Chandra Grahan: 28 अगस्त को साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, 92% ढकेगा चांद, जानिए भारत में दिखेगा या नहीं

28 अगस्त को साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, 92% ढकेगा चांद
Chandra Grahan: खगोल प्रेमियों के लिए अगस्त 2026 का अंतिम सप्ताह बेहद खास रहने वाला है। 28 अगस्त को साल का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। खगोलीय गणनाओं के अनुसार, यह कोई साधारण ग्रहण नहीं बल्कि एक ‘डीप पार्शियल लूनर एक्लिप्स’ (गहरा आंशिक चंद्र ग्रहण) होगा। ग्रहण की चरम अवस्था में चंद्रमा का लगभग 92 प्रतिशत हिस्सा पृथ्वी की सबसे गहरी छाया (Umbral Shadow) के भीतर समा जाएगा। इस दौरान चंद्रमा पर तांबे जैसी लाल आभा यानी ‘ब्लड मून’ जैसा असर दिखाई दे सकता है।
क्या भारत से देखा जा सकेगा यह ग्रहण?
भारतीय दर्शकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वे आसमान में इस विहंगम दृश्य का दीदार कर सकेंगे? तो जवाब है- बिल्कुल नहीं। ग्रहण की पूरी अवधि के दौरान चंद्रमा भारत में क्षितिज से नीचे रहेगा और दिन का समय होगा। यही वजह है कि दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, जयपुर या भोपाल समेत देश के किसी भी हिस्से से इसे नंगी आंखों या टेलीस्कोप के जरिए सीधे आसमान में देखना संभव नहीं होगा।
28 अगस्त चंद्र ग्रहण: जानिए समय और पूरी समयावधि
द्रिक पंचांग और खगोलीय आंकड़ों के मुताबिक, इस ग्रहण की कुल अवधि लगभग 5 घंटे 35 मिनट होगी। इसका सबसे महत्वपूर्ण आंशिक चरण 3 घंटे 16 मिनट तक चलेगा।
उपछाया चरण (Penumbral Phase): सुबह 06:55 बजे (IST) शुरू होगा।
आंशिक ग्रहण (Partial Eclipse): सुबह 08:04 बजे से प्रारंभ होगा।
ग्रहण का चरम (Maximum Eclipse): सुबह 09:43 बजे होगा, जब चंद्रमा का 92% हिस्सा ढक जाएगा।
आंशिक चरण की समाप्ति: सुबह 11:21 बजे होगी।
ग्रहण की पूर्ण समाप्ति: दोपहर 12:30 बजे उपछाया चरण खत्म होने के साथ होगी।
किन देशों में दिखेगा चंद्र ग्रहण?
यह खगोलीय घटना उत्तरी अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका के बड़े भू-भाग में साफ दिखाई देगी। पेरिस, लंदन, रोम, न्यूयॉर्क, लॉस एंजिल्स और जोहान्सबर्ग जैसे बड़े शहरों के अलावा प्रशांत और अटलांटिक महासागर के तटीय क्षेत्रों से इस ग्रहण का नजारा देखने को मिलेगा। ग्रहण के समय चंद्रमा का बड़ा हिस्सा ढका होने के कारण उन देशों में आसमान में लालिमा लिए चंद्रमा नजर आएगा।
क्या भारत में लागू होगा सूतक काल?
शास्त्रों और पारंपरिक पंचांगीय मान्यताओं के अनुसार, चंद्र ग्रहण या सूर्य ग्रहण का धार्मिक प्रभाव और सूतक काल वहीं मान्य होता है जहां वह नंगी आंखों से दिखाई दे। चूंकि 28 अगस्त का यह चंद्र ग्रहण भारत में अदृश्य रहेगा, इसलिए यहां सूतक काल के नियम, मंदिर के कपाट बंद होना या खान-पान से जुड़ी पाबंदियां लागू नहीं होंगी।
2026 का आखिरी चंद्र ग्रहण और देखने का विकल्प
यह ग्रहण साल 2026 का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण है। इससे पहले 3 मार्च 2026 को साल का पहला चंद्र ग्रहण हुआ था। भारत में रहने वाले खगोल प्रेमी यदि इस खूबसूरत दृश्य के साक्षी बनना चाहते हैं, तो वे विदेशी ऑब्जर्वेटरीज़ और स्पेस एजेंसियों द्वारा की जाने वाली ऑनलाइन लाइव स्ट्रीमिंग और डिजिटल ब्रॉडकास्ट के जरिए इसे देख सकते हैं।
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