Haryana Ration Card: हरियाणा में 2 लाख राशन कार्ड ब्लॉक! अगर डिपो से नहीं उठाया राशन तो तुरंत करा लें ये काम

हरियाणा में 2 लाख राशन कार्ड ब्लॉक! अगर डिपो से नहीं उठाया राशन तो तुरंत करा लें ये काम
Haryana Ration Card: हरियाणा में अगर आपने राशन कार्ड बनवा रखा है और लंबे समय से डिपो से राशन नहीं उठा रहे हैं, तो यह खबर आपके काम की है। नागरिक संसाधन सूचना विभाग (क्रीड) और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने ऐसे परिवारों की पहचान कर उन पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है, जिन्होंने पिछले 6 महीने से लेकर एक साल तक डिपो पर बायोमीट्रिक हाजिरी दर्ज नहीं कराई है। प्रदेश स्तर पर बड़े पैमाने पर छंटनी अभियान चलाकर ऐसे निष्क्रिय (In-active) राशन कार्डों को फिलहाल पोर्टल पर ब्लॉक किया जा रहा है।
डेढ़ से दो लाख राशन कार्ड हो सकते हैं प्रभावित
विभागीय सूत्रों के मुताबिक, प्रदेशभर में लगभग 1.5 लाख से 2 लाख ऐसे राशन कार्ड धारक हैं जो लंबे समय से अपने हिस्से का राशन लेने डिपो पर नहीं पहुंचे हैं। विभाग अब इन सभी खातों की गहन पड़ताल करने जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य यह जानना है कि राशन न लेने वाले परिवार वाकई में सरकारी योजना के पात्र हैं या नहीं। अधिकारियों को अंदेशा है कि इनमें से कई परिवार या तो दूसरे राज्यों व शहरों में पलायन कर चुके हैं या फिर उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आ चुका है, जिसके चलते उन्हें अब राशन की आवश्यकता नहीं रही।
पात्र लाभार्थियों के लिए खुला है राहत का रास्ता
हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फर्जी या गैर-जरूरतमंदों को छांटने के इस अभियान में किसी वास्तविक गरीब का हक नहीं मारा जाएगा। यदि कोई परिवार किसी गंभीर बीमारी, पारिवारिक आपात स्थिति या किसी अन्य जायज वजह से पिछले कुछ महीनों में डिपो से राशन नहीं उठा सका है, तो उनके लिए कार्ड दोबारा चालू कराने का विकल्प खुला रखा गया है। ऐसे परिवारों को घबराने की जरूरत नहीं है, वे प्रक्रिया पूरी कर अपनी सुविधा दोबारा बहाल करा सकते हैं।
तहसीलदार का सत्यापित शपथ पत्र और आय का देना होगा ब्योरा
निष्क्रिय हुए राशन कार्ड को दोबारा एक्टिव कराने के लिए लाभार्थियों को फिर से वेरिफिकेशन की प्रक्रिया से गुजरना होगा। इसके तहत लाभार्थियों को अपनी मौजूदा आय, संपत्ति और पात्रता का नए सिरे से ब्योरा देना होगा। ग्रामीण क्षेत्रों के मामले में लाभार्थियों को तहसीलदार या नायब तहसीलदार द्वारा सत्यापित शपथ पत्र (Affidavit) जमा कराना अनिवार्य किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, सत्यापन में परिवार के पात्र पाए जाते ही उनका राशन पुनः शुरू कर दिया जाएगा, ताकि योजना का लाभ केवल जरूरतमंदों तक ही पहुंचे।
