Gurugram Police Encounter: हरियाणा के गुरुग्राम जिले में गुरुवार तड़के कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले गोतस्करों और पुलिस के बीच खौफनाक मुठभेड़ हो गई। सीआईए नूंह की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ तस्कर काले रंग की थार गाड़ी में गोवंश को भरकर ले जा रहे हैं। (Gurugram Cow Smuggling News) पुलिस टीम ने जब आरोपियों का पीछा कर उन्हें घेरने की कोशिश की, तो बदमाशों ने कानून के डर से बचने के लिए पुलिस दल पर अंदर से ही अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी मोर्चा संभाला, जिसमें एक कुख्यात तस्कर को गोली लग गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
सिलानी मोड़ के पास हुआ आमना-सामना, दोनों तरफ से हुई ताबड़तोड़ फायरिंग
घटना गुरुवार सुबह करीब चार बजे की बताई जा रही है। सीआईए नूंह की टीम संदिग्ध थार गाड़ी (क्रमांक HR 51 BR 6483) का पीछा कर रही थी जिसमें दो गायों को ले जाया जा रहा था। सिलानी मोड़ के पास जैसे ही पुलिस ने वाहन को रुकने का इशारा किया, तस्करों ने गाड़ी रोकने के बजाय फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच करीब 6 से 12 राउंड गोलियां चलीं। इस दौरान एक गोली थार में सवार मुख्य तस्कर साजिद उर्फ आडवाणी (27) को जा लगी। पुलिस तुरंत उसे स्थानीय अस्पताल लेकर पहुंची, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हुए दो साथी, पुलिस की टीमें जुटीं दबिश में
मुठभेड़ के दौरान गोलीबारी का फायदा उठाकर साजिद के दो अन्य साथी अंधेरे और झाड़ियों का लाभ उठाते हुए जंगल की तरफ फरार होने में सफल रहे। पुलिस ने इलाके में तुरंत कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया, लेकिन उनका सुराग नहीं मिल सका। घटना की गंभीरता को देखते हुए सीन ऑफ क्राइम और एफएसएल की टीम ने मौके पर पहुंचकर तमाम साक्ष्य जुटाए। गाड़ी में मौजूद गोवंश के स्वास्थ्य की जांच के लिए पशु चिकित्सकों को भी मौके पर बुलाया गया। फिलहाल पुलिस मृत तस्कर के शव को सोहना सिविल अस्पताल के शवगृह में रखवा चुकी है।
अपराध की दुनिया का बेताज बादशाह था साजिद उर्फ आडवाणी
पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर सामने आया कि मारा गया 27 वर्षीय साजिद उर्फ आडवाणी निवासी खरखड़ी (नूंह) कोई साधारण अपराधी नहीं था, बल्कि मेवात और गुरुग्राम क्षेत्र में उसका बड़ा खौफ था। (Haryana Crime News)
उसके खिलाफ हत्या, डकैती, गोतस्करी, आर्म्स एक्ट और वाहन चोरी के 30 से अधिक संगीन मामले दर्ज थे। मार्च 2018 में वह पहली बार पटौदी से कार चोरी के मामले में पकड़ा गया था। इसके बाद बिलासपुर क्राइम ब्रांच की टीम जब उसे एटीएम चोरी के एक मामले में मौका मुआयना कराने ले गई थी, तब वह टॉयलेट जाने का बहाना बनाकर पुलिस को गच्चा देकर फरार हो गया था। तब से वह पुलिस के लिए पकड़ से बाहर चल रहा था।
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