kot kapura में 21 हजार किलो से ज्यादा संदिग्ध मिलावटी घी जब्त

kot kapura में 21 हजार किलो से ज्यादा संदिग्ध मिलावटी घी जब्त
kot kapura : पंजाब में त्योहारों के सीजन और आम दिनों में मिलावटखोरी के खिलाफ चलाए जा रहे कड़े अभियानों के बीच स्वास्थ्य विभाग को एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। फरीदकोट और मानसा जिलों की हेल्थ डिपार्टमेंट की ज्वाइंट टीमों ने गुप्त सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए कोटकपूरा के फोकल पॉइंट इलाके में एक संदिग्ध ट्रक को धर दबोचा।
तलाशी ली गई तो अधिकारियों के होश उड़ गए, क्योंकि इस ट्रक के भीतर भारी मात्रा में घटिया और संदिग्ध मिलावटी घी भरा हुआ था, जिसका वजन कुल 21,550 किलोग्राम आंका गया है।
लैब रिपोर्ट के बाद तय होगी आगे की कानूनी कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल सर्जन फरीदकोट डॉ. रमनदीप सिंगला ने दो टूक शब्दों में कहा है कि आम जनता की सेहत और जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा। फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट की टीम ने मौके पर ही मुस्तैदी दिखाते हुए घी के जरूरी सैंपल सील कर लिए हैं और उन्हें तुरंत जांच के लिए सरकारी फूड लैब, खरड़ रवाना कर दिया गया है।
लैब से जैसे ही आधिकारिक टेस्ट रिपोर्ट सामने आएगी, उसके आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी धाराएं जोड़ी जाएंगी। सुरक्षा के मद्देनजर फिलहाल इस संदिग्ध ट्रक को फरीदकोट पुलिस की कस्टडी में सुरक्षित खड़ा करवा दिया गया है।
दो जिलों के तालमेल से नाकाम हुआ मिलावट का खेल
इस पूरी साझा कार्रवाई के पीछे फरीदकोट और मानसा प्रशासन का बेहतरीन आपसी तालमेल काम आया। ज्वाइंट कमिश्नर फूड सेफ्टी पंजाब अमित जोशी और मानसा के सिविल सर्जन डॉ. रंजीत राय ने संयुक्त बयान में बताया कि दोनों जिलों के अधिकारियों की इस मुस्तैदी से मिलावट का काला कारोबार चलाने वालों के मंसूबे धरे के धरे रह गए हैं।
अधिकारियों ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट के नियमों को ताक पर रखकर जनता की सेहत से खेलने वालों के खिलाफ विभाग का यह अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी को रियायत नहीं मिलेगी।
आम जनता के लिए स्वास्थ्य विभाग की जरूरी अपील
प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों से भी सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि बाजार से खाने-पीने का कोई भी सामान खरीदते समय उसकी पैकेजिंग, मैन्युफैक्चरिंग लेबल और एक्सपायरी डेट की जांच जरूर करें।
यदि कहीं भी मिलावट या किसी संदिग्ध वस्तु का शक पैदा हो, तो तुरंत इसकी सूचना फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट को दी जानी चाहिए। इस सफल रेड में ज्वाइंट कमिश्नर अमित जोशी के साथ फूड सेफ्टी ऑफिसर अमरिंदर पाल सिंह (मानसा), नवदीप चहल (फरीदकोट) और असिस्टेंट फूड ब्रांच फरीदकोट के त्रिलोक सिंह की टीमें भी पूरी मुस्तैदी के साथ शामिल रहीं।
Gulzar Singh Suicide : Raja Warring का सरकार पर आरोप-गुलजार के परिवार से नौकरी के नाम पर धोखा हुआ
