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Dengue Diet Plan: क्या पपीते के पत्ते और कीवी से रातों-रात बढ़ते हैं प्लेटलेट्स? जानिए कड़वा सच

Dengue Diet Plan: क्या पपीते के पत्ते और कीवी से रातों-रात बढ़ते हैं प्लेटलेट्स? जानिए कड़वा सच

क्या पपीते के पत्ते और कीवी से रातों-रात बढ़ते हैं प्लेटलेट्स?

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GGaganpreet Kaur

Dengue Diet Plan: मानसून के बाद डेंगू का प्रकोप शुरू होते ही हर घर और सोशल मीडिया पर एक ही सवाल तैरने लगता है— “ऐसा क्या खाएं जिससे प्लेटलेट्स रातों-रात बढ़ जाएं?” किसी के घर में पपीते के पत्तों का कड़वा रस पिलाया जा रहा होता है, तो कोई भारी-भरकम कीमतों पर कीवी और बकरी का दूध जुटाने में लग जाता है। लेकिन क्या वाकई कोई सुपरफूड प्लेटलेट्स को किसी जादू की तरह बढ़ा सकता है? आइए आसान और तथ्यात्मक भाषा में समझते हैं डेंगू डाइट से जुड़ी 5 सबसे बड़ी सच्चाइयां और घरेलू नुस्खों का साइंटिफिक सच।

सबसे बड़ा भ्रम: कोई भी खुराक रातों-रात नहीं बढ़ा सकती प्लेटलेट्स

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मेडिकल साइंस का साफ कहना है कि दुनिया में ऐसा कोई भी फल, जूस या दूध नहीं बना है जो कुछ ही घंटों में प्लेटलेट्स को नाटकीय रूप से बढ़ा दे। डेंगू के दौरान प्लेटलेट्स का गिरना दरअसल वायरस के प्रभाव के कारण होता है। जैसे-जैसे शरीर का इम्यून सिस्टम वायरस को खत्म करता है और बोन मैरो (अस्थि मज्जा) सामान्य स्थिति में लौटती है, प्लेटलेट्स अपने आप बनने शुरू हो जाते हैं। डेंगू में सही खान-पान का असली काम शरीर को हाइड्रेटेड रखना और ताकत देना है ताकि बोन मैरो को रिकवर होने का समय मिल सके।

डेंगू में क्या है सबसे कारगर? डाइट के 3 मुख्य पिलर्स

तरल पदार्थ (Fluids) हैं सबसे जरूरी: डेंगू में प्लेटलेट्स से ज्यादा खतरा डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) से होता है। पानी, ORS का घोल, नारियल पानी, नमकीन छाछ, सब्जियों का सूप और ताजा अनार का रस शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी नहीं होने देते।

विटामिन C और आयरन: नींबू, आंवला, अमरूद, पालक और चुकंदर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) को मजबूत करते हैं और खून में जरूरी पोषक तत्व पहुंचाते हैं।

हल्का और सुपाच्य भोजन: बीमारी के वक्त पाचन तंत्र कमजोर होता है। ऐसे में मूंग दाल की खिचड़ी, दलीया, उबले अंडे का सफेद हिस्सा और चावल जैसे हल्के खाद्य पदार्थ शरीर को खोई हुई ऊर्जा वापस देते हैं।

पपीते के पत्ते, कीवी और बकरी का दूध: दावों में कितनी सच्चाई?

पपीते के पत्तों का रस: हैदराबाद के विवेकानंद अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार, भारत में यह सबसे लोकप्रिय नुस्खा है। कुछ शुरुआती रिसर्च बताती हैं कि पपीते की पत्तियों का अर्क प्लेटलेट्स बनने की प्रक्रिया को थोड़ा सहारा दे सकता है। लेकिन इसे डेंगू का इलाज या कोई जादुई दवा मान लेना गलत है; यह केवल एक सपोर्टिव थेरेपी की तरह काम करता है।

कीवी और बकरी का दूध: कीवी में विटामिन C और एंटीऑक्सिडेंट्स भरपूर होते हैं, जबकि बकरी का दूध सुपाच्य होता है। ये दोनों मरीज को पोषण और एनर्जी तो देते हैं, लेकिन इनसे सीधे तौर पर प्लेटलेट्स बढ़ने का कोई ठोस मेडिकल सबूत उपलब्ध नहीं है।

भूलकर भी न करें ये गलतियां

डेंगू के दौरान पाचन शक्ति काफी धीमी पड़ जाती है। ऐसे में मरीज को ज्यादा मिर्च-मसाले वाला और तला-भुना खाना बिल्कुल न दें। इसके अलावा चाय, कॉफी और कोल्ड ड्रिंक्स (कैफीन युक्त पेय) से सख्त परहेज करें क्योंकि ये शरीर में पानी की खपत बढ़ाकर डिहाइड्रेशन को न्योता देते हैं। बच्चों के मामले में खास सावधानी बरतें; उन्हें जबरदस्ती खाना खिलाने के बजाय थोड़ी-थोड़ी देर में ORS या नारियल पानी देते रहें।

विशेषज्ञों की सलाह: डाइट केवल शरीर को संभालती है, यह डॉक्टरी इलाज का विकल्प नहीं हो सकती। यदि मरीज को लगातार उल्टियां हो रही हों, पेट में तेज दर्द हो, पेशाब आना कम हो गया हो या शरीर में कहीं से भी (मसूड़ों, नाक आदि) ब्लीडिंग के लक्षण दिखें, तो घरेलू नुस्खों के भरोसे समय बर्बाद किए बिना तुरंत नजदीकी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में संपर्क करें।

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