Dhanteras Shopping Tips: रोशनी के पर्व दिवाली, धनतेरस और शादियों के सीजन में बाजार में रौनक के साथ चांदी के सिक्कों की खरीद-फरोख्त भी चरम पर पहुंच जाती है। निवेश के लिहाज से या फिर सगे-संबंधियों को उपहार देने के लिए लोग खुलकर चांदी के सिक्के खरीदते हैं। लेकिन त्योहारी भीड़ का फायदा उठाकर कई बार बाजार में मिलावटी या पूरी तरह नकली सिक्के भी ग्राहकों को थमा दिए जाते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि बाजार में बिकने वाले इन सिक्कों की शुद्धता जांचने के लिए आपको किसी सुनार की दुकान या भारी-भरकम मशीन की जरूरत नहीं है, बल्कि आप खुद घर बैठे कुछ आसान तरकीबों से असली चांदी की परख कर सकते हैं।
बीआईएस हॉलमार्क और HUID नंबर से करें पुष्टि
बाजार से जब भी चांदी का सिक्का खरीदें, सबसे पहले उसकी सतह पर उकेरे गए शुद्धता के अंकों को बारीकी से देखें। सामान्य तौर पर अच्छे और प्रमाणित सिक्कों पर 999, 925 या 800 जैसे कोड लिखे होते हैं। इनमें ‘999’ का मतलब होता है कि सिक्का 99.9 प्रतिशत शुद्ध चांदी से बना है, जबकि ‘925’ स्टर्लिंग सिल्वर को दर्शाता है। अगर सिक्के पर भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) का हॉलमार्क और छह अंकों का विशिष्ट HUID कोड दर्ज है, तो आप अपने मोबाइल में ‘BIS Care App’ डाउनलोड करके ‘Verify HUID’ विकल्प के जरिए उसकी पूरी कुंडली खंगाल सकते हैं। हालांकि, चांदी पर हॉलमार्किंग अनिवार्य नहीं है, इसलिए बिना हॉलमार्क वाले सिक्के भी बाजार में मिलते हैं जिनके लिए अन्य तरीकों की मदद लेनी पड़ती है।
चुंबक और बर्फ के छोटे से एक्सपेरिमेंट से खुल जाएगा राज
चांदी के असली होने की जांच करने के लिए भौतिक विज्ञान के दो सबसे आसान नियमों की मदद ली जा सकती है। पहला तरीका है चुंबक परीक्षण; असली चांदी चुंबकीय धातु नहीं होती है, इसलिए वह चुंबक की तरफ खिंचकर उससे कभी नहीं चिपकेगी। यदि सिक्का चुंबक से चिपक जाए, तो समझ लीजिए कि उसमें लोहे या किसी अन्य अशुद्ध धातु की मिलावट है। दूसरा तरीका थर्मल कंडक्टिविटी पर आधारित है। चांदी गर्मी की बहुत बेहतरीन सुचालक मानी जाती है। इसके लिए सिक्के के ऊपर बर्फ का एक छोटा टुकड़ा रखकर देखें; अगर सिक्का शुद्ध चांदी का है, तो वह अपने आसपास की गर्मी को खींचकर बर्फ को बहुत तेजी से पिघला देगा। आप चाहें तो इसकी तुलना किसी साधारण धातु के सिक्के से भी कर सकते हैं।
टकराने पर पैदा होने वाली खनक से पहचाने असली चांदी
पारंपरिक रूप से बुजुर्ग और अनुभवी सराफा व्यापारी भी धातु की आवाज सुनकर उसकी शुद्धता का अंदाजा लगा लेते हैं। असली चांदी के सिक्के को जब आप किसी दूसरी धातु की चीज से हल्का सा सहलाते हैं या आपस में टकराते हैं, तो एक अलग तरह की साफ, सुरीली और काफी देर तक गूंजने वाली आवाज सुनाई देती है। इसके विपरीत, यदि सिक्का मिलावटी या किसी सस्ती धातु का बना होगा, तो उसकी आवाज भारी और बहुत जल्दी थमने वाली होगी। त्योहारी बाजार में खरीदारी करते वक्त इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई को ठगी का शिकार होने से बचा सकते हैं।
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