Rajound Stray Dog Attack: नरेश कुमार, राजौंद। कैथल जिले के राजौंद कस्बे के पेगा मार्ग स्थित वार्ड नंबर 7 में आवारा और खूंखार कुत्तों का खौफ इस कदर बढ़ चुका है कि अब बेजुबान पशु भी इनके खूनी पंजों से सुरक्षित नहीं हैं। शुक्रवार रात पेगा मार्ग पर आवारा कुत्तों के एक झुंड ने पशुपालक सोनू और रवि के बाड़े में जमकर तांडव मचाया। बाड़े में बंधी चार बछड़ी और कटड़ी को कुत्तों ने इतनी बेरहमी से नोंच-नोंचकर मार डाला कि देखने वालों की रूह कांप गई। इस दर्दनाक घटना के बाद से पीड़ित पशुपालकों के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और उनका रो-रोकर बुरा हाल है।
पीड़ित पशुपालक रवि और सोनू ने भरे हुए गले से बताया कि वे मेहनत-मजदूरी करने के साथ-साथ गाय व भैंस पालकर दूध बेचने का काम करते हैं, जिससे उनके परिवार का बड़ी मुश्किल से गुजारा चलता है। शुक्रवार रात भी वे रोजमर्रा की तरह पशुओं को चारा डालकर बाड़े में बांधकर पास ही सोए हुए थे। सुबह करीब 3 बजे वे थोड़ी दूर स्थित अपने घर चाय पीने चले गए। लेकिन जब वे सुबह 5 बजे वापस लौटे, तो बाड़े का खौफनाक मंजर देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। चार-पांच आवारा कुत्ते उनकी बछड़ियों को नोंच-नोंच कर खा रहे थे। जैसे ही वे हाथ में डंडा लेकर कुत्तों की तरफ दौड़े, कुत्ते बाड़े की छोटी दीवार फांदकर रफूचक्कर हो गए। पीड़ितों ने बताया कि महज एक सप्ताह पहले भी इन्हीं खूंखार कुत्तों ने उनकी 3 बछड़ी-कटड़ी को इसी तरह मार डाला था। एक हफ्ते के भीतर यह दूसरी बड़ी वारदात है, जिससे उनका लाखों रुपये का नुकसान हो चुका है।
बाड़ों के बाद खेतों में भी तांडव, 2 भेड़ों को बनाया निवाला
कस्बे में आवारा कुत्तों का आतंक केवल पशुपालकों के बाड़ों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि खुले खेतों में भी इनका खौफ पूरी तरह पसरा हुआ है। भेड़पालक हैप्पी ने अपनी आपबीती बताते हुए बताया कि वह खेतों में अपनी करीब 15 भेड़ों को चराने के लिए ले गया था। भेड़ों को चरने के लिए छोड़कर वह कुछ दूरी पर एक पेड़ की छांव में सुस्ताने बैठ गया।
तभी अचानक भेड़ों के मिमियाने और चीखने की तेज आवाजें सुनाई दीं। जब वह घबराकर दौड़कर मौके पर पहुंचा, तो देखा कि 2 आवारा कुत्ते भेड़ों पर टूट पड़े थे और उन्हें बुरी तरह नोंच रहे थे। जब तक वह कुत्तों को भगा पाता, तब तक कुत्तों के इस हमले में दो भेड़ें बुरी तरह लहुलूहान हो चुकी थीं और उन्होंने मौके पर ही तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया।
नगरपालिका से आवारा कुत्तों को तुरंत पकड़ने की पुरजोर मांग
कस्बे में लगातार घट रही इन खौफनाक घटनाओं से गरीब पशुपालकों और आम जनता में भारी रोष और दहशत का माहौल व्याप्त है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर इन आदमखोर कुत्तों पर समय रहते नकेल नहीं कसी गई, तो वे जल्द ही छोटे बच्चों या राहगीरों को भी अपना शिकार बना सकते हैं।
पीड़ित पशुपालक सोनू, रवि और भेड़पालक हैप्पी समेत पूरे कस्बे के लोगों ने नगरपालिका प्रशासन और संबंधित उच्च अधिकारियों से जोरदार मांग की है कि इन खूंखार आवारा कुत्तों को तुरंत पकड़कर शहर की सीमा से बाहर छोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन जल्द से जल्द ठोस कदम उठाए, ताकि गरीब मवेशी पालकों को और अधिक आर्थिक बर्बादी से बचाया जा सके और किसी इंसान पर होने वाले संभावित जानलेवा हमले को भी समय रहते टटोला और रोका जा सके।
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