Haryana ACB Action: 190 भ्रष्ट अधिकारियों की लिस्ट तैयार, 2026 में अब तक 138 सरकारी कर्मचारी ट्रैप
190 भ्रष्ट अधिकारियों की लिस्ट तैयार, 2026 में अब तक 138 सरकारी कर्मचारी ट्रैप
Haryana ACB Action: हरियाणा में सरकारी दफ्तरों को भ्रष्टाचार मुक्त (Haryana Corruption News) बनाने के लिए एंटी करप्शन ब्यूरो ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। अक्सर देखने में आता था कि रिश्वतखोरी के मामले में पकड़े जाने और निलंबन या कार्रवाई का सामना करने के बाद कई अधिकारी-कर्मचारी सांठगांठ कर दोबारा उसी जिले में तैनात हो जाते थे। इससे न केवल जांच प्रभावित होती थी, बल्कि जनता के बीच भी गलत संदेश जाता था।
इस प्रवृत्ति पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए एसीबी की हाई पावर कमेटी ने ठोस प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार के सभी विभागों को पत्र भेजा है। एसीबी प्रमुख अरशिंदर सिंह चावला (ACB Chief Arshinder Singh Chawla) ने स्पष्ट किया कि अब रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए किसी भी अफसर या कर्मचारी को उस जिले में दोबारा पोस्टिंग नहीं दी जाएगी, जहां उसने भ्रष्टाचार की वारदात को अंजाम दिया था।
190 भ्रष्ट अफसरों की हिटलिस्ट तैयार, औसतन हर दूसरे दिन हो रहा एक ट्रैप
प्रदेश में फैले भ्रष्टाचार के जाल को काटने के लिए एसीबी ने 190 (Corrupt Officers List Haryana) ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची तैयार की है, जिनके खिलाफ लगातार रिश्वतखोरी की शिकायतें और इनपुट मिल रहे थे। एसीबी प्रमुख चावला ने बताया कि साल 2026 में अब तक 138 सफल ट्रैप की कार्रवाई की जा चुकी है। यदि सरकारी छुट्टियों को हटाकर देखा जाए, तो ब्यूरो की टीमों ने औसतन हर दूसरे दिन एक रिश्वतखोर को रंगे हाथ दबोचा है।
कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि मामलों का अदालती फॉलोअप भी मजबूती से किया जा रहा है। इसी का नतीजा है कि इस साल 1 जनवरी से अब तक 21 मामलों में 23 दोषियों को अदालतों से सजा दिलाई जा चुकी है। इसके साथ ही ब्यूरो ने प्रदेश भर में भ्रष्टाचार के ‘हॉटस्पॉट’ (अत्यधिक शिकायत वाले विभागों और दफ्तरों) की पहचान कर वहां निगरानी बढ़ा दी है।
शिकायतकर्ता को मिलेगी ट्रैप राशि और गोपनीयता, जल्द आएगा वन-टच मोबाइल ऐप
रिश्वतखोरी के खिलाफ आवाज उठाने वाले नागरिकों को राहत देने के लिए सरकार ने ‘रिवॉल्विंग फंड’ की व्यवस्था को बेहद सरल बना दिया है। अक्सर ट्रैप के दौरान इस्तेमाल होने वाले पैसे कोर्ट केस चलने तक फंस जाते थे, जिससे शिकायतकर्ता पर आर्थिक बोझ पड़ता था। अब एक साधारण हलफनामे के आधार पर शिकायतकर्ता को उसकी राशि तुरंत लौटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके अलावा पहचान पूरी तरह गुप्त रखकर सूचना देने वालों को नकद पुरस्कार देने का भी प्रावधान किया गया है।
आमजन के लिए शिकायत प्रक्रिया को और आसान बनाने के उद्देश्य से एसीबी एक अत्याधुनिक (ACB Mobile App Trial) मोबाइल ऐप का ट्रायल चला रही है। इस ऐप में ओटीपी सुरक्षा फीचर्स के साथ वन-टच हेल्पलाइन कनेक्टिविटी होगी। इससे यदि कोई व्यक्ति अपने गृह जिले से बाहर भी किसी विभाग में रिश्वतखोरी का शिकार होता है, तो वह तुरंत एसीबी तक अपनी शिकायत और साक्ष्य पहुंचा सकेगा।
