Jalandhar DC office Congress Protest : शहर के जिला प्रशासनिक परिसर (डीसी ऑफिस) के बाहर शुक्रवार को राजनीतिक पारा उस वक्त सातवें आसमान पर पहुंच गया, जब कांग्रेस पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नीतियों के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया।
प्रशासन की ओर से दफ्तर का मुख्य गेट पहले ही बंद कर दिया गया था और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था, जिससे मौके पर तनावपूर्ण माहौल बन गया। गुस्से में तमतमाए कई कार्यकर्ता बंद दरवाजों को फांदकर अंदर घुसने की कोशिश करने लगे, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी देर तक खींचतान चलती रही।
गेट बंद होने से भड़के कांग्रेसी, फांदने की कोशिश
प्रदर्शन की शुरुआत भले ही शांतिपूर्ण ढंग से हुई हो, लेकिन जैसे ही कार्यकर्ताओं ने डीसी दफ्तर के मुख्य गेट को अंदर से बंद पाया, उनका गुस्सा फूट पड़ा। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप लेना शुरू कर दिया। कई जोश से भरे कार्यकर्ता लोहे के ऊंचे गेट पर चढ़ गए और उसे पार करके अंदर जाने की जिद पर अड़ गए। इस दौरान प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। गेट पर चढ़े कार्यकर्ताओं की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो गए, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया।
पुलिस की मुस्तैदी से टला बड़ा टकराव
स्थिति की नजाकत को भांपते हुए मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल ने तुरंत मोर्चा संभाला। पुलिस अधिकारियों और जवानों ने बैरिकेडिंग और मानव श्रृंखला बनाकर कार्यकर्ताओं को गेट फांदने से सख्ती से रोका। खाकी की मुस्तैदी के चलते प्रदर्शनकारी परिसर के भीतर दाखिल होने में कामयाब नहीं हो पाए। पुलिस ने मुख्य द्वार के चारों ओर सुरक्षा घेरा मजबूत कर दिया था, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से निपटा जा सके। कड़े प्रतिरोध के बाद कार्यकर्ताओं को पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा।
शांतिपूर्ण धरने के बाद सौंपा ज्ञापन
गेट के बाहर रोके जाने के बाद कांग्रेसी नेताओं ने सूझबूझ का परिचय देते हुए संयम बरता और सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। नेताओं ने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए जमकर कोसा और कहा कि जनता की जायज मांगों को दबाने के लिए प्रशासन का दुरुपयोग किया जा रहा है। काफी देर तक चले इस ड्रामे के बाद प्रशासन ने बातचीत के रास्ते खोले। इसके बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और विधायकों—सुखविंदर कोटली, लाडी शेरोवालिया तथा राजिंदर बेरी के एक प्रतिनिधिमंडल ने भीतर जाकर प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात की। अधिकारियों को अपनी मांगों का विस्तृत ज्ञापन सौंपने के बाद ही यह प्रदर्शन समाप्त हुआ।

