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OPG School Ladwa: ओपीजी स्कूल में भारत विकास परिषद ने लगाया बाल संस्कार शिविर, हवन से हुई शुरुआत

OPG School Ladwa: ओपीजी स्कूल में भारत विकास परिषद ने लगाया बाल संस्कार शिविर, हवन से हुई शुरुआत

पर्यावरण और अनुशासन का पाठ: लाडवा के संस्कार शिविर में बच्चों ने लिया जल संरक्षण का संकल्प

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AAmandeep Singh

OPG School Ladwa: विद्यार्थियों में किताबी ज्ञान के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, भारतीय संस्कृति और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का भाव जगाने के लिए लाडवा में एक अनूठी पहल की गई है।

भारत विकास परिषद की लाडवा शाखा द्वारा ओपीजी स्कूल में ‘बाल संस्कार शिविर’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि विशाल गर्ग की मौजूदगी में पूर्ण विधि-विधान और वैदिक पावन हवन-यज्ञ के साथ हुई। इस यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद परिषद के संस्कार गतिविधि संयोजक बाल कृष्ण ने उपस्थित बच्चों को वैदिक मंत्रों का व्यावहारिक अर्थ और दैनिक जीवन में उनके महत्व को विस्तार से समझाया।

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“संस्कारी बच्चे ही हैं सशक्त राष्ट्र की नींव”— परिषद अध्यक्ष राजीव आर्य

शिविर को संबोधित करते हुए भारत विकास परिषद के अध्यक्ष राजीव आर्य ने संस्कारों की महत्ता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा, “बच्चों के भीतर बचपन में बोए गए अच्छे संस्कारों के बीज ही आगे चलकर एक मजबूत और उज्ज्वल राष्ट्र की नींव बनते हैं।

परिषद का यह निरंतर प्रयास रहता है कि वह समय-समय पर ऐसे शिविरों के जरिए भावी पीढ़ी में संस्कार, सेवा और समर्पण के भाव को सिंचित करे।” वहीं, कार्यक्रम में पहुंचे तिलक राज गुप्ता ने अपने ओजस्वी भाषण से बच्चों में नया जोश भरा। उन्होंने छात्र-छात्राओं को कड़े अनुशासन में रहने, आत्मविश्वास बनाए रखने और सकारात्मक सोच के साथ जीवन पथ पर आगे बढ़ने का मूलमंत्र दिया।

ग्लोबल वार्मिंग के दौर में पर्यावरण की चिंता, बच्चों ने लिया पौधे लगाने का संकल्प

बदलते मौसम और पर्यावरण संकट को ध्यान में रखते हुए परिषद के वरिष्ठ सदस्य अरविंद सिंघल ने विद्यार्थियों के सामने अपनी बात रखी। उन्होंने बच्चों को प्रकृति से जुड़ने की सलाह देते हुए कहा कि आज के दौर में जल संरक्षण करना और अधिक से अधिक पौधे लगाना बेहद जरूरी हो गया है।

उन्होंने बच्चों से अपनी धरती के प्रति जिम्मेदारियों को समझने का आह्वान किया। इसके बाद, शिविर को मनोरंजक बनाने के लिए पल्लवी सिंघल, गरिमा अग्रवाल और पूजा सिंघल ने बच्चों के लिए कई ज्ञानवर्धक और दिमागी खेलों का संचालन किया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ तालियां बजाते हुए हिस्सा लिया।

अंजू सिंघल के कुशल निर्देशन में पूरा हुआ शिविर, संस्कारों को जीने की खाई कसम

पूरे शिविर के दौरान ओपीजी स्कूल का परिसर बच्चों की किलकारियों और उनके उत्साह से जीवंत नजर आया। इस पूरे आयोजन को व्यवस्थित तरीके से धरातल पर उतारने में परियोजना संयोजिका अंजू सिंघल ने मुख्य भूमिका निभाई, जिनके कुशल निर्देशन में कार्यक्रम का सफल संचालन हुआ।

समापन सत्र में स्कूल प्रबंधन और परिषद के पदाधिकारियों ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। शिविर के आखिर में सभी बच्चों ने हाथ उठाकर यह संकल्प लिया कि वे इस शिविर में सीखी गई अच्छी बातों और संस्कारों को केवल डायरी तक सीमित नहीं रखेंगे, बल्कि अपने दैनिक व्यवहार और जीवन में पूरी ईमानदारी से उतारेंगे।

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