Haryana News: कुमारी सैलजा का सरकार पर हमला, सफाई कर्मचारियों से वादाखिलाफी भारी, शहरों में लगे कचरे के ढेर

कुमारी सैलजा का सरकार पर हमला, सफाई कर्मचारियों से वादाखिलाफी भारी, शहरों में लगे कचरे के ढेर
Haryana News: सिरसा लोकसभा सीट से सांसद कुमारी सैलजा ने मीडिया को जारी एक बयान में प्रदेश सरकार की नीतियों और कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी समाज का वह वर्ग हैं जो हमारी सेहत और स्वच्छता की जिम्मेदारी निभाते हैं, लेकिन सरकार उनके साथ लगातार छलावा कर रही है। बैठकों और समझौतों के दौरान जो वादे सफाई कर्मचारियों से किए गए थे, उन्हें केवल फाइलों और घोषणाओं तक सीमित रखा गया है। सरकार की इसी टालमटोल की वजह से मजबूरन कर्मचारियों को हड़ताल पर जाना पड़ा है।
कचरे के ढेर से फैल रहा बीमारी का डर, सरकार तुरंत निकाले हल
सांसद ने चेताया कि सफाई कर्मचारियों की इस अनिश्चितकालीन हड़ताल का सीधा असर प्रदेश की आम जनता पर पड़ रहा है। सिरसा समेत हरियाणा के तमाम छोटे-बड़े शहरों में सड़कों, गलियों और मुख्य बाजारों में गंदगी व कचरे के पहाड़ खड़े हो गए हैं, जिससे संक्रामक बीमारियां फैलने का संकट मंडरा रहा है। सैलजा ने मांग की कि सरकार अहंकार छोड़कर सफाई कर्मचारियों की मांगों का सम्मानजनक हल निकाले, हड़ताल खत्म कराए और युद्धस्तर पर सफाई अभियान चलाकर प्रदेशवासियों को राहत दिलाए।
जाखल ओवरब्रिज निर्माण से किसान-व्यापारी बेहाल, रेल मंत्री को लिखा पत्र
सफाई कर्मचारियों के मुद्दे के साथ ही सांसद सैलजा ने फतेहाबाद जिले के जाखल क्षेत्र की बदहाल स्थिति पर भी केंद्र सरकार का ध्यान खींचा है। उन्होंने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र भेजकर जाखल मंडी और जाखल शहर को जोड़ने वाले रेलवे ओवरब्रिज और अंडरब्रिज के धीमी गति से चल रहे निर्माण कार्य पर चिंता जताई। सैलजा ने कहा कि लंबे समय से रास्ते बंद होने के कारण स्थानीय व्यापारियों, किसानों, आढ़तियों, मजदूरों और स्कूली बच्चों की दैनिक आवाजाही बुरी तरह ठप्प हो गई है।
वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था और नियमित मॉनिटरिंग की मांग
रेल मंत्री को भेजे अपने पत्र में कुमारी सैलजा ने मांग की कि जब तक इस ओवरब्रिज और अंडरब्रिज का निर्माण पूरा नहीं हो जाता, तब तक रेलवे प्रशासन जाखल शहर और अनाज मंडी के बीच सुरक्षित अस्थायी या वैकल्पिक रास्ते की तुरंत व्यवस्था करे। इसके साथ ही उन्होंने मांग उठाई कि इस प्रोजेक्ट की कछुआ चाल को देखते हुए इसकी नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए जाएं, ताकि परियोजना बिना वजह अटकी न रहे और लोगों को इस समस्या से जल्द से जल्द स्थायी मुक्ति मिल सके।
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