Hisar Roadways Bus Strike: शनिवार तड़के जब शहर सो ही रहा था, हिसार डिपो के मुख्य गेट पर हरियाणा रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने मोर्चा संभाल लिया। भोर में चार बजते ही कर्मचारियों ने बस स्टैंड और वर्कशॉप के दरवाजों पर तालेबंदी जैसी स्थिति पैदा कर दी, जिससे बसों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई। सुबह के वक्त डिपो से चंडीगढ़ के लिए निकलने वाली पहली बस को भी कर्मचारियों ने वर्कशॉप से बाहर नहीं आने दिया। देखते ही देखते पूरा बस स्टैंड परिसर सूना पड़ गया और सिर्फ हड़ताली कर्मचारियों के नारे गूंजने लगे।
प्रशासनिक वार्ता की नाकामी ने बढ़ाई तल्खी, चक्का जाम पर अड़ा यूनियन
इस गतिरोध को टालने के लिए शुक्रवार शाम को एसडीएम ज्योति मित्तल की अध्यक्षता में रोडवेज यूनियन के नेताओं के साथ मैराथन बैठक बुलाई गई थी।
हालांकि, प्रशासनिक अधिकारियों की यह कवायद पूरी तरह बेनतीजा साबित हुई। वार्ता विफल होते ही कर्मचारी यूनियन ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया और अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फरमान जारी कर दिया। कर्मचारियों का कहना है कि बार-बार आश्वासन के बाद भी उनकी जायज मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
लोकल से लेकर अंतरराज्यीय रूट प्रभावित, यात्रियों की बढ़ीं मुश्किलें
हड़ताल का सीधा असर बस स्टैंड पर सुबह-सुबह पहुंचे मुसाफिरों पर पड़ा। शुक्रवार से ही डिपो ने 83 से अधिक बसों का रात्रि ठहराव रद्द कर दिया था, और शनिवार सुबह होते-होते दिल्ली, चंडीगढ़, जयपुर, बीकानेर, अजमेर, आगरा और खाटूश्याम जैसे अंतरराज्यीय रूटों पर पहिए थम गए। इसके साथ ही आदमपुर, उकलाना, बाधड़ा और चौधरीवास जाने वाले दैनिक यात्रियों को भी भारी फजीहत झेलनी पड़ रही है। सरकारी बसें न मिलने के कारण यात्रियों को मजबूरन मनमाना किराया देकर निजी बसों और कैब का सहारा लेना पड़ रहा है।
बकाया भुगतान और जीएम की कार्यशैली पर रोष, आर-पार की मूड में कर्मचारी
यूनियन के प्रांतीय व स्थानीय प्रतिनिधियों—संदीप जैनवास, अजय दुहन, राजबीर दुहन और नरेंद्र खरड़ का कहना है कि रोडवेज कर्मचारी लंबे समय से अपने हक के वित्तीय लाभों, रात्रि भत्ते, टीए और ओवरटाइम के बकाया भुगतान के लिए भटक रहे हैं। इसके अलावा महाप्रबंधक (जीएम) की कार्यशैली को लेकर भी कर्मचारियों में भारी गुस्सा है। डिपो प्रधान प्रदीप जैनवास ने साफ कहा, “प्रशासन से बातचीत बेनतीजा रहने के बाद हमारे पास आंदोलन के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था। जब तक हमारी मांगों का पक्का समाधान नहीं निकाला जाता, यह चक्का जाम जारी रहेगा।”
अधिकारी बोले- गतिरोध सुलझाने के प्रयास जारी, जल्द बहाल होंगी बसें
दूसरी ओर, स्थिति को संभालने के लिए रोडवेज प्रशासन भी लगातार जोड़-तोड़ में जुटा हुआ है। हिसार डिपो के जीएम राहुल मित्तल का कहना है कि यात्रियों को हो रही असुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों से लगातार संपर्क साधा जा रहा है। जीएम के मुताबिक, कर्मचारी यूनियन के साथ बातचीत के रास्ते खुले रखे गए हैं और प्रशासन की प्राथमिकता जल्द से जल्द बसों का सामान्य परिचालन बहाल कराने की है, ताकि दूर-दराज जाने वाले आम लोगों को और परेशानी न उठानी पड़े।
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