Haryana Weather Update: हरियाणा में सावन की दस्तक के साथ ही मानसून की सक्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। शनिवार को प्रदेश के एक बड़े हिस्से में मानसूनी हवाओं ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई, जिससे कई जिलों में अच्छी खासी बारिश रिकॉर्ड की गई।
बारिश के इस दौर से पिछले कई दिनों से तप रहे मैदानी इलाकों के तापमान में गिरावट आई है और लोगों को झुलसाती गर्मी से कुछ राहत मिली है। हालांकि, भौगोलिक स्थिति के कारण प्रदेश में मौसम के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं।
जीटी रोड बेल्ट पर राहत, राजस्थान बॉर्डर से सटे जिलों में उमस का टॉर्चर
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक शनिवार को करनाल, रोहतक, यमुनानगर और अंबाला में रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला चलता रहा। इससे पहले शुक्रवार की रात को हुई बरसात का असर भी शनिवार की सुबह देखने को मिला, जिससे सुबह के वक्त मौसम में अच्छी खासी ठंडक महसूस की गई।
इसके उलट, राज्य का वह हिस्सा जो राजस्थान की सीमा से सटा हुआ है, वहां हालात बिल्कुल अलग रहे। हिसार, फतेहाबाद और सिरसा जैसे पश्चिमी जिलों में दिनभर तीखी धूप खिली रही। हालांकि इन इलाकों में ठंडी हवाएं भी चलीं, लेकिन हवा में नमी के ऊंचे स्तर के कारण उमस का ऐसा टॉर्चर रहा कि लोग पसीने से तर-बतर नजर आए।
पारा 36 डिग्री के आसपास थमा, अगले कुछ दिन और गिरेंगे दामन
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बादलों की आवाजाही और रुक-रुक कर हो रही बारिश के चलते फिलहाल प्रदेश का अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के इर्द-गिर्द सिमट गया है। हालांकि, बादलों की वजह से रात के तापमान में आंशिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे रातें थोड़ी बेचैन करने वाली हो रही हैं।
चंडीगढ़ मौसम केंद्र के विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के चलते अगले तीन से चार दिनों तक राज्य में बारिश का यह दौर रुक-रुक कर जारी रहेगा, जिससे आने वाले समय में दिन के पारे में और दो से तीन डिग्री की गिरावट देखी जा सकती है।
आज इन 13 जिलों में रहें सावधान, आंधी और बिजली कड़कने की चेतावनी
चंडीगढ़ मौसम केंद्र (IMD) ने रविवार के लिए राज्य के 13 जिलों में ‘यलो अलर्ट’ जारी करते हुए विशेष एहतियात बरतने को कहा है। जिन जिलों के लिए यह चेतावनी जारी की गई है, उनमें उत्तर हरियाणा के पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल और करनाल शामिल हैं।
वहीं दक्षिण और दिल्ली-एनसीआर से सटे झज्जर, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह (मेवात) और पलवल में भी गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है। मौसम विभाग ने आम जनता और खासकर किसानों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों के पास खड़े न हों और जलभराव वाले रास्तों से दूरी बनाकर रखें।
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