Himachal Pradesh: हिमाचल के भरमौर में बादल फटा, पुल बहने से 50 श्रद्धालु रास्ते में फंसे, स्थानीय लोगों ने संभाला मोर्चा

हिमाचल के भरमौर में बादल फटा
Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के भरमौर क्षेत्र में सोमवार को बादल फटने ऐसे हुआ रेस्क्यूम पंचायत बलोठ के 84 चला में पानी के तेज बहाव ने लोहे के पुल को बहा दिया, जबकि मंदिर की ओर जाने वाला पैदल रास्ता भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
इसी दौरान मां भगवती खुंढी वाली के दर्शन के लिए जा रहे करीब 40 से 50 श्रद्धालु रास्ते में फंस गए। घटना के दौरान किसी तरह के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है।
स्थानीय लोगों ने बनाया अस्थायी पुल
पूर्व प्रधान पवन शर्मा ने बताया कि उन्हें मोबाइल के जरिए 84 चला में बादल फटने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही वह स्थानीय लोगों के साथ मौके पर पहुंचे, जहां श्रद्धालु रास्ता क्षतिग्रस्त होने के कारण आगे नहीं जा पा रहे थे।
स्थानीय लोगों ने तुरंत लकड़ी की अस्थायी पुलिया तैयार की। इसके बाद सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से दूसरी तरफ पहुंचाया गया।
लोहे का पुल पूरी तरह बहा
पवन शर्मा के मुताबिक, सैलाब का बहाव इतना तेज था कि लोहे का पुल पूरी तरह बह गया। पैदल रास्ते को भी काफी नुकसान पहुंचा है, जिससे मंदिर की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए आगे की आवाजाही मुश्किल हो गई है।
उन्होंने प्रशासन से क्षतिग्रस्त पुल और रास्ते को जल्द बहाल करने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रास्ते की स्थिति को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
ज्येष्ठ मंगलवार पर बढ़ सकती है श्रद्धालुओं की भीड़
इन दिनों बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसी रास्ते से मां भगवती खुंढी वाली मंदिर पहुंचते हैं। मंगलवार को ज्येष्ठ मंगलवार के अवसर पर श्रद्धालुओं के डल झील में पवित्र स्नान करने की भी परंपरा है, जिसके चलते यहां श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना रहती है।
मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालु करीब 35 से 40 किलोमीटर की दूरी पैदल तय करते हैं। ऐसे में पुल बहने और पैदल रास्ता क्षतिग्रस्त होने के बाद प्रशासन के सामने श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की चुनौती है।
फिलहाल स्थानीय लोगों की तत्परता से रास्ते में फंसे सभी 40-50 श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाल लिया गया। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
