Kaithal News: कैथल में बैन के बावजूद धड़ल्ले से बिक रहा चाइनीज मांझा, डीसी अपराजिता ने दिए रेड के सख्त आदेश

कैथल में बैन के बावजूद धड़ल्ले से बिक रहा चाइनीज मांझा
Kaithal News: आसमान में तैरती रंग-बिरंगी पतंगों के पीछे कातिल चाइनीज मांझे का काला कारोबार कैथल शहर में थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिला प्रशासन ने राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों और बेजुबान पशु-पक्षियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस घातक डोर पर कड़ा प्रतिबंध लगा रखा है। लेकिन हकीकत यह है कि प्रशासनिक बंदिशों को ठेंगा दिखाते हुए शहर के बाजारों में सिंथेटिक और नायलॉन के धागे धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं।
30 अगस्त 2026 तक लागू हैं कड़े प्रतिबंधत्मक आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए कैथल की उपायुक्त (डीसी) अपराजिता ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत जिलेभर में चाइनीज मांझे की बिक्री, भंडारण और इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। ये आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हैं और आगामी 30 अगस्त 2026 तक प्रभावी रहेंगे। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि कागजों पर जारी हुए सख्त फरमान के बाद भी बाजारों में चोरी-छिपे यह जानलेवा मांझा खपाया जा रहा है।
दोपहिया वाहन चालकों और परिंदों के लिए काल बन रही डोर
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं—राजू डोहर, प्रवीन शर्मा, रामसिंह, राजकुमार, सतवीर सिंह और राकेश—ने इस लापरवाही पर गहरा रोष जताया है। उनका कहना है कि शहर की सड़कों पर गुजरने वाले दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह मांझा साक्षात काल बनकर मंडरा रहा है। आए दिन गर्दन और चेहरे कटने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसके अलावा बिजली के तारों में उलझे इस सिंथेटिक धागे से बेजुबान पक्षी रोज उलझकर जान गंवा रहे हैं। दुकानदारों ने भी पुलिस-प्रशासन से बचने का नया तरीका निकाल लिया है; पतंगे तो दुकानों के बाहर सजाई जाती हैं, लेकिन चाइनीज रीलें अंदर छिपाकर ग्राहकों को दी जा रही हैं।
डीसी के कड़े तेवर, नगर आयुक्त व एसपी को दिए औचक निरीक्षण के निर्देश
प्रशासनिक लापरवाही की उठती आवाजों के बीच डीसी अपराजिता ने पुलिस अधीक्षक (एसपी), सभी एसडीएम और नगर निगम अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। कैथल नगर आयुक्त को विशेष रूप से जिम्मेदारी दी गई है कि वे हर हफ्ते शहर के पतंग और मांझा विक्रेताओं की दुकानों पर औचक निरीक्षण (सरप्राइज चेकिंग) करवाएं। डीसी ने साफ़ कर दिया है कि आदेशों की अनदेखी करने वाले दुकानदारों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 223 के तहत सीधी एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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