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Irregular Periods: क्या हर महीने लेट हो रहे हैं आपके पीरियड्स? हल्दी और अदरक का दूध दिलाएगा इस परेशानी से मुक्ति

Irregular Periods: क्या हर महीने लेट हो रहे हैं आपके पीरियड्स? हल्दी और अदरक का दूध दिलाएगा इस परेशानी से मुक्ति

क्या हर महीने लेट हो रहे हैं आपके पीरियड्स?

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GGaganpreet Kaur

Irregular Periods: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, अनियमित खानपान और बढ़ते मानसिक तनाव का सीधा असर महिलाओं की सेहत पर देखने को मिल रहा है। इस असंतुलित दिनचर्या का सबसे पहला और गहरा प्रभाव महिलाओं के पीरियड्स (मासिक धर्म) पर पड़ता है। सामान्य तौर पर 28 से 35 दिनों के चक्र को स्वस्थ और नियमित माना जाता है, लेकिन जब यह साइकिल हर महीने बिगड़ने लगे या तारीखें बहुत आगे खिसकने लगें, तो इसे हल्के में लेना भूल हो सकती है।

अक्सर महिलाएं पीरियड्स को सिर्फ कंसीव करने या फर्टिलिटी से जोड़कर देखती हैं, जबकि सच यह है कि यह आपके शरीर के भीतर चल रही गतिविधियों का एक रिपोर्ट कार्ड है।

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क्यों बिगड़ता है पीरियड्स का संतुलन?

गाइनकोलॉजिस्ट्स के अनुसार, शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का संतुलन बिगड़ने, थायरॉयड की समस्या, पीसीओएस (PCOS), वजन में अचानक बदलाव और देर रात तक जागने जैसी आदतों से पीरियड्स अनिश्चित हो जाते हैं।

पीरियड्स में देरी होने पर गोलियों के सेवन से पहले हमारी भारतीय रसोई में छिपे पारंपरिक और कुदरती नुस्खे काफी कारगर साबित होते हैं। इन्हीं में से एक बेहद लोकप्रिय और असरदार उपाय है- हल्दी और अदरक वाला गर्म दूध।

हल्दी और अदरक का दूध क्यों माना जाता है रामबाण?

आयुर्वेद और आधुनिक न्यूट्रिशन दोनों ही मानते हैं कि हल्दी और अदरक की तासीर गर्म होती है। जब इन्हें दूध के साथ मिलाकर पिया जाता है, तो यह शरीर के अंदरूनी तंत्र पर जादुई असर दिखाता है:

पेल्विक एरिया में बेहतर ब्लड फ्लो: इन दोनों मसालों के सेवन से पेल्विक रीजन (पेड़ू के हिस्से) में रक्त संचार बढ़ता है, जिससे गर्भाशय (Uterus) की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं और रुकी हुई साइकिल को शुरू होने में मदद मिलती है।

सूजन और दर्द से राहत: हल्दी में पाया जाने वाला शक्तिशाली तत्व ‘करक्यूमिन’ और अदरक के ‘एंटी-ऑक्सीडेंट’ गुण शरीर की अंदरूनी सूजन को खत्म करते हैं। इससे पीरियड्स के दौरान होने वाले असहनीय क्रैम्प्स (ऐंठन) और कमर दर्द में बड़ी राहत मिलती है।

हार्मोनल बैलेंस: अदरक शरीर में कोर्टिसोल (स्ट्रेस हार्मोन) के स्तर को नियंत्रित कर बाकी हार्मोन्स के काम करने की क्षमता को बेहतर बनाता है।

बनाने का सही तरीका और सेवन का समय
इस देसी हेल्थ ड्रिंक को तैयार करना बेहद आसान है:

सामग्री: 1 गिलास ताजा दूध, आधा चम्मच कद्दूकस किया अदरक (या कच्ची अदरक), और 1/4 चम्मच हल्दी पाउडर (संभव हो तो कच्ची हल्दी)।

विधि: एक बर्तन में दूध डालें, उसमें हल्दी और अदरक मिलाकर धीमी आंच पर 4-5 मिनट तक अच्छी तरह उबालें।

सेवन: जब दूध गुनगुना रह जाए, तो इसे छानकर रात को सोने से पहले या शाम के समय पी लें। दिन में एक बार इसका सेवन पर्याप्त माना जाता है।

सावधानी: कब है डॉक्टर के पास जाना जरूरी?

यह घरेलू नुस्खा शरीर को प्राकृतिक गर्माहट देकर सामान्य अनियमितता को दूर करने में सहायक है। लेकिन यदि आपकी पीरियड साइकिल पिछले 2-3 महीनों से लगातार बिगड़ी हुई है, अत्यधिक ब्लीडिंग हो रही है या पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द रहता है, तो केवल घरेलू उपायों के भरोसे न बैठें। ऐसे मामलों में किसी स्त्री रोग विशेषज्ञ (Gynecologist) से मिलकर अल्ट्रासाउंड और हार्मोन टेस्ट कराना ही समझदारी है।

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