थी, लेकिन जब वैज्ञानिक सबूत मांगे गए तो वह दावा पूरी तरह फर्जी निकला। वैज्ञानिक हकीकत यही है कि दुनिया में आज तक किसी भी जीवित इंसान का पूर्ण क्लोन तैयार नहीं हो सका है।

इंसानी क्लोनिंग के आड़े दो बड़ी रुकावटें हैं—सख्त अंतरराष्ट्रीय कानून और नैतिक खतरे। किसी इंसान का हूबहू जैविक रूप तैयार करना मानवाधिकारों और मानवीय गरिमा के खिलाफ माना जाता है। इसी वजह से संयुक्त राष्ट्र (UN) समेत फ्रांस, जर्मनी, रूस और ब्रिटेन जैसे 30 से अधिक देशों में इंसानी क्लोन (Reproductive Cloning) बनाने पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है।

बायो-मेडिकल क्षेत्र में केवल ‘थेराप्यूटिक क्लोनिंग’ (Therapeutic Cloning) की इजाजत कुछ शर्तों के साथ दी जाती है, जिसमें कैंसर या गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए केवल स्टेम सेल्स (Stem Cells) और ऊतक (Tissues) विकसित किए जाते हैं, न कि पूरा इंसान। ऐसे में ब्रायन जॉनसन का यह दावा कि वे लैब में अपना ‘बेबी क्लोन’ बढ़ा रहे हैं, वैज्ञानिक नियमों की कसौटी पर कितना खरा उतरता है, यह तो आने वाला वक्त ही तय करेगा।

यह भी पढ़ें– NEET Protest Jantar Mantar: नागालैंड के युवक ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के लिए भेजे ₹67,000 के 150 पिज्जा

ख़बर पसंद आई? शेयर करें
विज्ञापन

ट्रेंडिंग की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।