September 17, 2026

Kaithal News: कैथल में उदयपुर-चंडीगढ़ सुपरफास्ट ट्रेन का इंजन फेल, 4 घंटे बीच रास्ते फंसी रही ट्रेन

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Kaithal News: कैथल में उदयपुर-चंडीगढ़ सुपरफास्ट ट्रेन का इंजन फेल, 4 घंटे बीच रास्ते फंसी रही ट्रेन

कैथल में उदयपुर-चंडीगढ़ सुपरफास्ट ट्रेन का इंजन फेल

Kaithal News: कुरुक्षेत्र-जींद रेल खंड पर वीरवार तड़के एक बड़ा तकनीकी व्यवधान सामने आया, जब राजस्थान के उदयपुर सिटी से चंडीगढ़ की ओर जा रही सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन (19717) का इंजन कैथल के शक्तिनगर फाटक के पास अचानक ठप्प पड़ गया। सुबह करीब 6:40 बजे जैसे ही ट्रेन शक्तिनगर रेलवे फाटक के पास पहुंची, इंजन में अचानक पावर फेलियर हो गया और ट्रेन झटके के साथ वहीं रुक गई। लोको पायलट ने पावर रीस्टार्ट करने की काफी कोशिश की, लेकिन इंजन चालू नहीं हो सका।

घंटों परेशान होते रहे यात्री, फाटक पर लगा रहा जाम

ट्रेन रुकते ही बोगियों में सवार यात्रियों में हड़कंप मच गया। सुबह-सुबह चंडीगढ़, अंबाला और कुरुक्षेत्र में अपने दफ्तरों और कॉलेजों के लिए निकले दैनिक यात्रियों की उम्मीदों पर पानी फिर गया। गर्मी और उमस के बीच यात्री करीब चार घंटे तक ट्रेन चलने का इंतजार करते रहे, लेकिन कोई ठोस जानकारी न मिलने से उनकी चिंता बढ़ती चली गई। वहीं, शक्तिनगर फाटक पर ट्रेन खड़ी रहने की वजह से आसपास के रास्तों पर भी वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

सिंगल रेल लाइन के कारण कैथल-दिल्ली पैसेंजर भी फंसी

कैथल से कुरुक्षेत्र और जींद के बीच सिंगल ब्रॉडगेज रेल लाइन होने के कारण एक ट्रेन के खराब होने का खामियाजा अन्य ट्रेनों को भी भुगतना पड़ा। कैथल रेलवे स्टेशन से सुबह रवाना होने वाली कैथल-दिल्ली पैसेंजर ट्रेन को भी करीब एक घंटे तक स्टेशन पर ही रोककर रखना पड़ा। ट्रैक बाधित होने से कुरुक्षेत्र की ओर जाने वाले अन्य रेल यात्रियों का शिड्यूल भी पूरी तरह बिगड़ गया। कई यात्री स्टेशन से उतरकर निजी बसों और टैक्सियों का सहारा लेने को मजबूर हुए।

दूसरा इंजन मंगवाकर कराया गया परिचालन बहाल

मामले की जानकारी देते हुए कैथल के स्टेशन मास्टर दिनेश ने बताया कि उदयपुर-चंडीगढ़ सुपरफास्ट ट्रेन में अचानक पावर फेलियर हो गया था। कैथल में अतिरिक्त इंजन की व्यवस्था न होने और सिंगल लाइन ट्रैक होने की वजह से दूसरी ट्रेनों का आवागमन प्रभावित हुआ। रेलवे कंट्रोल रूम को सूचना देकर तुरंत दूसरा रिलीफ इंजन मंगवाया गया। करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद जब दूसरा इंजन ट्रेन से जोड़ा गया, तब जाकर ट्रेन को आगे चंडीगढ़ के लिए रवाना किया जा सका।

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