Hathnikund Barrage: हथिनीकुंड बैराज सेना के दोनों लापता कमांडोज के मिले पार्थिव शरीर, जींद में 200 KM दूर मिला एक शव

हथिनीकुंड बैराज सेना के दोनों लापता कमांडोज के मिले पार्थिव शरीर
Hathnikund Barrage: प्रताप नगर, रघबीर सिंह। हरियाणा के यमुनानगर स्थित हथिनीकुंड बैराज पर सेना की स्पेशल फोर्स के युद्धाभ्यास के दौरान हुए भीषण हादसे में लापता दोनों जवानों का दर्दनाक अंत सामने आया है। मंगलवार शाम अभ्यास के दौरान उफनती नदी में डूबे सेना की ‘वन पैरा स्पेशल फोर्स’ (1 Para SF) के दोनों स्पेशल कमांडोज के पार्थिव शरीर बरामद कर लिए गए हैं। रेस्क्यू टीमों के अथक प्रयासों के बीच एक जवान का शव घटनास्थल से 15 किलोमीटर दूर उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में मिला, वहीं दूसरे जवान का पार्थिव शरीर पानी के भयानक वेग में बहकर करीब 200 किलोमीटर दूर जींद जिले की हांसी ब्रांच नहर तक पहुंच गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जींद के अमरेहड़ी गांव के पास नहर में बरामद पार्थिव शरीर की पहचान महाराष्ट्र के सांगली निवासी जांबाज जवान आर्यन पाटिल के रूप में की जा रही है। वहीं, बुधवार रात उत्तर प्रदेश के बरथा कोरसी गांव के पास यमुना नदी में मछली पकड़ने के जाल में फंसे मिले पार्थिव शरीर की पहचान जम्मू-कश्मीर के अखनूर क्षेत्र के रहने वाले जवान अजय के तौर पर हुई है। हालांकि, सैन्य प्रोटोकॉल के तहत आधिकारिक पहचान और पुष्टि की औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।
चिनूक हेलिकॉप्टर से बोट पर कूदते ही हुआ था हादसा, तीन कमांडो ने तैरकर बचाई थी जान
यह पूरी हृदयविदारक घटना 1 सितंबर की शाम करीब 5 बजे की है। हथिनीकुंड बैराज के पास वन पैरा स्पेशल फोर्स का एक दस्ता भारतीय वायुसेना के चिनूक हेलिकॉप्टर के जरिए खतरनाक वाटर-ड्रॉपिंग एक्सरसाइज कर रहा था। हेलिकॉप्टर से पांच स्पेशल कमांडो यमुना नदी के उफनते पानी में मौजूद एक मोटर बोट पर कूदे। लेकिन दुर्भाग्यवश, बोट में जवानों के उतरते ही उसकी मोटर स्टार्ट नहीं हो सकी और पानी के जबरदस्त थपेड़ों से बोट अनियंत्रित होकर डूबने लगी।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पांचों कमांडोज डाइविंग किट और लाइफ जैकेट पहनकर उफनती नदी में कूद पड़े। इनमें से तीन जांबाज जवान अपनी उत्कृष्ट तैराकी क्षमता के बल पर पश्चिमी यमुना नहर के किनारे सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन आर्यन पाटिल और अजय पानी के अति-तीव्र बहाव में बह गए। घटना के तुरंत बाद ही सेना के उच्च अधिकारियों ने मोर्चा संभाला और स्थानीय पुलिस व गोताखोरों की मदद से तत्काल रेस्क्यू अभियान छेड़ा गया।
दो दिनों तक चला महा-अभियान, 10 सैन्य टीमों और हेलिकॉप्टर से खंगाली गई नदी
लापता कमांडोज की खोज के लिए बुधवार को ऑपरेशन का दायरा अभूतपूर्व स्तर पर बढ़ा दिया गया। सेना की 10 विशेष टीमों के अलावा हरियाणा और उत्तर प्रदेश की एसडीआरएफ (SDRF) तथा एनडीआरएफ (NDRF) की टुकड़ियों ने कमान संभाली। गगनचुंबी हवाई निगरानी के लिए हेलिकॉप्टरों का सहारा लिया गया और पश्चिमी यमुना नहर के पानी को एक घंटे तक रोककर जलस्तर कम किया गया, ताकि गोताखोर ह्यूमन-चेन बनाकर नदी के तल तक गहराई से तलाशी ले सकें। सुरक्षा कारणों से बैराज पर हरियाणा-यूपी सीमा मार्ग को भी अस्थाई रूप से बंद कर दिया गया था।
अभियान के दौरान दादूपुर हेड के पास दो लाइफ जैकेट और डाइविंग किट भी बरामद हुई थी। बुधवार देर रात यूपी के बरथा कोरसी गांव में पहले जवान का शव मिला, जिसे स्थानीय सिंचाई विभाग की सूचना पर सेना ने अपने कब्जे में लिया। इसके बाद गुरुवार सुबह जींद की हांसी ब्रांच में दूसरे जवान का शव मिलने की दुखद खबर आई। मां भारती के इन दोनों जांबाज बेटों की शहादत और इस दर्दनाक हादसे से पूरी पैरा रेजीमेंट और देशवासियों में गहरा शोक व्याप्त है।
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