Karnal News: मुनीश मुंडे, करनाल। हरियाणा के करनाल जिले के रिंडल गांव में जमीन और फसल के विवाद ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। खेत में धान की फसल जबरन काटने का विरोध करने पर बेरहमी से पीटे गए बीएसएनएल के 65 वर्षीय सेवानिवृत्त क्लर्क रामेश्वर की उपचार के दौरान मौत हो गई। इस मौत के बाद गांव में तनाव का माहौल गहरा गया है और गुस्से में आए परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने या उठाने से साफ इनकार कर दिया है। परिजन और ग्रामीण आरोपियों के एनकाउंटर और फांसी की सजा की मांग को लेकर अंबेडकर चौक पर धरने और विरोध प्रदर्शन पर उतर आए हैं, जिससे पुलिस प्रशासन में भी हड़कंप मच गया है।
अंबेडकर चौक पर प्रदर्शन, डीएसपी ने संभाला मोर्चा
मंगलवार को जैसे ही रामेश्वर की मौत की खबर परिजनों तक पहुंची, उनका गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीण और परिजन शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन करने की नीयत से अंबेडकर चौक की तरफ बढ़ गए। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए डीएसपी नायब सिंह और कई थानों की पुलिस फोर्स तुरंत मौके पर पहुंच गई। पुलिस अधिकारियों ने सड़क पर जाम लगाने की कोशिश कर रहे परिजनों को समझा-बुझाकर एक तरफ किया और उन्हें शांत करने का प्रयास किया। हालांकि, परिजन अपनी मांग पर अड़े हुए हैं और उनका कहना है कि जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई नहीं होती, वे पीछे नहीं हटेंगे।
साढ़े 10 किल्ले जमीन और धान की कटाई बना खूनी विवाद
मृतक के भतीजे सोनू ने जानकारी देते हुए बताया कि रामेश्वर करीब पांच साल पहले बीएसएनएल से क्लर्क के पद से रिटायर हुए थे। इसके बाद उन्होंने अपने खेत में एक मंदिर का निर्माण करवा लिया था और अधिकांश समय पूजा-पाठ में बिताते थे। परिवार के पास करीब साढ़े 10 किल्ले जमीन है, जिसे लेकर दूसरे पक्ष के साथ पुराना विवाद चल रहा था।
बीती 11 अक्टूबर को रामेश्वर के बेटे ओमदत्त ने उन्हें फोन कर सूचना दी थी कि कुछ लोग खेत में कंबाइन उतारकर जबरन धान की फसल काट रहे हैं। सूचना मिलते ही रामेश्वर अपने बेटे और अन्य साथियों के साथ खेत पहुंचे। आरोप है कि वहां घात लगाकर बैठे लोगों ने गन्ने के खेतों से निकलकर पिता-पुत्र पर कुल्हाड़ियों, फरसों और लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस खूनी संघर्ष में दोनों पिता-पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गए थे, और आखिरकार 16 दिन तक जिंदगी और मौत के बीच जूझने के बाद रामेश्वर ने दम तोड़ दिया।
वीडियो आया सामने, पुलिस कर रही आरोपियों की तलाश
इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया था, जिसे परिजनों ने कार के भीतर से रिकॉर्ड किया था। वीडियो में कुछ नकाबपोश हमलावर लाठी-डंडों और हथियारों से लैस होकर गाड़ियों और पीड़ितों पर वार करते नजर आ रहे हैं। परिजनों का कहना है कि उन्होंने यह वीडियो और तमाम सबूत पुलिस को सौंप दिए हैं। डीएसपी नायब सिंह ने बताया कि इस मामले में शुरुआत में ही 8 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की जा चुकी है, जिनमें से दो आरोपियों को पुलिस दबोच चुकी है। बाकी बचे आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। फिलहाल पुलिस अधिकारी शोकाकुल परिवार को समझाने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।
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