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Kaithal News: ढांड के सीवरेज पानी पर चंदलाना में भारी बवाल, ग्रामीणों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी, डीसी को भेजा ज्ञापन

Kaithal News: ढांड के सीवरेज पानी पर चंदलाना में भारी बवाल, ग्रामीणों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी, डीसी को भेजा ज्ञापन

ढांड के सीवरेज पानी पर चंदलाना में भारी बवाल, ग्रामीणों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी, डीसी को भेजा ज्ञापन

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AAmandeep Singh

Kaithal News: (नरेश ढांडा) कैथल जिले के गांव ढांड में बिछाई गई सीवरेज लाइन के गंदे पानी की निकासी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का पानी गांव चंदलाना के रास्ते ड्रेन तक ले जाने की योजना का चंदलाना निवासियों ने खुलकर विरोध शुरू कर दिया है। इस फैसले से भड़के ग्रामीणों ने गांव के सरपंच की अध्यक्षता में आपात ग्राम सभा बुलाई और इसके बाद कार्यस्थल पर पहुंचकर विभाग व हरियाणा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि यदि विभाग ने जबरन चंदलाना गांव के रास्ते गंदे पानी की पाइपलाइन निकालने की कोशिश की, तो वे इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे और इसके खिलाफ सड़क पर उतरेंगे।

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स्वीकृत रूट बदलने पर उठे सवाल: ‘पहले चूहड़माजरा से पास हुआ था एस्टीमेट’

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने जन स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, चूहड़माजरा बीडीपीओ कार्यालय के समीप स्थापित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से शोधित व गंदे पानी की निकासी के लिए मूल रूप से चूहड़माजरा गांव से होते हुए फरल ड्रेन तक पाइपलाइन बिछाने का प्रस्ताव मंजूर हुआ था। विभाग की ओर से इस रूट का बाकायदा एस्टीमेट भी पास किया जा चुका था।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पहले से मंजूर और छोटे रूट को दरकिनार कर अब प्रशासनिक दबाव में चंदलाना गांव से पाइपलाइन निकालने की तैयारी की जा रही है। ग्रामीणों ने सवाल पूछा कि जब चूहड़माजरा का रूट दूरी में कम और पहले से स्वीकृत था, तो अचानक इसका नक्शा और योजना क्यों बदली गई?

लीकेज और महामारी की आशंका से सहमे ग्रामीण

चंदलाना के ग्रामीणों ने आशंका जताई कि सीवरेज पाइपलाइन में भविष्य में किसी भी तरह की लीकेज या ओवरफ्लो होने की स्थिति में गंदा पानी पूरे गांव की गलियों, नालियों और मुख्य रास्तों पर भर जाएगा। इससे न केवल गांव का पर्यावरण दूषित होगा, बल्कि ग्रामीणों के सामने गंभीर स्वास्थ्य संकट और संक्रामक महामारियां फैलने का खतरा पैदा हो जाएगा।

ग्रामीणों ने जन स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि किसी भी नए प्रयोग के बजाय पहले से स्वीकृत मूल ड्राइंग और प्रस्ताव के आधार पर ही पाइपलाइन का काम पूरा कराया जाए।

थाना प्रभारी को सौंपा ज्ञापन, विधायक को भी दी प्रति

विरोध प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल ढांड थाने पहुंचा। वहां सरपंच की अगुवाई में ग्रामीणों ने थाना प्रभारी शक्ति सिंह (उपस्थित सब-इंस्पेक्टर गगनदीप सिंह) को जिला उपायुक्त (DC) कैथल के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि चंदलाना से सीवरेज लाइन निकालने के फैसले पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाई जाए। इसके साथ ही एक ज्ञापन की प्रति पुंडरी हलका विधायक सतपाल जांबा को भी भेजी गई है।

विभागीय पेच: चूहड़माजरा के विरोध से बदला रूट, बढ़ेगा सरकारी खर्च

इस पूरे मामले में जन स्वास्थ्य विभाग की अपनी लाचारी सामने आ रही है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, एसटीपी से फरल ड्रेन तक पानी पहुंचाने के लिए चूहड़माजरा वाला रूट सबसे छोटा और किफायती था। लेकिन वहां के ग्रामीणों के कड़े विरोध के कारण विभाग को विवश होकर वैकल्पिक रूट के तौर पर चंदलाना का चयन करना पड़ा।

हालांकि, चंदलाना के रास्ते ड्रेन तक जाने में पाइपलाइन की लंबाई दोगुनी से भी ज्यादा हो जाएगी, जिससे इस परियोजना पर सरकार को भारी-भरकम अतिरिक्त बजट खर्च करना पड़ेगा।

अधिकारी का बयान:

“सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के पानी की निकासी के लिए पहले चूहड़माजरा होकर ड्रेन का एस्टीमेट मंजूर हुआ था। चूहड़माजरा के ग्रामीणों के विरोध के कारण रूट बदलना पड़ा। अब चंदलाना के ग्रामीण भी विरोध कर रहे हैं। मामले की उच्च अधिकारियों को जानकारी दे दी गई है और स्थिति के अनुसार आगे की नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”

— जगदीश, एसडीओ, जन स्वास्थ्य विभाग

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