Jagraon Gurdwara Firing: लुधियाना देहात पुलिस ने जगराओं के गांव राजोआणा कलां स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा पातशाही दसवीं मंजी साहिब में फायरिंग करने वाले मुख्य शूटर को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान पुलिस ने राज सिंह उर्फ राजू के रूप में की है, जो नूरपुर (मछीवाड़ा) क्षेत्र का निवासी बताया गया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी महज पांच दिन पहले नशा तस्करी के एक मामले में जमानत पर जेल से बाहर आया था। जेल से बाहर आने के कुछ दिन बाद ही उस पर गुरुद्वारा परिसर में फायरिंग की वारदात को अंजाम देने का आरोप लगा।
एसएसपी डॉ. अंकुर गुप्ता के अनुसार, पुलिस टीम ने मामले की जांच के दौरान करीब 200 किलोमीटर के बैकवर्ड और फॉरवर्ड रूट की CCTV फुटेज खंगाली। तकनीकी जांच और ह्यूमन इंटेलिजेंस की मदद से मुख्य शूटर तक पहुंचकर उसे गिरफ्तार किया गया। पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह वारदात मुख्य सेवादार बाबा बलदेव सिंह को कथित तौर पर ब्लैकमेल करने और रंगदारी वसूलने की साजिश के तहत की गई।
माथा टेकने के बहाने अंदर घुसा, फिर रिहायशी कमरे की ओर चलाई गोली
पुलिस के अनुसार, यह घटना 28 अक्टूबर की सुबह करीब 3:10 बजे हुई थी। दो नकाबपोश बदमाश मोटरसाइकिल पर गुरुद्वारा मंजी साहिब पहुंचे थे। आरोप है कि इनमें से एक व्यक्ति माथा टेकने के बहाने गुरुद्वारा परिसर के अंदर दाखिल हुआ। उस समय मौजूद हेड ग्रंथी भाई कुलवंत सिंह ने उससे इतनी रात को आने का कारण पूछा तो उसने माथा टेकने की बात कही और बताया कि उसका साथी पीछे आ रहा है।
पुलिस के अनुसार, हेड ग्रंथी ने उसे चाय आदि पीने के लिए भी कहा था। कुछ देर बाद जब हेड ग्रंथी दूसरी तरफ गए तो आरोपी ने मुख्य सेवादार बाबा बलदेव सिंह के रिहायशी कमरे की तरफ गोली चला दी। गोली लकड़ी और एल्युमीनियम के गेट को चीरते हुए दीवार में जा लगी। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई व्यक्ति घायल नहीं हुआ। फायरिंग के बाद दोनों आरोपी मोटरसाइकिल पर मौके से फरार हो गए थे। गुरुद्वारा परिसर में हुई इस घटना के बाद सिख संगत में रोष फैल गया था।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वारदात से कुछ दिन पहले मुख्य सेवादार बाबा बलदेव सिंह को कथित तौर पर फोन पर धमकियां दी गई थीं। पुलिस इस मामले को ब्लैकमेलिंग और रंगदारी से जोड़कर जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक, अब तक इस मामले में चार आरोपियों को ट्रेस किया जा चुका है। इनमें मुख्य शूटर राज सिंह उर्फ राजू को गिरफ्तार कर लिया गया है। दूसरे शूटर और फोन पर धमकी देकर कथित तौर पर वारदात की योजना को अंजाम दिलाने वाले अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
2010 से दर्ज हैं कई मामले, यह आठवां केस
एसएसपी डॉ. अंकुर गुप्ता ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी राजू के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, साल 2010 से अब तक उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट, जबरन वसूली और नशा तस्करी से जुड़े सात मामले दर्ज हो चुके हैं। आरोपी के खिलाफ वर्ष 2010 में थाना सदर कोटकपूरा में धारा 384 के तहत जबरन वसूली का मामला दर्ज किया गया था। वर्ष 2011 में थाना सिटी फरीदकोट में धारा 382 और 411 के तहत मामला दर्ज हुआ। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2016 में जालंधर जिले के थाना शाहकोट में उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट का केस दर्ज किया गया। वर्ष 2020 में थाना सिटी फरीदकोट में धारा 385, 511 और आर्म्स एक्ट के तहत भी मामला दर्ज हुआ था।
इसके बाद वर्ष 2022 में थाना सदर जीरा में NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया। वर्ष 2025 में थाना सदर जीरा में NDPS एक्ट के दो अलग-अलग मामलों में भी उसका नाम सामने आया था। पुलिस के मुताबिक, 23 अक्टूबर को आरोपी जेल से बाहर आया और 28 अक्टूबर को गुरुद्वारा परिसर में हुई फायरिंग की घटना में उसकी कथित भूमिका सामने आई। इस मामले के दर्ज होने के बाद उसके खिलाफ यह आठवां मामला है।
मुख्य शूटर का आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस के मुताबिक, आरोपी राज सिंह उर्फ राजू के खिलाफ पहले दर्ज मामले इस प्रकार हैं:
- 2010: धारा 384, जबरन वसूली; थाना सदर कोटकपूरा।
- 2011: धारा 382 और 411; थाना सिटी फरीदकोट।
- 2016: आर्म्स एक्ट; थाना शाहकोट, जिला जालंधर।
- 2020: धारा 385, 511 और आर्म्स एक्ट; थाना सिटी फरीदकोट।
- 2022: NDPS एक्ट; थाना सदर जीरा, जिला फिरोजपुर।
- 2025: NDPS एक्ट, केस नंबर 19; थाना सदर जीरा।
- 2025: NDPS एक्ट, केस नंबर 65; थाना सदर जीरा।
पुलिस अब इस मामले से जुड़े फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। जांच का फोकस फायरिंग की पूरी साजिश, धमकी देने वालों और वारदात में शामिल दूसरे आरोपी की भूमिका पर है।
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