August 2, 2026

Hansi News: ₹80 करोड़ की पाइपलाइन का कनेक्शन काटने पहुंची पुलिस पर हमला, आधी रात को दागे गए आंसू गैस के गोले

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Hansi News: ₹80 करोड़ की पाइपलाइन का कनेक्शन काटने पहुंची पुलिस पर हमला, आधी रात को दागे गए आंसू गैस के गोले

हरियाणा के इस जिले में 1500 ग्रामीणों पर केस

Hansi News: हांसी का चानौत गांव इस समय छावनी में तब्दील हो चुका है और हवा में तनाव साफ महसूस किया जा सकता है। करीब 40 दिनों से पानी की किल्लत को लेकर शांत चल रहा आंदोलन सोमवार की रात अचानक हिंसक हो उठा। दरअसल, शनिवार को प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने राजली हेड से हांसी जा रही ₹80 करोड़ की मुख्य पाइपलाइन में खुद ही 6 इंच का ‘टी-कनेक्शन’ (T-Connection) जोड़ लिया था और गांव में पानी आने की खुशी में जश्न मनाया था। लेकिन प्रशासन ने इसे नियमों के खिलाफ और अवैध माना।

सोमवार रात करीब डेढ़ बजे जब पूरा गांव सो रहा था, तब उपायुक्त (DC) राहुल नरवाल और पुलिस अधीक्षक (SP) विनोद कुमार की अगुवाई में भारी पुलिस बल और जेसीबी मशीनें चोरी-छिपे इस कनेक्शन को काटने पहुंचीं। भनक लगते ही लाठियां और टॉर्च लेकर सैकड़ों ग्रामीण, जिनमें महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल थे, मौके पर जमा हो गए। प्रशासन ने जैसे ही खुदाई शुरू की, आक्रोशित ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। इसके बाद पुलिस ने बेकाबू भीड़ को खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज कर दिया। इस आमने-सामने की भिड़ंत में कई ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों को गंभीर चोटें आई हैं।

सरपंच और पूर्व सरपंच समेत डेढ़ हजार लोगों पर कानूनी शिकंजा

इस हिंसक झड़प के बाद पुलिस ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। पुलिस ने चानौत के वर्तमान सरपंच, पूर्व सरपंच और 4 अन्य प्रमुख चेहरों को नामजद करते हुए करीब 1500 अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ दंगा भड़काने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और प्रशासनिक अधिकारियों पर हमला करने जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। गांव में दोबारा ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए भारी तादाद में सशस्त्र बल तैनात कर दिया गया है।

भारी फोर्स के बावजूद काम ठप, पीछे हटने को मजबूर हुआ प्रशासन

इस हिंसक रात के बाद मंगलवार को प्रशासन एक बार फिर भाखड़ा नहर से हांसी के लिए बिछाई जा रही इसी पाइपलाइन का रुका हुआ निर्माण कार्य शुरू कराने भारी सुरक्षा घेरे के साथ गांव पहुंचा। प्रशासन का इरादा पिछले 40 दिनों से बंद पड़े काम को दोबारा पटरी पर लाना था। लेकिन जैसे ही मशीनें गरजीं, दर्जनों की संख्या में ग्रामीण फिर से काम के आगे अड़ गए। माहौल को दोबारा बिगड़ता देख और ग्रामीणों के तीखे तेवरों के आगे आखिरकार पुलिस और प्रशासनिक अमले को पैर पीछे खींचने पड़े। फिलहाल चानौत गांव और शासन के बीच यह गतिरोध पूरी तरह बरक़रार है और पेयजल संकट का यह प्रशासनिक सिरा अब एक जटिल कानून-व्यवस्था की चुनौती बन चुका है।

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