Mahendragarh : हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में धूमधाम से मनाया गया इंजीनियर्स डे-2026, ‘सतत तकनीकी संप्रभु भारत’ के निर्माण पर रहा जोर

Mahendragarh : हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में धूमधाम से मनाया गया इंजीनियर्स डे-2026, 'सतत तकनीकी संप्रभु भारत' के निर्माण पर रहा जोर
Mahendragarh : हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेवि), महेंद्रगढ़ के स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (एसओईटी) द्वारा मंगलवार को प्रो. मूलचंद सभागार में इंजीनियर्स डे-2026 का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन ’सतत तकनीकी संप्रभु भारत के लिए इंजीनियरिंग उत्कृष्टता’ विषय पर किया गया। कार्यक्रम में इंजीनियरिंग शिक्षा, नवाचार, डिजिटलीकरण, उद्यमिता और सतत विकास के माध्यम से विकसित भारत के निर्माण में इंजीनियरों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा हुई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति एवं मुख्य संरक्षक प्रो. टंकेशवर कुमार ने की। उन्होंने इंजीनियर्स डे के आयोजन के लिए एसओईटी को बधाई देते हुए कहा कि इंजीनियरिंग केवल तकनीकी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण और सामाजिक विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे नवाचार को अपनी कार्यशैली का हिस्सा बनाएं, उद्यमशील दृष्टिकोण विकसित करें और अपने तकनीकी ज्ञान का उपयोग समाज एवं राष्ट्र के समक्ष उपस्थित चुनौतियों के व्यावहारिक समाधान विकसित करने में करें।

आयोजन में मुख्य अतिथि डॉ. राजेंद्र कुमार अनायथ, कुलपति, महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय ने नवाचार एवं डिजिटलीकरण के माध्यम से सतत भविष्य के लिए स्मार्ट इंजीनियरिंग विषय पर मुख्य व्याख्यान दिया। उन्होंने भारत रत्न सर एम. विश्वेश्वरैया को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वर्तमान तकनीकी परिदृश्य में इंजीनियरों के लिए उभरती प्रौद्योगिकियों के साथ निरंतर अद्यतन रहना आवश्यक है। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, बिग डेटा, डिजिटल ट्विन्स और इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसी प्रौद्योगिकियों को भविष्य की इंजीनियरिंग का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए इनके प्रभावी और जिम्मेदार उपयोग पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि सतत इंजीनियरिंग, नवाचार और डिजिटलीकरण के समन्वित प्रयासों से विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को गति प्रदान की जा सकती है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि प्रौद्योगिकी का विकास केवल तकनीकी प्रगति तक सीमित न रहे, बल्कि उसका अंतिम उद्देश्य मानव कल्याण होना चाहिए। उन्होंने इंजीनियरिंग के क्षेत्र में ’लोक-कल्याण’ की भावना को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
आयोजन में विशिष्ट अतिथि इंजी. राजन मेहता, संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, हाउस ऑफ ब्रांड्स ने कहा कि इंजीनियर समाज और राष्ट्र के समक्ष आने वाली विभिन्न चुनौतियों को अवसरों में परिवर्तित करने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को रचनात्मकता, तकनीकी दक्षता और नवाचार के माध्यम से समस्याओं के समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता केवल नौकरी तलाशने वाले इंजीनियर तैयार करने की नहीं, बल्कि ऐसे युवा इंजीनियर तैयार करने की है जो उद्यमिता को अपनाकर रोजगार के नए अवसर सृजित कर सकें। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने नवाचारी विचारों को व्यावहारिक रूप देने और देश की आर्थिक प्रगति में योगदान देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में एसओईटी के अधिष्ठाता एवं संयोजक प्रो. विकास गर्ग तथा सह-संयोजक डॉ. सुमित सैनी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी के योगदान की सराहना की। कार्यक्रम के सफल आयोजन में अनंत राज बारा, सुश्री संगीता, तरुण सिंह, सनी तंवर, इंजी. राकेश रविश तथा इंजी. सिमरन चौहान ने कार्यक्रम समन्वयक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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