September 12, 2026

चंडीगढ़ में साइबर ठगी के 2 केस, UPI से 2.43 लाख निकले; APK डाउनलोड कराकर 1.63 लाख उड़ाए

0
चंडीगढ़ में साइबर ठगी के 2 केस, UPI से 2.43 लाख निकले; APK डाउनलोड कराकर 1.63 लाख उड़ाए

चंडीगढ़ में साइबर ठगी के 2 केस

Chandigarh Crime News: चंडीगढ़ में साइबर ठगी के दो अलग-अलग मामलों में ठगों ने करीब 4.07 लाख रुपये पर हाथ साफ कर दिया। एक मामले में नयागांव निवासी 51 वर्षीय दविंदर सिंह राणा के केनरा बैंक खाते से फोन-पे की UPI सुविधा के अनधिकृत एक्सेस के जरिए 2,43,996.61 रुपये ट्रांसफर किए गए, जबकि दूसरे मामले में सेक्टर-38बी निवासी प्रॉपर्टी डीलर नवीन गुप्ता फर्जी कस्टमर केयर के जाल में फंस गए।

दोनों घटनाएं 8 सितंबर की हैं। एक मामले में पीड़ित को खाते से रकम निकलने के मैसेज मिले, जबकि दूसरे में ऑनलाइन खाना ऑर्डर कैंसिल कराने और 360 रुपये वापस लेने की कोशिश महंगी पड़ गई।

 

 

फोन-पे UPI का अनधिकृत एक्सेस लेकर निकाले पैसे

नयागांव निवासी दविंदर सिंह राणा ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उनके मुताबिक 8 सितंबर को दोपहर 12:18 बजे से 12:38 बजे के बीच उनके मोबाइल पर बैंक खाते से पैसे निकलने के लगातार मैसेज आने लगे।

कुछ ही मिनटों में उनके केनरा बैंक खाते से तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन किए गए। पहले 49,999.63 रुपये, फिर 49,996.98 रुपये और इसके बाद 1,44,000 रुपये खाते से निकाल लिए गए।

इस तरह उनके खाते से कुल 2,43,996.61 रुपये चले गए। दविंदर सिंह राणा का कहना है कि उन्होंने इन ट्रांजेक्शन को खुद मंजूरी नहीं दी थी।

 

 

पीड़ित का आरोप- UPI सुविधा तक पहुंच बनाई

शिकायतकर्ता के मुताबिक किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके फोन-पे की UPI सुविधा का अनधिकृत तरीके से एक्सेस हासिल किया। इसके बाद उनके बैंक खाते से रकम ट्रांसफर कर दी गई।

इस मामले में सबसे अहम बात यह है कि खाते से रकम निकलने का पता पीड़ित को बैंक ट्रांजेक्शन के मैसेज से चला। साइबर ठगी के ऐसे मामलों में कुछ ही मिनटों के भीतर कई ट्रांजेक्शन होने से नुकसान तेजी से बढ़ सकता है।

 

 

गूगल पर कस्टमर केयर नंबर खोजना पड़ा महंगा

दूसरा मामला सेक्टर-38बी निवासी प्रॉपर्टी डीलर नवीन गुप्ता से जुड़ा है। उन्होंने 8 सितंबर की रात करीब 8 से 8:30 बजे के बीच स्विगी से खाना ऑर्डर किया था।

ऑर्डर कैंसिल कराने और 360 रुपये वापस लेने के लिए नवीन ने गूगल पर स्विगी का कस्टमर केयर नंबर खोजा। सर्च के दौरान मिले नंबर पर उन्होंने कॉल की, जिसके बाद उन्हें एक दूसरे नंबर से फोन आया।

 

 

व्हाट्सऐप पर भेजी APK फाइल, फिर खाते खाली

कॉल करने वाले ने नवीन गुप्ता को व्हाट्सऐप के जरिए एक लिंक भेजा और APK फाइल डाउनलोड करने को कहा। नवीन ने ठग के बताए निर्देशों का पालन करते हुए फाइल डाउनलोड कर ली और उसमें एटीएम कार्ड से जुड़ी जानकारी भर दी।

ठग ने उन्हें भरोसा दिलाया कि रकम एक-दो घंटे में वापस आ जाएगी। लेकिन रात करीब 11 बजे जब नवीन ने अपना मोबाइल देखा तो बैंक खातों से रकम कटने के मैसेज मिले।

उनके एक PNB खाते से 83,500 रुपये और दूसरे खाते से 80,000 रुपये निकाल लिए गए। इस तरह दोनों खातों से कुल 1,63,500 रुपये की साइबर ठगी हो गई।

 

 

एक मामले में UPI, दूसरे में फर्जी कस्टमर केयर का जाल

दोनों घटनाओं का तरीका अलग था, लेकिन ठगों ने डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन कस्टमर सपोर्ट पर लोगों के भरोसे का फायदा उठाया। पहले मामले में शिकायतकर्ता ने किसी ट्रांजेक्शन की अनुमति नहीं दी थी, जबकि दूसरे मामले में पीड़ित खुद गूगल सर्च के जरिए मिले नंबर तक पहुंचा और फिर ठगों के निर्देश पर APK फाइल डाउनलोड कर दी।

इस तरह की घटनाएं ऑनलाइन भुगतान करते समय सावधानी की जरूरत दिखाती हैं। किसी बैंक, UPI ऐप या फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म की मदद लेते समय इंटरनेट सर्च से मिले नंबर पर तुरंत भरोसा करने के बजाय संबंधित कंपनी के आधिकारिक ऐप या वेबसाइट पर उपलब्ध संपर्क माध्यम का इस्तेमाल करना ज्यादा सुरक्षित रहता है।

APK फाइल भी सामान्य ऐप की तरह नहीं होती। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर व्हाट्सऐप लिंक से ऐसी फाइल डाउनलोड करना मोबाइल और उसमें मौजूद जानकारी की सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा कर सकता है।

 

 

दो घटनाओं में 4 लाख से ज्यादा का नुकसान

चंडीगढ़ में सामने आए इन दोनों मामलों में कुल 4,07,496.61 रुपये की रकम ठगी गई। पहले मामले में 2,43,996.61 रुपये और दूसरे मामले में 1,63,500 रुपये का नुकसान हुआ।

इन घटनाओं में एक पीड़ित के बैंक खाते से बिना अनुमति ट्रांजेक्शन किए जाने का आरोप है, जबकि दूसरे ने कस्टमर केयर की तलाश में साइबर ठगों के जाल में फंसकर अपनी बैंकिंग जानकारी साझा कर दी। दोनों मामलों की शिकायत साइबर क्राइम थाने में दी गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed