Breaking News
Omar Abdullah Marriage: उमर अब्दुल्ला और निधि राजदान ने शुरू किया नया सफर, सोशल मीडिया पर शेयर की तस्वीरेंNarnaul News: त्योहारी सीजन में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई तेज, आठ मिठाइयों के नमूने लिए1 November Rashifal: नवंबर के पहले दिन कर्क राशि में बनेगा महाधन योग, जानिए सभी 12 राशियों का भविष्यफलPanipat Factory Fire: पानीपत में फिर दहला औद्योगिक इलाक, बलाना गांव की कंबल फैक्ट्री में लगी भीषण आगGurugram Car Stunt: गुरुग्राम में क्रेटा सवार युवकों का खौफनाक हुड़दंग, सनरूफ से बाहर निकलकर मचाया उत्पात, महिला-बच्चों से बदतमीजीOmar Abdullah Marriage: उमर अब्दुल्ला और निधि राजदान ने शुरू किया नया सफर, सोशल मीडिया पर शेयर की तस्वीरेंNarnaul News: त्योहारी सीजन में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई तेज, आठ मिठाइयों के नमूने लिए1 November Rashifal: नवंबर के पहले दिन कर्क राशि में बनेगा महाधन योग, जानिए सभी 12 राशियों का भविष्यफलPanipat Factory Fire: पानीपत में फिर दहला औद्योगिक इलाक, बलाना गांव की कंबल फैक्ट्री में लगी भीषण आगGurugram Car Stunt: गुरुग्राम में क्रेटा सवार युवकों का खौफनाक हुड़दंग, सनरूफ से बाहर निकलकर मचाया उत्पात, महिला-बच्चों से बदतमीजी

Kurukshetra News: ज्योतिसर में पवित्र वट वृक्ष पर धागा बांधने पर रोक, आस्था बचाने के लिए लगेगा 10 फीट ऊंचा पीतल का ‘गीता ज्ञान स्तंभ’

Kurukshetra News: ज्योतिसर में पवित्र वट वृक्ष पर धागा बांधने पर रोक, आस्था बचाने के लिए लगेगा 10 फीट ऊंचा पीतल का 'गीता ज्ञान स्तंभ'

ज्योतिसर में पवित्र वट वृक्ष पर धागा बांधने पर रोक

AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION
GGaganpreet Kaur

Kurukshetra News: ज्योतिसर। धर्मनगरी कुरुक्षेत्र की एतिहासिक एवं आध्यात्मिक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड (KDB) ने एक बड़ा और प्रशंसनीय निर्णय लिया है। श्रीमद्भगवद्गीता की अमर जन्मस्थली ज्योतिसर तीर्थ स्थित अति प्राचीन एवं पवित्र वट वृक्ष को नुकसान से बचाने के लिए अब उस पर मन्नत का धागा बांधने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। हालांकि, देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सदियों पुरानी आस्था और परंपरा पर कोई ठेस न पहुंचे, इसके लिए केडीबी ने एक अनोखा और व्यावहारिक विकल्प तलाशा है।

अब तीर्थ परिसर में ही एक विशेष ‘पीतल का गीता ज्ञान स्तंभ’ स्थापित किया जाएगा, जहां श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूरी होने की आस में मन्नत का धागा बांध सकेंगे।

विज्ञापन

कैसा होगा पीतल का ‘गीता ज्ञान स्तंभ’?

केडीबी द्वारा तैयार की जा रही योजना के अनुसार, यह विशेष स्तंभ करीब 10 फीट ऊंचा और 6 इंच व्यास (डायमीटर) का होगा, जिसे पूरी तरह से शुद्ध पीतल से निर्मित किया जाएगा। स्तंभ को धार्मिक व पौराणिक स्वरूप देने के लिए इस पर कुरुक्षेत्र के रणप्रांगण में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को गीता उपदेश देते हुए दिव्य रथ का आकर्षक चित्र उकेरा जाएगा। वहीं, इस ज्ञान स्तंभ के सबसे ऊपरी हिस्से (शीर्ष) पर पवनपुत्र हनुमान जी की पावन ध्वजा (बजरंग बली की पताका) स्थापित की जाएगी।

केडीबी का मानना है कि इस स्तंभ के स्थापित होने के बाद श्रद्धालुओं को अपनी धार्मिक आस्था प्रकट करने का एक पवित्र स्थान भी मिल जाएगा और सदियों पुराने वट वृक्ष को धागों के दबाव व घर्षण से होने वाले नुकसान से भी स्थायी मुक्ति मिल जाएगी।

हजारों साल पुरानी परंपरा, लेकिन वृक्ष की सेहत पर बढ़ रही थी चिंता

उल्लेखनीय है कि ज्योतिसर तीर्थ का यह वही पवित्र वट वृक्ष माना जाता है, जिसके साये में द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण ने मोहग्रस्त अर्जुन को श्रीमद्भगवद्गीता का निष्काम कर्मयोग का ज्ञान दिया था। यही वजह है कि भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी आने वाले श्रद्धालु इस वृक्ष को नमन करते हैं और अपनी मन्नत पूरी होने की कामना के साथ इसके तने और टहनियों पर धागा बांधते हैं।

हालाँकि, हजारों सालों से जारी इस परंपरा और निरंतर लाखों धागे बांधे जाने के कारण वट वृक्ष की छाल, प्राकृतिक संरचना और उसके संरक्षण को लेकर वन विशेषज्ञों और पर्यावरणविदों की चिंताएं लगातार बढ़ रही थीं। अत्यधिक धागे लपेटे जाने से वृक्ष के तने में नमी जमा हो रही थी और हवा तथा धूप का प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो रहा था।

मुख्यमंत्री नायब सैनी ने जताई थी चिंता, बोर्ड के प्रस्ताव को दी हरी झंडी

पवित्र वट वृक्ष के घटते आयुकाल और धागों से हो रहे नुकसान का संज्ञान खुद हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी लिया था। मुख्यमंत्री ने इसके वैज्ञानिक संरक्षण और श्रद्धालुओं की आस्था के बीच संतुलन बनाए रखने का निर्देश दिया था। इसके बाद कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ने पीतल का विकल्प स्तंभ स्थापित करने का खाका तैयार किया, जिसे मुख्यमंत्री की ओर से भी त्वरित स्वीकृति मिल गई है।

प्रशासनिक स्तर पर स्तंभ के निर्माण और स्थापना की कागजी व तकनीकी प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है। जल्द ही यह भव्य ‘गीता ज्ञान स्तंभ’ श्रद्धालुओं को समर्पित कर दिया जाएगा, जिसके बाद वट वृक्ष को पूरी तरह से धागा-मुक्त कर इसके प्राकृतिक संरक्षण की वैज्ञानिक प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

यह भी पढ़ें– कुरुक्षेत्र आयुष विश्वविद्यालय में क्लर्क, स्टाफ नर्स और फार्मासिस्ट के 60 पदों पर भर्ती, 30 जुलाई से करें ऑनलाइन आवेदन

ख़बर पसंद आई? शेयर करें
विज्ञापन

कुरुक्षेत्र की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।