September 15, 2026

मोनू कुमार को तीसरी उम्रकैद: बुजुर्ग महिला से रेप-हत्या में सजा, DNA ने 2010 के मर्डर केस तक पहुंचाया

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मोनू कुमार को तीसरी उम्रकैद: बुजुर्ग महिला से रेप-हत्या में सजा, DNA ने 2010 के मर्डर केस तक पहुंचाया

मोनू कुमार को तीसरी उम्रकैद

Chandigarh Serial Killer Case: चंडीगढ़ जिला अदालत ने सीरियल किलर मोनू कुमार को 60 वर्षीय महिला से रेप और हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह तीसरा मामला है, जिसमें मोनू को अदालत ने उम्रकैद दी है। पुलिस की जांच में सामने आया था कि फरवरी 2024 में मलोया वन क्षेत्र में बुजुर्ग महिला की हत्या के बाद आरोपी तक पहुंचने के लिए 100 से ज्यादा संदिग्धों के DNA सैंपल लिए गए थे।

जांच के दौरान मोनू कुमार का DNA उस सैंपल से मैच हो गया, जिसे पुलिस ने 2010 में सेक्टर-38 के पास हुई 21 वर्षीय MBA छात्रा की हत्या के मामले में सुरक्षित रखा था। इस मैच के बाद करीब 15 साल पुराने अनसुलझे केस में पुलिस को बड़ा सुराग मिला और मोनू की पहचान हुई।

 

 

बुजुर्ग महिला से रेप के बाद गला घोंटकर हत्या

फरवरी 2024 में चंडीगढ़ के सेक्टर-54 के पास मलोया वन क्षेत्र में 60 वर्षीय महिला के साथ वारदात हुई थी। महिला सुनसान रास्ते से जा रही थी, तभी मोनू ने उसे पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने महिला से रेप किया और फिर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसका मोबाइल फोन भी ले गया और उसे बेच दिया। मृतका मलोया की रहने वाली थी।

इसी मामले की जांच के दौरान पुलिस ने बड़ी संख्या में संदिग्धों के DNA सैंपल जुटाए। मोनू का DNA पुराने रिकॉर्ड से मैच होने के बाद पुलिस उस तक पहुंची। मई 2024 में उसे गिरफ्तार किया गया।

 

 

DNA मैच से खुला 2010 की MBA छात्रा की हत्या का राज

मोनू के खिलाफ सबसे अहम पुराने मामलों में 2010 में सेक्टर-38 में हुई 21 वर्षीय MBA छात्रा की हत्या शामिल थी। छात्रा के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी और उसका शव सेक्टर-38 के पास मिला था। इस मामले में लंबे समय तक आरोपी की पहचान नहीं हो सकी थी। करीब 14 साल तक जांच के बाद पुलिस ने अदालत में अनट्रेस रिपोर्ट भी दाखिल की थी, लेकिन मामले से जुड़े सबूत सुरक्षित रखे गए थे।

पुलिस ने युवती के शरीर से सीमेन का सैंपल सुरक्षित रखा था। 2024 में मोनू का DNA इस पुराने सैंपल से मैच होने के बाद पुलिस को 15 साल पुराने मामले में आरोपी तक पहुंचने का रास्ता मिला। जांच आगे बढ़ने पर मोनू ने पुलिस पूछताछ में 2010 की वारदात समेत तीन महिलाओं की हत्या की बात कबूल की। हालांकि, अदालत में दोषसिद्धि वैज्ञानिक और अन्य सबूतों के आधार पर हुई।

 

 

 

2022 में ऑटो ड्राइवर की पत्नी की हत्या का मामला

पुलिस पूछताछ में मोनू ने 2022 में मलोया निवासी ऑटो ड्राइवर की 40 वर्षीय पत्नी की हत्या की बात भी कबूल की थी। 11 जनवरी 2022 की रात महिला बाजार जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी।

परिजनों ने उसकी तलाश की। अगले दिन उसका शव घर से कुछ दूरी पर मिला। उस समय हत्यारे की पहचान नहीं हो पाई थी। जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस ने इस मामले को भी मोनू से जोड़ा। इसी केस में चंडीगढ़ जिला अदालत ने अगस्त 2026 में मोनू को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। अदालत ने उस पर 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था।

 

 

2008 के हत्या केस में सबूत के अभाव में हुआ था बरी

मोनू के खिलाफ इससे पहले 2008 में हिमाचल प्रदेश के चंबा क्षेत्र में एक युवती के रेप और हत्या का मामला दर्ज हुआ था। उस समय मोनू करीब 20 साल का था और ड्राइविंग सीख रहा था।

पुलिस के अनुसार, उसने युवती का अपहरण किया और उसके साथ रेप के बाद उसकी हत्या कर दी। खैरी थाने में अज्ञात आरोपी के खिलाफ IPC की धारा 302 और 364 के तहत मामला दर्ज हुआ था। मेडिकल रिपोर्ट में रेप की पुष्टि के बाद संबंधित धारा भी जोड़ी गई। हिमाचल पुलिस ने मोनू को गिरफ्तार किया था, लेकिन पर्याप्त पुख्ता सबूत नहीं मिलने के कारण करीब 18 महीने चले ट्रायल के बाद वह बरी हो गया था।

 

 

पहचान छिपाकर रहता था, आधार और बैंक खाता भी नहीं बनाया

पुलिस के अनुसार, मोनू डड्डूमाजरा के पास शाहपुर कॉलोनी में रहता था और अपनी पहचान छिपाकर रखता था। उसने आधार कार्ड और बैंक खाता तक नहीं बनवाया था। वह इंटरसिटी टैक्सी चलाता था और लगातार अपना ठिकाना बदलता रहता था। पुलिस की जांच में पुराने मामलों के वैज्ञानिक सबूत सामने आने के बाद उसका आपराधिक रिकॉर्ड जोड़ना संभव हुआ।

 

 

अब तीन मामलों में उम्रकैद

मोनू को 21 वर्षीय MBA छात्रा से रेप और हत्या के मामले में 28 नवंबर 2025 को जिला अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके बाद 40 वर्षीय महिला के रेप और हत्या के मामले में अगस्त 2026 में उसे उम्रकैद और 1 लाख रुपये जुर्माने की सजा हुई। अब 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला से रेप और हत्या के मामले में भी अदालत ने उसे उम्रकैद दी है। इस तरह तीन अलग-अलग मामलों में मोनू कुमार को उम्रकैद की सजा हो चुकी है।

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