Kaithal News: टेलीग्राम पर बिटकॉइन में मोटे मुनाफे का लालच, कैथल के किसान से ₹1.14 लाख की साइबर ठगी

टेलीग्राम पर बिटकॉइन में मोटे मुनाफे का लालच
Kaithal News: साइबर अपराधियों का जाल अब गांवों तक तेज़ी से फैल रहा है। कैथल जिले के अगोंध गांव में एक किसान को क्रिप्टो करेंसी (बिटकॉइन) में पैसे लगाकर रातों-रात मोटा मुनाफा कमाने का सपना दिखाना भारी पड़ गया। पीड़ित चंद्रपाल सिंह राणा को झांसे में लेकर साइबर ठग ने ₹1,14,000 हड़प लिए। ठगी का अहसास तब हुआ जब पैसे ट्रांसफर होते ही आरोपी ने बातचीत के सभी सबूत मिटा दिए और मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया।
शिकायत के मुताबिक, अगोंध गांव निवासी चंद्रपाल सिंह राणा पेशे से किसान हैं। उनके मोबाइल नंबर से एसबीआई (खरकड़ा शाखा) और एचडीएफसी (अगोंध शाखा) के खाते लिंक हैं, जिन पर वे गूगल पे और फोन पे का इस्तेमाल करते हैं। बीते 10 अप्रैल को उनके टेलीग्राम ऐप पर बिटकॉइन में निवेश से जुड़ा एक प्रलोभन भरा मैसेज आया। मैसेज में कम समय में बड़ा फायदा कमाने का दावा किया गया था, जिसके बाद चंद्रपाल ने जिज्ञासावश उस पर ‘हेलो’ लिखकर भेज दिया।
नितिन’ बनकर की व्हाट्सएप कॉल, पैसे मिलते ही मिटाए सारे सबूत
मैसेज का जवाब देने के कुछ ही देर बाद पीड़ित के पास खुद को वित्तीय विशेषज्ञ बताने वाले ‘नितिन’ नाम के व्यक्ति की व्हाट्सएप कॉल आई। आरोपी ने फोन पर बड़े ही शातिराना ढंग से क्रिप्टो ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट का पूरा गणित समझाया। आरोपी के कहे अनुसार चंद्रपाल ने अपने दोनों बैंक खातों से अलग-अलग किस्तों में कुल ₹1,14,000 बताई गई डिजिटल आईडी/खातों में ट्रांसफर कर दिए।
जैसे ही रकम आरोपी के खाते में पहुंची, उसने अपनी चालाकी दिखाते हुए टेलीग्राम पर की गई सारी चैट और कॉल हिस्ट्री ‘क्लियर’ कर दी ताकि कोई साक्ष्य न बचे। इसके तुरंत बाद उसने पीड़ित का नंबर ब्लॉक कर दिया। जब पीड़ित ने दोबारा संपर्क साधने की कोशिश की, तो फोन नहीं लगा। खुद के साथ हुई धोखाधड़ी को भांपकर चंद्रपाल ने तुरंत साइबर पुलिस से न्याय की गुहार लगाई।
साइबर थाना पुलिस ने दर्ज किया केस, डिजिटल फु prints खंगाल रही टीम
शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
मामले की जानकारी देते हुए जांच अधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि पीड़ित किसान की शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। जिस नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई थी और जिन बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर किए गए हैं, उनका तकनीकी विश्लेषण (CDR और बैंक ट्रेल) किया जा रहा है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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