Hathnikund Barrage: हथिनीकुंड बैराज हादसा, 25 घंटे बाद मिला सेना के लापता जवान का शव, यूपी में जाल में फंसा पार्थिव शरीर

हथिनीकुंड बैराज हादसा, 25 घंटे बाद मिला सेना के लापता जवान का शव
Hathnikund Barrage: प्रताप नगर, रघबीर सिंह। हरियाणा के यमुनानगर जिले में स्थित हथिनीकुंड बैराज पर हुए भीषण हादसे के बाद से जारी राहत और बचाव कार्य में एक दुखद सफलता मिली है। बुधवार शाम सेना की मॉकड्रिल के दौरान नदी में लापता हुए दो स्पेशल कमांडोज में से एक जवान का पार्थिव शरीर हादसे के करीब 25 घंटे बाद बरामद कर लिया गया है। पानी के तेज बहाव में बहकर जवान का शव पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश की सीमा में स्थित बरथा कोरसी गांव के पास पहुंच गया था, जहां नदी में स्थानीय ग्रामीणों द्वारा लगाए गए मछली पकड़ने के जाल में शव फंसा हुआ मिला।
मछुआरों की सूचना पर स्थानीय लोगों की मदद से पार्थिव शरीर को नदी के किनारे लाया गया। खबर मिलते ही सेना के वरिष्ठ अधिकारी और जवान तुरंत मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके की घेराबंदी कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। सेना ने शव को अपने कब्जे में लेकर आगे की कानूनी और सैन्य प्रक्रियाओं को शुरू कर दिया है। 25 घंटे के लंबे इंतजार के बाद जवान का शव मिलने से जहां सेना के कैंप में गमगीन माहौल है, वहीं दूसरे साथी की अब तक कोई खबर न मिलने से चिंता और गहरा गई है।
बुधवार शाम अभ्यास के दौरान पलटी थी नौका, तीन जवानों ने तैरकर बचाई थी जान
पूरी घटना बुधवार शाम करीब 5 बजे की है, जब हथिनीकुंड बैराज के गहरे और तेज बहाव वाले पानी में सेना के स्पेशल कमांडो दस्ता अपनी नियमित मॉकड्रिल कर रहा था। अभ्यास के दौरान अचानक पानी के जबरदस्त दबाव और थपेड़ों के कारण जवानों से भरी नाव अनियंत्रित होकर पलट गई। नाव में सवार पांच जवानों में से तीन बहादुर कमांडो अपनी सूझबूझ और बेहतरीन तैराकी के बल पर उफनती नदी से सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे, लेकिन दो जवान पानी के प्रचंड वेग में बह गए और लापता हो गए।
घटना के तुरंत बाद ही सेना, एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF) और स्थानीय पुलिस की टीमों ने साझा तौर पर व्यापक राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया था। हथिनीकुंड बैराज से लेकर नीचे की ओर यमुना के तटीय इलाकों तक गोताखोरों की मदद से रात-दिन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। नदी के कठिन और उबड़-खाबड़ धरातल के साथ-साथ पानी का तेज बहाव रेस्क्यू टीमों के लिए लगातार बड़ी चुनौती बना हुआ है।
दूसरे लापता कमांडो के लिए सर्च ऑपरेशन तेज, यमुना के तटीय इलाकों में अलर्ट
एक जवान का शव मिलने के बाद अब पूरा ध्यान दूसरे लापता स्पेशल कमांडो को तलाशने पर केंद्रित कर दिया गया है। बैराज से सटे निचले इलाकों और उत्तर प्रदेश से लगती सीमांत नदियों में सर्च ऑपरेशन की रफ्तार और बढ़ा दी गई है। बोट्स और अत्याधुनिक उपकरणों के जरिए गोताखोर नदी के एक-एक हिस्से को खंगाल रहे हैं। आसपास के गांवों के ग्रामीणों और मछुआरों को भी अलर्ट रहने को कहा गया है ताकि अगर कोई सुराग मिले तो तुरंत सेना या पुलिस को सूचित किया जा सके।
सैन्य अधिकारियों का कहना है कि जब तक दूसरे जवान का सुराग नहीं मिल जाता, तब तक रेस्क्यू ऑपरेशन बिना रुके जारी रहेगा। इस दुखद हादसे ने जहां सेना के जवानों के कड़े और जोखिम भरे अभ्यास को सामने लाया है, वहीं अपने जांबाज साथियों को खोने और एक के लापता होने से पूरे सैन्य महकमे में शोक की लहर दौड़ गई है।
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